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जानिए आखिर क्यों हो रही है जीएसटी कलेक्शन में कमी?

Saturday - March 2, 2019 12:28 pm , Category : WTN HINDI
कई कारणों से जीएसटी कलेक्शन में आई ‘गिरावट’
कई कारणों से जीएसटी कलेक्शन में आई ‘गिरावट’

कुछ वस्तुओं पर जीएसटी रेट कम होने और कारोबारियों द्वारा जीएसटी चोरी के कारण घटा कलेक्शन
 

MAR 02 (WTN) –  कुछ वस्तुओं पर जीएसटी रेट कम होने और कारोबारियों द्वारा जीएसटी चोरी के कारण जीएसटी यानि कि माल एवं सेवा कर का संग्रह फरवरी, 2019 में घटकर सिर्फ़ 97,247 करोड़ रुपये ही रहा। यह जनवरी, 2019 के महीने के 1.02 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 4,753 करोड़ रुपये कम है। पिछले साल यानि कि फरवरी, 2018 की बात करें तो उस साल जीएसटी का कलेक्शन 85,962 करोड़ रुपये था। यानि कि यदि पिछले साल से तुलना की जाए तो इस साल फरवरी महीने का जीएसटी कलेक्शन पिछले साल के फरवरी महीने के जीएसटी कलेक्शन से 11,285 करोड़ रुपये ज्यादा रहा, लेकिन इससे पिछले महीने से कम रहा।
 
फरवरी, 2019 के कुल 97,247 करोड़ रुपये के जीएसटी में केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) संग्रह 17,626 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) 24,192 करोड़ रुपये और एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) 46,953 करोड़ रुपये और 8,476 करोड़ रुपये रहा। लेकिन यादि आंकड़ों पर गौर किया जाए तो फरवरी, 2019 में जीएसटी संग्रह फरवरी, 2018 की तुलना में 13.12 प्रतिशत अधिक रहा।
 
जीएसटी के जानकारों के मुताबिक, 1 जनवरी से टीवी मॉनिटर, सिनेमा के टिकट, पावर बैंक समेत 23 तरह की वस्तुओं पर जीएसटी की दरों में कमी के कारण जीएसटी संग्रह में कमी दर्ज की गई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार ने सामान्य निपटान के तहत आईजीएसटी से 19,470 करोड़ रुपये सीजीएसटी में 15,747 करोड़ रुपये एसजीएसटी में रखा है। फरवरी के सामान्य निपटान के बाद जीएसटी से केन्द्र को कुल 37,095 करोड़ रुपये की आमदनी हुई। वहीं इस दौरान एसजीसीटी का आंकड़ा 39,939 करोड़ रुपये रहा।
 
जानकारों का इस बारे में कहना है कि इस वित्त वर्ष के दौरान कर संग्रह औसत के अनुकूल ही है, लेकिन जनवरी के मुकाबले इसमें मामूली कमी देखी गई है। वैसे अभी जारी वित्त वर्ष में फरवरी के महीने तक 10.70 लाख करोड़ रुपये की आय जीएसटी से सरकार को हुई है। वैसे कई वस्तुओं पर टैक्स की दर कम करने के बाद सरकार ने अपने संशोधित अनुमान में वर्तमान वित्त वर्ष में कुल जीएसटी संग्रह के लक्ष्य को घटाकर 11.47 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। हालांकि शुरुआत में बजट में इस वित्त वर्ष में जीएसटी संग्रह का लक्ष्य 13.71 लाख करोड़ रुपये रखा गया था। वहीं आगामी वित्त वर्ष के लिए भी सरकार ने 13.71 लाख करोड़ रुपये के जीएसटी संग्रह का लक्ष्य रखा है।

जीएसटी कलेक्शन में कमी के कई कारण हैं, जैसे कई वस्तुओं पर टैक्स की दर कम होने के साथ-साथ कारोबारियों द्वारा बड़े पैमाने पर जीएसटी की चोरी करना भी इसमें शामिल है। जानकारी के मुताबिक इस वित्त वर्ष में क़रीब 20 हजार करोड़ रुपए की जीएसटी की चोरी का पता चला है। समय के साथ जैसे-जैसे जीएसटी पुराना होता जा रहा है, कारोबारियों ने जीएसटी चोरी के नये-नये तरीके ढूंढ लिये हैं जिसके कारण सरकार को हजारों करोड़ रुपयों का नुकसान हो रहा है।