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राज्य की ‘खराब’ वित्तीय हालत के बीच कमलनाथ सरकार ने गिनाईं अपनी ‘प्राथमिकताएं’

Wednesday - January 9, 2019 11:33 am , Category : WTN HINDI
वचन पत्र को पूरा करने की होगी पूरी ‘कोशिश’ – कमलनाथ
वचन पत्र को पूरा करने की होगी पूरी ‘कोशिश’ – कमलनाथ

मध्य प्रदेश की ‘खराब’ वित्तीय हालत के कारण समीक्षा के बाद बंद होंगी ‘अप्रासंगिक’ योजनाएं
 
JAN 09 (WTN) – मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने साफ़ कर दिया है कि वो जनकल्याणकारी तरीक़े से सरकार चलाएगी जिसमें सभी के लिए न्याय है। साथ ही राज्य की नई सरकार ने यह भी साफ़ कर दिया है कि खजाना खाली है जिसके कारण अप्रासंगिक योजनाओं को बंद किया जाएगा। चुनाव के पहले अपने वचन पत्र में कांग्रेस ने कई वादे किये थे और इसी कड़ी में सरकार ने राज्यपाल के अभिभाषण के जरिये स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार खेती और घरेलू उपयोग की बिजली के झूठे मामले वापस लेगी। इतना ही नहीं, बिजली चोरी से सम्बन्धित विद्युत अधिनियम की धारा 135 और 138 को जमानती बनाया जाएगा जिससे बिजली चोरी के आरोपी को जमानत मिल सके।
 
साथ ही कमलनाथ सरकार ने विद्युत नियामक आयोग के पुनर्गठन का भी फ़ैसला लिया है। साथ ही जो कुछ अन्य फ़ैसले मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ले सकती हैं उनमें ग़रीबों और मज़दूरों के लिए नया सवेरा कार्यक्रम लागू करना। कुटीर और कृषि आधारित उद्योगों के उत्पादकों को सरकारी खरीद में प्रोत्साहन देना। सामान्य वर्ग के कल्याण के लिए आयोग का गठन करना आदि।
 
राज्यपाल के अभिभाषण के जरिये कमलनाथ सरकार ने पिछली सरकार द्वारा छोड़े गए खजाने की हालत को भी सामने रखा। चुनाव के बाद जनता की आशाओं पर खरा उतरने की कोशिश कर रही कांग्रेस सरकार ने राज्यपाल के अभिभाषण के जरिये पहले ही साफ़ कर दिया है कि सरकार गम्भीर वित्तीय परिस्थिति से जूझ रही है। सरकार के मुताबिक़ छह-सात साल से राजस्व आधिक्य में लगातार कमी हुई है और वित्तीय वर्ष 2018-19 के बजट में तो राजस्व आधिक्य लगभग न के बराबर हो गया है।
 
कांग्रेस सरकार ने साफ़ किया है कि साल 2003-04 में राज्य का कुल कर्ज़ 34 हज़ार 672 करोड़ रुपए था जो कि साल 2018-19 में एक लाख 87 हज़ार 636 करोड़ रुपए हो गया है। इसी प्रकार कर्ज़ के ब्याज की अदायगी साल 2003-04 में तीन हज़ार 207 करोड़ रुपए थी जो कि अब 2018-19 में बढ़कर 12 हज़ार 867 करोड़ रुपए हो गई है।

लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कमलनाथ सरकार ने राज्यपाल के अभिभाषण के जरिये कहा है कि सरकार ने किसान, नौजवान और नागरिकों के लिए वचन पत्र में जो वादे किए हैं वो उन्हें पूरा करेगी। विरासत में मिले कर्ज़ को देखते हुए कमलनाथ सरकार ने साफ़ कर दिया है कि पिछली सरकार की ऐसी अप्रासंगिक योजनाओं को समीक्षा के बाद बंद कर दिया जाएगा जिससे सरकारी धन की फिज़ूलखर्ची होती है।
 
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने विधानसभा चुनाव जीतने के लिए राज्य की जनता से काफ़ी वादे किये थे लेकिन इन वादों को पूरा करने के लिए बजट की ज़रूरत होगी। लेकिन हक़ीकत यह है कि मध्य प्रदेश पर इस समय कर्ज़ का काफ़ी भार है जिसके चलते लोक लुभावन योजनाओं के लिए सरकार के पास बजट की कमी रहेगी। राज्य सरकार की वित्तीय हालत यह है कि चार नई सिंचाई परियोजनाओं, सुठालिया, हनौता, ताप्ती और भन्नी, के लिए सौ-सौ रुपए का प्रतीकात्मक बजट रखा गया है।
 
इससे साफ़ जाहिर होता है कि खस्ता वित्तीय हालत से जूझ रही कमलनाथ सरकार को वचन पत्र में किये अपने वादों को पूरा करने के लिए राजस्व जुटाना होगा। वैसे राजस्व बचाने और राजस्व जुटाने के लिए क्या कुछ उपाय राज्य की कमलनाथ सरकार सरकार करेगी इसका जिक्र राज्यपाल के अभिभाषण में किया जा चुका है। लेकिन देखना होगा कि लोकसभा चुनाव से पहले कमलनाथ सरकार राज्य की जनता की कसौटी पर खरा उतर पाती है कि नहीं।