BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RELIGION SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS BIG MEMSAAB 2017 BUDGET 2017 FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES Mahakal Ke Darshan
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
N
W
T
logo
Breaking News

जानिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक के ‘उद्देश्य’ और ‘कामों’ में अंतर

Thursday - July 5, 2018 1:18 pm , Category : WTN HINDI

क्योंकि आपका जानना जरूरी है...

JULY 05 (WTN) - आपने कई बार अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक के बारे में सुना होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों के ‘उद्देश्य’ और ‘कामों’ में काफी अंतर है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष का काम मुख्य रूप से विनिमय दर को स्थिर करना है, तो वही विश्व बैंक का लक्ष्य दुनिया से गरीबी को कम करना है। इन दोनों संगठनों की स्थापना साल 1945 में ब्रेटन वुड्स समझौते के एक हिस्से के रूप में हुई थी। आइये आपको बताते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक के ‘उद्देश्य’ और ‘कामों’ में क्या अंतर है।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष

सबसे पहले आपको बताते हैं कि आखिर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष का काम क्या है। दरअसल, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ‘मौद्रिक सहयोग’ को बढ़ावा देने का काम अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष का है। इतना ही नहीं किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के निर्माण और रखरखाव की सुविधा के लिए ‘सलाह’ और ‘सहायता’ प्रदान करना भी अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के कामों में प्रमुख है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष भी ऋण प्रदान करता है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के मुख्य उद्देश्यों में एक है, एक स्थायी संस्था के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक सहयोग को बढ़ावा देना। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के ‘विस्तार’ एवं ‘संतुलित विकास’ को प्रोत्साहित करना भी अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष का काम है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष केवल ‘नीति सुधार कार्यक्रमों’ के लिए ही ऋण देता है। जहां विश्व बैंक विकासशील देशों को ऋण देता है, वहीं अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के संसाधनों का इस्तेमाल निर्धन राष्ट्रों के साथ-साथ धनी देश भी कर सकते हैं।

विश्व बैंक

विश्व बैंक का उद्देश्य विकासशील देशों में ‘दीर्घकालिक आर्थिक विकास’ और ‘गरीबी’ को कम करना है। आपकी जानकारी के लिए बता दें विश्व बैंक सदस्य देशों को तकनीकी और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के द्वारा इसे पूरा करता है। विश्व बैंक की सहायता से जरूरतमंद देशों में अक्षम आर्थिक क्षेत्रों में सुधार और विशिष्ट परियोजनाओं को लागू करने में सहायता मिलती है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विश्व बैंक ऋण देने वाली एक ऐसी संस्था है जिसका उद्देश्य विभिन्न देशों की अर्थ व्यवस्थाओं को एक व्यापक विश्व अर्थ व्यवस्था में शामिल करना और विकासशील देशों में ग़रीबी उन्मूलन के प्रयास करना है। विश्व बैंक ‘नीति सुधार कार्यक्रमों’ और ‘परियोजनाओं’ दोनों के लिए ऋण देता है।
Leave a Comment
* Name
* Email (will not be published)
*
* - Required fields