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चुनाव आयोग ने तय की प्रत्याशियों के ख़र्चे की लिमिट

Wednesday - October 10, 2018 10:09 am , Category : WTN HINDI
प्रत्याशियों को चुनाव आयोग को समय सीमा में देना होगा चुनावी ख़र्चे का ब्यौरा
प्रत्याशियों को चुनाव आयोग को समय सीमा में देना होगा चुनावी ख़र्चे का ब्यौरा

खाने के मेन्यू से लेकर होटल बुकिंग का खर्चा सब चुनाव आयोग ने किया तय

OCT 10 (WTN) – मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों के हर ख़र्चे के रेट तय कर दिये हैं। चुनाव आयोग की सख्ती इतनी है कि उसने यह भी तय कर दिया है कि नाश्ते से लेकर खाने में क्या मेन्यू होगा और उसका दाम क्या होगा। चूंकि खाने से लेकर उपयोग में लाये जाने वाले सामान तक सभी के रेट तय कर दिये हैं तो अब प्रत्याशी तय रेट से ज़्यादा ख़र्च नहीं कर पाएंगे। इस बार चुनाव आयोग की प्रत्याशियों के हर चुनावी ख़र्च पर पूरी पैनी नज़र है। खाने पीने से लेकर गाड़ियों तक और पाण्डाल से लेकर जनरेटर तक, हर ख़र्चे की ऊपरी लिमिट चुनाव आयोग ने तय कर दी है।
 
चुनाव आयोग ने होटल और गेस्ट हाउस बुकिंग, एसी और  नॉनएसी रूम बुकिंग के साथ-साथ गाड़ियों को किराये पर लेने की दरें भी तय कर दी हैं। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़ आयोग ने जो रेट तय किए हैं उसके अनुसार, चुनाव लड़ रहा प्रत्याशी दो टोस्ट और बटर स्लाइस पर 5 रूपये ख़र्च कर सकता है, तो वहीं सामान्य गाड़ी पर 8 रूपये प्रति किलोमीटर की दर से भाड़ा तय किया गया है। मिनी बस या फ़िर टेम्पो ट्रैवलर के लिए 17 रूपये प्रति किलोमीटर का रेट तय किया गया है। वहीं ऑटो रिक्शा पर 10 रूपये प्रति किलोमीटर से ज़्यादा ख़र्च करने की इजाज़त चुनाव आयोग ने नहीं दी है।
 
इतना ही नहीं, चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं की जनसभा में इस्तेमाल होने वाले पाण्डाल, जनरेटर, साउण्ड सिस्टम, पानी पाउच, पानी बोतल, वीडियो कैमरा, पैम्लेट और  फ्लैक्स के दाम भी तय कर दिये हैं। यानि की साफ़ है कि इस बार हर प्रत्याशी को तय सीमा के अंदर ही चुनाव में ख़र्च करना होगा और उसका पूरा हिसाब चुनाव आयोग को देना होगा। यदि किसी भी प्रत्याशी ने तय सीमा से ज़्यादा ख़र्च किया तो उस पर आयोग कार्रवाई भी कर सकता है। यहां तक कि यदि किसी प्रत्याशी ने तय समय पर चुनाव ख़र्च का ब्यौरा नहीं दिया तो उसे आयोग अगले बार चुनाव लड़ने से अयोग्य भी घोषित कर सकता है। 
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