BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RELIGION SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS BIG MEMSAAB 2017 BUDGET 2017 FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES Mahakal Ke Darshan
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
N
W
T
logo
Breaking News

मध्य प्रदेश में बढ़ सकती हैं इसी सत्र से एमबीबीएस की सीटें, तीन मेडिकल कॉलेजों को मिल सकती है मान्यता

Tuesday - July 10, 2018 12:46 pm , Category : WTN HINDI

मध्य प्रदेश में इसी सत्र से बढ़ सकती हैं एमबीबीएस की 400 सीटें

JULY 10 (WTN) - मध्य प्रदेश में इसी सत्र से MBBS की 400 सीटें बढ़ सकती हैं। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) विदिशा, रतलाम और खंडवा मेडिकल कॉलेज का फिर से निरीक्षण करेगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश शासन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने MBBS की दूसरे चरण की काउंसलिंग के पहले इन कॉलेजों का निरीक्षण करने के निर्देश एमसीआई को दिए हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि संसाधनों की कमी के चलते इन मेडिकल कॉलेजों को मान्यता देने से एमसीआई ने मना कर दिया था। मध्य प्रदेश शासन ने इस साल सात नए मेडिकल कॉलेजों में MBBS कोर्स शुरू करने के लिए आवेदन किया था। लेकिन एमसीआई ने पहले दौर के निरीक्षण के बाद किसी ना किसी कारण से सभी कॉलेजों को मान्यता देने से मना कर दिया था।

मान्यता ना मिलने के बाद शासन ने कमियां दूर कर कॉलेजों का दोबारा निरीक्षण करने के लिए आवेदन किया, जिसके बाद दोबारा निरीक्षण के बाद दतिया मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिल गई थी। बाकी छह कॉलेजों की मान्यता देने से एमसीआई ने मना कर दिया था।

जानकारी के मुताबिक, मान्यता ना मिलने के बाद राज्य शासन ने इन कॉलेजों में कमी को पूरा करने के लिए संसाधन बढ़ाए, लेकिन इतना सब करने के बाद भी एमसीआई ने इन कॉलेजों के फिर से निरीक्षण को मना कर दिया था। जिसके बाद राज्य शासन ने सुप्रीम कोर्ट ने निरीक्षण के लिए याचिका लगाई थी।

मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, विदिशा, रतलाम और खण्डवा मेडिकल कॉलेज में एमसीआई के मापदण्डों के अनुसार संसाधनों को जुटाया गया है और आशा है कि एमसीआई के निरीक्षण के बाद इन तीनों कॉलेजों को मान्यता मिल जाएगी।
Leave a Comment
* Name
* Email (will not be published)
*
* - Required fields