BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RELIGION SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS BIG MEMSAAB 2017 BUDGET 2017 FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES Mahakal Ke Darshan
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
N
W
T
logo
Breaking News

निशानेबाजों में निराशा

Thursday - April 19, 2018 4:34 pm , Category : WTN HINDI
2022 के राष्ट्रमण्डल खेलों में नहीं होंगी निशानेबाजी की प्रतियोगिताएं !
2022 के राष्ट्रमण्डल खेलों में नहीं होंगी निशानेबाजी की प्रतियोगिताएं !

2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमण्डल खेलों में निशानेबाजी की प्रतियोगिताएं नहीं होंगी, इससे भारतीय निशानेबाजों में निराशा छाई हुई है। भारत के शीर्ष निशानेबाज जीतू राय के मुताबिक 2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमण्डल खेलों में निशानेबाजी के खेलों को शामिल नहीं करने से भारत के युवा निशानेबाजों में निराशा फैली हुई है।

जीतू राय की बात सही भी है। क्योंकि निशानेबाजी में भारत का प्रदर्शन ओलम्पिक से लेकर सैफ खेलों तक में अच्छा रहा है। ओलम्पिक में भारत को व्यक्तिगत स्पर्धा में अभी तक का एकमात्र स्वर्णपदक निशानेबाजी में ही अभिनव बिन्द्रा ने दिलाया है। वहीं बात करें राष्ट्रमण्डल खेलों की तो निशानेबाजी में भारतीय दल ने इस बार शानदार प्रदर्शन किया है।  अभी सम्पन्न हुए राष्ट्रमण्डल खेलों में भारत ने सात स्वर्ण पदक, चार रजत पदक और पांच कांस्य पदक जीते हैं। जिसके चलते भारत इन खेलों की मैडल टैली में तीसरे स्थान पर रहा।

यदि 2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमण्डल खेलों में निशानेबाजी को हटा दिया जाता है तो निशानेबाजों का निराश होना स्वाभाविक है। निशानेबाजी के दम पर ही भारत ने हमेशा राष्ट्रमण्डल खेलों में पदक तालिका में अच्छा स्थान हासिल किया है। लेकिन यदि अगले राष्ट्रमण्डल खेलों में निशानेबाजी शामिल नहीं है तो निश्चित तौर पर भारत के पदकों की संख्या कम होगी।
जानकारी के मुताबिक NRAI(नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इण्डिया) ने कहा है कि यदि 2022 के राष्ट्रमण्डल खेलों में निशानेबाजी को शामिल नहीं किया जाता है तो भारत को इन खेलों का बहिष्कार करना चाहिए। निशानेबाजी से मिलने वाले पदकों की संख्या को देखते हुए भारत सरकार को भी आयोजन समिति पर दबाव बनाना चाहिए कि 2022 के राष्ट्रमण्डल खेलों में निशानेबाजी को शामिल किया जाए।

राष्ट्रमण्डल के देशों में भारत की अलग साख और हैसियत है, ऐसे में भारत सरकार को अपने हर स्तर पर यह कोशिश करना चाहिए कि निशानेबाजी की प्रतियोगिताएं 2022 के राष्ट्रमण्डल खेलों में शामिल की जाएं। और यदि ऐसा नहीं होता है तो फिर 2022 के राष्ट्रमण्डल खेलों के बहिष्कार का भी विकल्प खुला रखना चाहिए।

भारतीय निशानेबाजों ने अपने दमखम से राष्ट्रमण्डल खेलों में देश का सम्मान बढ़ाया है तो ऐसे में पूरे देश को इन खिलाड़ियों के साथ खड़ा होना चाहिए और भारत सरकार पर दबाव बनाना चाहिए कि निशानेबाजी को आने वाले राष्ट्रमण्डल खेलों में शामिल करने के लिए अपने स्तर पर पूरा प्रयास करे और यदि प्रयास सफल नहीं होता है तो खेलों का बहिष्कार तक किया जाए।
Leave a Comment
* Name
* Email (will not be published)
*
* - Required fields