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यदि सफल रही मोदी सरकार की ‘कूटनीति’ तो हर साल पाकिस्तान को होगा अरबों डॉलर का नुकसान!

Wednesday - April 3, 2019 3:14 pm , Category : WTN HINDI
सैन्य मोर्चे के बाद मोदी सरकार ने पाकिस्तान को अब आर्थिक मोर्चे पर घेरा
सैन्य मोर्चे के बाद मोदी सरकार ने पाकिस्तान को अब आर्थिक मोर्चे पर घेरा

पाकिस्तान को ‘ब्लैक लिस्ट’ में डाल सकता है एफएटीएफ, मोदी सरकार की ‘कोशिशें’ लगातार जारी

APR 03 (WTN) – मोदी सरकार की कूटनीति के कारण पाकिस्तान की आर्थिक हालत एक बार फ़िर से ख़राब होने जा रही है। अब मोदी सरकार की इकोनॉमी स्‍ट्राइक के कारण पाकिस्तान को क़रीब 10 अरब डॉलर के नुकसान होने की आशंका है। इस पूरे मामले में सबसे खास बात यह है कि भारत की ओर से की गई इस कूटनीतिक घेराबंदी से नुकसान की बात खुद पाकिस्‍तान ने सबके सामने कबूल की है।
 
दरअसल, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के मुताबिक़, भारत की 'लॉबिंग' से पाकिस्तान को वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) द्वारा ब्‍लैक लिस्‍ट में डाला जा सकता है। और यदि ऐसा होता है, तो इससे पाकिस्‍तान को सालाना 10 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है। जिसे की मोदी सरकार की एक बड़ी कूटनीतिक जीत कहा जा सकता है।
 
पाकिस्तानी विदेश मंत्री कुरैशी के अनुसार, पाकिस्तान का विदेश विभाग यह गणना कर रहा है कि अगर पाकिस्तान को एफएटीएफ की ब्‍लैक लिस्‍ट में डाला जाता है तो ऐसा होने से पाकिस्तान को कितना नुकसान उठाना होगा। कुरैशी ने साफ़ तौर पर कहा कि पाकिस्तान को घेरने के लिए भारत की मोदी सरकार ‘लॉबिंग’ कर रही है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि  पेरिस स्थित एफएटीएफ ने पिछले साल जून में पाकिस्तान को निगरानी वाले देशों की सूची में डाला था। एफएटीएफ की सूची में वे देश शामिल हैं, जिनका मनी लांड्रिंग और आतंकवाद के प्रति नरम रवैया होता है। भारत के लगातार दबाव के बाद, एफएटीएफ ने पाकिस्तान से देश में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के परिचालन का एक बार फ़िर से आकलने करने को कहा था।

मोदी सरकार काफ़ी समय से पाकिस्तान की जमीन से आतंक फैला रहे आतंकी संगठनों जैसे जैश ए मोहम्मद पर अंकुश लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्‍तर पर घेराबंदी कर रही है। मोदी सरकार की कूटनीति का ही नतीजा है कि दुनिया के कई बड़े देश भी पाकिस्‍तान पर आतंकी संगठनों पर कार्रवाई करने का दबाव बना रहे हैं।

जैसा कि आप जानते हैं कि 14 फरवरी को पुलवामा में आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इस बड़ी आतंकी घटना के बाद भारत ने हर मोर्चे पर पाकिस्तान को घेरना शुरू कर दिया है। जहां एअर स्ट्राइक करके भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में स्थित आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया, तो वहीं आर्थिक मोर्चे पर पाकिस्तान को घेरने के लिए भारत कूटनीतिक स्तर पर पाकिस्तान की घेराबंदी कर रहा है ताकि पाकिस्तान को आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया जाए।

अब देखना होगा कि मोदी सरकार की कूटनीति कितनी सफल होती है और एफएटीएफ पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डालता है कि नहीं। पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मोदी सरकार की कूटनीति धीरे-धीरे असर दिखा रही है, इसका उदाहरण यह है कि मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के मुद्दे पर चीन को छोड़कर सुरक्षा परिषद के सारे देश भारत के समर्थन में थे।

मोदी सरकार ने पहले सर्जिकल स्ट्राइक करके फ़िर उसके बाद एअर स्ट्राइक करके पाकिस्तान को सैन्य मोर्चे पर तो अपनी ताकत दिखा दी है, अब मोदी सरकार आर्थिक मोर्चे पर पाकिस्तान को घेरकर उसे दिखा रही है कि भारत अब दुनिया की एक महाशक्ति है। लेकिन लगता नहीं है कि इतना सब होने के बाद भी पाकिस्तान आतंक और आतंकियों को पनाह देना बंद करेगा क्योंकि पाकिस्तान में वहां की सरकार से ज़्यादा सेना का दबदबा रहता है, और अपने अस्तित्व के लिए पाकिस्तान की सेना नहीं चाहेगी कि वहां से आतंकवाद खत्म हो।