BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL Astrology GOSSIP CORNER SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
logo
Breaking News

क्या अभी भी राजनीति में अपरिपक्व हैं राहुल गांधी?

Tuesday - April 23, 2019 3:27 pm , Category : WTN HINDI
‘चौकीदार चोर है’ बयान पर सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी पर दिखाई सख्ती
‘चौकीदार चोर है’ बयान पर सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी पर दिखाई सख्ती

चौकीदार चोर हैबयान के कारण बुरे फंसे राहुल गांधी, सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया अवमानना का नोटिस

APR 23 (WTN) – क्या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने बयान ‘चौकीदार चोर है’ के कारण फंसते नजर आ रहे हैं ? हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि राहुल गांधी के इस बयान पर उनके जवाब से सुप्रीम कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ है और उसने राहुल गांधी को अवमानना का नोटिस जारी कर दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने ख़िलाफ़ अवमानना का केस नहीं चलाने की अपील की थी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नई दिल्ली से भाजपा सांसद मिनाक्षी लेखी ने राहुल गांधी के ख़िलाफ़ अवमानना की अर्जी दाखिल की है। इस सबके बीच सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह राफेल डील पर पुनर्विचार याचिकाओं पर 30 अप्रैल को सुनवाई करेगा। जैसा कि आप जानते हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष ने राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए अमेठी में एक रैली में कहा था कि “अब सुप्रीम कोर्ट ने भी कह दिया है कि चौकीदार चोर है।” उनके इस बयान के खिलाफ मिनाक्षी लेखी ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना का केस दर्ज किया था।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पीठ ने राहुल गांधी से उनके चौकीदार वाले बयान पर सफाई मांगी थी, लेकिन अब कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष को आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी किया है। कानून के जानकारों के मुताबिक आपराधिक अवमानना के मामले में किसी के ख़िलाफ़ नोटिस जारी होना गम्भीर माना जाता है। आम तौर पर आपराधिक मानहानि के मामले में जिसके ख़िलाफ़ नोटिस जारी होता है उसे कोर्ट में पेश होना पड़ता है।

जैसा कि हमने आपको पहले बताया कि सुप्रीम कोर्ट राफेल डील पर दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर 30 अप्रैल को सुनवाई करेगा, पर इस दिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कोर्ट में पेश होंगे या नहीं, इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है। इधर, राहुल गांधी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि चुनाव-प्रचार के आवेश के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने इस तरह का बयान दे दिया और उन्होंने इसके लिए खेद भी जताया है। वहीं मिनाक्षी लेखी का पक्ष रखने वाले वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि राहुल गांधी ने जानबूझकर शीर्ष अदालत की प्रतिष्ठा को कम करने के साथ ही उसके आदेश में दखल दिया है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने साफ कहा था कि कोर्ट ने इस तरह का बयान कभी नहीं दिया कि राफेल मामले में साफ हो गया है कि 'चौकीदार चोर है' और हम इस मसले पर कांग्रेस अध्यक्ष से सफाई मांगेंगे। कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को निर्देश दिया कि वह ‘चौकीदार नरेन्द्र मोदी चोर हैं’ सम्बन्धी अपनी टिप्पणी को राफेल मामले में अदालत के फैसले से ‘गलत तरह से’ जोड़ने पर 22 अप्रैल तक स्पष्टीकरण दें। जिसके बाद राहुल गांधी ने अपने बयान के लिए माफ़ी मांगी थी।

अपनी सफाई में राहुल गांधी ने कहा था, “किसी भी तरीके से राफेल मामले को लेकर चल रही सुनवाई या फैसले के संदर्भ में गलत टिप्पणी कर अदालत की अवमानना करने की मेरी मंशा नहीं थी। मैंने अपना बयान सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर भरोसा करके और मेरे साथ मौजूद एक्टिविस्ट व कार्यकर्ताओं की बातों पर भरोसा करते हुए दिया था।”

अब देखना होगा कि इस मामले में क्या कुछ आगे होता है। लेकिन इतना तो साफ हो गया है कि सुप्रीम कोर्ट की लताड़ के बाद राहुल गांधी को माफी मांगनी पड़ी और अब उन पर आपराधिक मानहानि का केस चलेगा। राजनीति में एक दूसरे पर आरोप लगाना परम्परा रही है, लेकिन राहुल गांधी ने राजनीतिक आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का गलत हवाला देते हुए एक गलत परम्परा चालू करने की कोशिश की थी, जिसके कारण उनके ख़िलाफ़ आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी हुआ है। यानी कि कहा जा सकता है कि जिस तरह के बयान राहुल गांधी दे रहे हैं उससे साफ है कि अभी राजनीति के हिसाब से वे अपरिपक्व हैं।