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एक अप्रैल से हो रहे हैं वित्त और टैक्स नियमों में काफ़ी बदलाव

Saturday - March 30, 2019 11:54 am , Category : WTN HINDI
टैक्स से जुड़े नियमों में हो रहा है एक अप्रैल से परिवर्तन
टैक्स से जुड़े नियमों में हो रहा है एक अप्रैल से परिवर्तन

इनकम टैक्स समेत शेयर मार्केट में एक अप्रैल से बदल रहे हैं नियम
 
MAR 30 (WTN) –
जैसा कि आप जानते हैं कि नया वित्त वर्ष 1 अप्रैल शुरू होने जा रहा है, और आप यह भी जानते होंगे कि टैक्स और पर्सनल फाइनेंस से जुड़े कई जरूरी बदलाव भी इस तारीख से लागू हो रहे हैं। ऐसे में आपकी जानकारी के लिए आपको बताते हैं कि क्या जरूरी बदलाव एक अप्रैल से हो रहे हैं?

 

मोदी सरकार द्वारा पेश किये गये अंतरिम बजट में पांच लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री करने का ऐलान किया गया था, और यह नियम एक अप्रैल से लागू हो रहा है। यानि कि वित्त वर्ष 2019-20 से आपकी 5 लाख रुपए तक की आय टैक्स मुक्त होगी। हालांकि, आपको जीरो टैक्स का इनकम टैक्स रिटर्न फ़िर भी भरना होगा।

 

एक अप्रैल से स्टैंडर्ड डिडक्शन की नई सीमा 50 हज़ार रुपए हो जाएगी। मोदी सरकार के अंतरिम बजट में डिडक्शन को 40 हज़ार रुपए से बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दिया गया था। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस डिडक्शन को साल 2018 के बजट में लाया गया था।

 

एक अप्रैल से टीडीएस की सीमा 10 हज़ार रुपए से बढ़कर 40 हज़ार रुपए हो जाएगी। इसका फायदा उन लोगों के लिए होगा जो कम टैक्स भरते हैं। नये नियमों के मुताबिक़, अगर आपके पास दूसरा घर खाली है, तो उसके नोशनल रेंट पर आपको इनकम टैक्स नहीं देना होगा। इसका एलान भी इस बार के अंतरिम बजट में किया गया था।



अब बैंक लोन को एक्सटरनल बैंचमार्क से बैंकों को जोड़ना होगा, और इससे सम्बन्धित आदेश रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने जारी कर दिया है। हालांकि अभी इस बारे में कोई गाइडलाइंस नहीं आई है। वहीं आपके पास रखे कागज के भौतिक शेयर तब तक ट्रांसफर नहीं होंगे, जब तक आप उनको डीमैट फॉर्म में नहीं करा लेते।

 

वहीं एक अप्रैल से रियल एस्टेट सेक्टर के लिए जीएसटी के नए नियम लागू होंगे। इसके तहत बिल्डरों को नई और पुरानी दर में से किसी एक को चुनने का विकल्प होगा। सस्ते घरों के लिए एक प्रतिशत जीएसटी, और अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगेगी। जिन लोगों ने अपना घर बेच दिया है, वो अब 2 घर घरीद सकेंगे। इससे उनका लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स बचेगा।

 

अगर आपने वित्तवर्ष 2018-19 में कोई शेयर या म्युचूअल फंड एक साल रखकर बेचा है, तो आपको इस पर टैक्स देना होगा। वहीं अगर मुनाफा 1 लाख रुपए से ज्यादा हुआ, तो बिना इंडेक्सेशन के फायदे के 10 प्रतिशत टैक्स देना होगा।