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चुनाव के पहले मोदी सरकार के ‘मास्टर स्ट्रोक’

Wednesday - January 9, 2019 10:18 am , Category : WTN HINDI
सफल हो रही है मोदी सरकार की ‘मेहनत’, भारत बना विश्व की ‘सबसे तेज़ी’ से बढ़ती अर्थव्यवस्था
सफल हो रही है मोदी सरकार की ‘मेहनत’, भारत बना विश्व की ‘सबसे तेज़ी’ से बढ़ती अर्थव्यवस्था

चुनावी साल में प्रधानमंत्री मोदी की रणनीति के आगे ‘फेल’ होता दिख रहा है विपक्ष!
 
JAN 09 (WTN) – लोकसभा चुनाव के लिए कम ही समय बचा है और ऐसे में मोदी सरकार मतदाताओं को लुभाने के लिए हरसम्भव प्रयास कर रही है। बात करें सामान्य वर्ग की तो आर्थिक रूप से कमज़ोर सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के बाद मोदी सरकार मिडिल क्लास लोगों के लिए चुनाव से पहले काफ़ी तोहफे देने जा रही है। लेकिन इसी बीच आर्थिक मोर्चे पर विश्व बैंक से मोदी सरकार को खुशख़बरी मिली है।
 
विश्व बैंक ने मोदी सरकार की तारीफ़ करते हुआ कहा है कि भारत दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था वाला देश है। इतना ही नहीं विश्व बैंक ने अनुमान लगाया है कि भारत की विकास दर 7.3 प्रतिशत रह सकती है। वहीं चीन की विकास दर के बारे में विश्व बैंक का कहना है इसके 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

विश्व बैंक के अनुसार भारत की जीडीपी वित्तीय वर्ष 2018-19 में 7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी, साथ ही विश्व बैंक का कहना है यह अगले दो वित्तीय वर्षों में 7.5 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। जीडीपी में यह तेज़ी बढ़ी हुई खपत और निवेश का परिणाम है। विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में नोटबंदी और जीएसटी का भी जिक्र किया है। अपनी रिपोर्ट में विश्व बैंक का कहना है कि जीएसटी और नोटबंदी के कारण अस्थायी मंदी के बाद अर्थव्यवस्था में फ़िर से तेज़ी आ रही है।
 
विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में विश्व की अधिकांश अर्थव्यवस्थाओं की गति धीमी रहेगी, लेकिन भारत और दक्षिण एशियाई क्षेत्र के लिए ये साल आर्थिक मोर्चे पर सकारात्मक रहेगा।
 
देश की आर्थिक स्थिति मज़बूत होने के बीच इधर मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़ वित्त मंत्रालय अपने अंतरिम बजट में मिडिल क्लास को टैक्स छूट देने पर बातचीत कर रहा है। कहा जा रहा है कि इसके तहत वेतनभोगी लोगों को राहत दी जा सकती है। मोदी सरकार की कोशिश है कि अंतरिम बजट में कुछ ऐसे प्रावधान किये जाएं जिससे वेतनभोगी लोगों की ज़्यादा बचत हो।
 
मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार वेतनभोगी क्लास को राहत देने के लिए इनकम टैक्स की सेविंग लिमिट बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही मिडिल क्लास और पेंशनर्स को टैक्स में छूट देने पर फ़ैसला लिया जा सकता है। इतना ही नहीं कहा जा रहा है कि वित्त मंत्रालय हाउसिंग लोन में ब्याज दर में छूट देने पर भी विचार कर रहा है। हो सकता है कि अंतरिम बजट में सरकार बेसिक कस्टम ड्यूटी में भी बदलाव कर सकती है।
 
कहा जा रहा है कि इस पूरे मामले पर टैक्स विभाग और वित्त मंत्रालय में बातचीत चल रही है। जैसा कि पहले से कहा जा रहा है कि चुनावी साल में मोदी सरकार अंतरिम बजट में टैक्स से जुड़े प्रावधान आ सकती है जिससे वेतनभोगी लोगों को राहत मिले। जैसा कि आप जानते हैं कि मोदी सरकार ने जीएसटी के जरिए व्यापारियों को कुछ राहत दी है, तो कहा जा रहा है कि मोदी सरकार किसानों की भलाई के लिए भी कोई नई योजना लॉन्च कर सकती है।
 
ऐसे में कहा जा सकता है कि व्यापारियों, किसानों और वेतनभोगी लोगों को राहत देकर मोदी सरकार ने 2019 के लोकसभा चुनाव की आधी जंग जीत ली है। जिस तरह से चुनावी साल में मोदी राजनीति के मास्टर स्ट्रोक खेल रहे हैं उससे तो साफ़ जाहिर होता है कि विपक्ष उनकी रणनीति के आगे फ़ेल होता नज़र आ रहा है। लगता है चुनाव आते तक विपक्ष के पास राफेल के सिवा कोई दूसरा मुद्दा बचेगा ही नहीं और राफेल के मुद्दे पर भी जिस तरह से मोदी सरकार ने खुद का बचाव किया है उससे साफ़ जाहिर होता है कि मोदी सरकार अपनी रणनीतियों में सफल होती जा रही है।