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गिरते रुपये का दिखा असर, पेट्रोल-डीज़ल रिकॉर्ड लेवल पर, पहली बार घरेलू रसोई गैस 500 के पार

Thursday - October 4, 2018 11:33 am , Category : WTN HINDI
पेट्रोल-डीज़ल के बाद बिना सब्सिडी वाला एलपीजी सिलेण्डर भी महंगा
पेट्रोल-डीज़ल के बाद बिना सब्सिडी वाला एलपीजी सिलेण्डर भी महंगा

पेट्रोल-डीज़ल-एलपीजी की क़ीमतों में वृद्धि से बिगड़ रहा है आम लोगों का बजट

OCT 04 (WTN) – अमेरिकी डॉलर के मुक़ाबले लगातार कमज़ोर होते रुपये का ख़ामियाज़ा देश की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। सबसे पहले बात करें पेट्रोल-डीज़ल की तो इसके दामों में लगातार वृद्धि जारी है। राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल के दाम में 15 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई जिसके बाद एक लीटर पेट्रोल की क़ीमत 84 रुपये हो गई, वहीं डीज़ल में 20 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई जिसके बाद एक लीटर डीज़ल की क़ीमत 75.45 पर पहुंच गई।
 
बात करें मुम्बई की तो वहां पर एक लीटर पेट्रोल की क़ीमत 91.34 रुपये और एक लीटर डीज़ल की क़ीमत 80.10 रुपये के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई है। इधर महंगाई की मार घरेलू एलपीजी सिलेण्डर पर भी दिख रही है। पहली बार एलपीजी के दाम 500 रुपए के स्तर को पार कर गये हैं। इतना होने के बाद भी केन्द्र सरकार आम जनता को राहत देने के लिए कुछ कदम उठाती नहीं दिख रही है। जिसके कारण लोगों का बजट गड़बड़ा रहा है।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा आयातक देश है और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने और मांग मज़बूत होने के कारण घरेलू बाज़ार में ईंधन दिनों दिन महंगा होता जा रहा है। अमेरिका के ईरान पर प्रतिबंध लगाने से पहले ब्रेंट क्रूड का भाव नवम्बर 2014 के बाद उच्च स्तर पर पहुंच गया है। ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 83.27 डालर प्रति बैरल हो गया है जो कि पांच सप्ताह पहले 71 डालर पर था।
 
ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारतीय तेल कम्पनियों ने ईरान को नवम्बर के बाद से तेल का ऑर्डर नहीं दिया है जिसके कारण भारत को सऊदी अरब और इराक़ जैसे देशों से तेल आयात करना पड़ेगा। कहा जा रहा है कि एस-400 की रूस से सौदेबाजी के बाद अमेरिका भारत पर भी कुछ आर्थिक प्रतिबंध लगा सकता है जिसके कारण रुपया और भी कमज़ोर होने की आशंका है।
 
इधर, डालर के मुकाबले रुपये के कमज़ोर होने का दौर भी जारी है। पिछले कुछ दिनों के दौरान डालर के मुकाबले रुपया 5 से 6 प्रतिशत तक टूटा है जिसके कारण कच्चे तेल का आयात महंगा हुआ है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रुपये के कमज़ोर होने के साथ-साथ कच्चे तेल की क़ीमतों में वृद्धि के कारण अगस्त के मध्य से आज की तारीख़ तक पेट्रोल जहां 6.59 रुपए प्रति लीटर महंगा हुआ है, वहीं डीजल 6.37 रुपए महंगा हो गया है।
 
पेट्रोल-डीज़ल के बाद अब तेल कम्पनियों ने घरेलू रसोई गैस सिलेण्डर के दाम बढ़ा दिए हैं। बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलो के एलपीजी गैस सिलेण्डर के दाम पहले बार 500 रुपये को पार कर गये हैं। दिल्ली में 14.2 किलो के बिना सब्सिडी वाले एलपीजी गैस सिलेण्डर के दाम 502.40 रुपये हो गये हैं, जबकि बिना सब्सिडी वाले गैस सिलेण्डर के दाम 879 रुपये हैं।
 
बात करें एलपीजी की तो इसमें अभी तक इतनी वृद्धि देखने को नहीं मिलती थी। मई 2014 में जब केन्द्र में भाजपा के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी थी तो उस समय बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलो के घरेलू एलपीजी सिलेण्डर की क़ीमत 414 रुपये थे। वहीं आज की तारीख़ में यह 500 रुपये का मिल रहा है यानि कि क़रीब साढ़े चार सालों में इसमें 86 रुपये की वृद्धि हुई है। काफ़ी दिनों पहले सरकार ने संकेत भी दिया था कि धीरे-धीरे घरेलू गैस सिलेण्डर पर सब्सिडी चरणबद्ध तरीके से कम की जाएगी, जिसके बाद लोगों को आशंका है कि पेट्रोल-डीज़ल के बाद कहीं एलपीजी के दाम भी बाज़ार भरोसे तो नहीं हो जाएंगे।
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