BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL Astrology GOSSIP CORNER SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
logo
Breaking News

लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र मुख्यमंत्री कमलनाथ की ‘तबादला रणनीति’!

Wednesday - February 13, 2019 11:44 am , Category : WTN HINDI
मुख्यमंत्री कमलनाथ का आदेश: अब विधायकों की ‘पसंद-नापसंद’ पर भी होंगे तबादले
मुख्यमंत्री कमलनाथ का आदेश: अब विधायकों की ‘पसंद-नापसंद’ पर भी होंगे तबादले

अब प्रभारी मंत्रियों के ‘अनुमोदन’ से ज़िलों और तहसीलों के बीच हो सकेंगे ट्रांसफर

FEB 13 (WTN) – मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने 15 सालों के बाद सत्ता में वापसी की है, तो ऐसे में जाहिर है कि कांग्रेस सरकार अपनी नीतियों को प्रभावी ठंग से लागू कराने के लिए अपने पसंद के अधिकारियों को जिम्मेदार पदों पर नियुक्त करना चाहेगी। इसी तारतम्य में राज्य की कमलनाथ सरकार लगातार प्रशासनिक सर्जरी में जुटी हुई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी तक मुख्यमंत्री कमलनाथ क़रीब साढ़े सात सौ से ज्यादा तबादले करे चुके हैं जिसमें अधिकांश ज़िलों के कलेक्टर्स और एसपी के भी ट्रांसफर किये जा चुके हैं।
 
लेकिन अब लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तबादलों में विधायकों की पसंद को भी तरजीह देने का मन बना लिया है, यानि कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने लोकसभा चुनाव जीतने के लिए अब अपनी 'तबादला रणनीति' पर काम करना शुरू कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक ऐसा इसलिए, क्योंकि विधायकों का मानना है कि लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राज्य की कांग्रेस सरकार को जल्द से जल्द जनहितैषी कामों को जनता के बीच पहुंचाना होगा और इस काम को 'कर्मठ' और 'ईमानदारी' अधिकारी ही सही तरीके से अमलीजामा पहना सकते हैं। ऐसे में विधायकों का सोचना है कि उनके विधानसभा क्षेत्र में 'सक्षम' अधिकारी की नियुक्ति हो ताकि वो राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ जल्द से जल्द आम जनता तक पहुंचा सके।
 
ऐसे में कांग्रेस के कई विधायकों ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को अधिकारियों के ट्रांसफर के लिए 100 से ज्यादा आवेदन दिए हैं। आवेदनों की ज्यादा संख्या देखने के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अब विधायकों की मांग पर अधिकारियों के तबादले करने के आदेश दिए हैं। वहीं अब तबादलों के लिए ज़िले के प्रभारी मंत्री विधायकों के प्रस्ताव का अनुमोदन कर सकेंगे।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद कांग्रेस विधायक अपने 'पसंद' और 'नापसंद' के अधिकारियों के तबादले कराने के लिए सीएम मॉनिट में आवेदन लगा चुके हैं। हालांकि अभी तक तो विधायकों की 'पसंद-नापसंद' के अनुसार तबादले नहीं किये गये हैं, लेकिन अब मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस विधायकों की मांग को पूरा करने का फैसला लिया है। जानकारी के मुताबिक़ सीएम मॉनिट में विधायकों द्वारा लगाए गए 100 से ज्यादा आवेदनों पर सरकार कार्रवाई करेगी।
 
वहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ए प्लस कैटेगरी के ट्रांसफर आवेदनों को मंजूरी देने के निर्देश मुख्य सचिव एस.आर.मोहंती को दे दिये हैं। वहीं 2017-18 की तबादला नीति के अनुसार ज़िलों और तहसीलों के बीच तबादलों के मौखिक निर्देश प्रभारी मंत्रियों को दे दिए गए हैं। यानि कि अब प्रभारी मंत्री के 'अनुमोदन' से ज़िलों और तहसीलों के बीच अधिकारियों के ट्रांसफर हो सकेंगे।
 
कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ की तबादला रणनीति के जरिये कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में काफ़ी लाभ मिल सकता है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस विधायक अपने 'पसंद' के अधिकारियों के जरिये कांग्रेस सरकार की योजनाओं का लाभ आम जनता तक जल्द से जल्द पहुंचा सकें और उसे लोकसभा चुनाव में 'प्रचारित' कर सकें। यदि ऐसा करने में मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस विधायक सफल रहते हैं तो कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ की 'तबादला रणनीति' सफल साबित होगी।

RELATED NEWS