BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL Astrology GOSSIP CORNER SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
logo
Breaking News

सामने आई विपक्ष में ‘दरार’, मायावती और ममता बनर्जी के बीच प्रधानमंत्री बनने की ‘रेस’!

Monday - May 13, 2019 12:10 pm , Category : WTN HINDI
मायावती और ममता बनर्जी के साथ राहुल गांधी के राजनीतिक सम्बन्धों पर ‘नज़रें’
मायावती और ममता बनर्जी के साथ राहुल गांधी के राजनीतिक सम्बन्धों पर ‘नज़रें’

एनडीए को बहुमत ना मिलने की स्थिति में मायावती और ममता बनर्जी के बीच हो सकती है प्रधानमंत्री बनने के लिए राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई!
 
MAY 13 (WTN) –
विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में लोकसभा चुनाव के 6 चरण पूरे हो चुके हैं, और सातवें और आख़िरी चरण के लिए 19 मई को मतदान होगा। लेकिन चुनाव परिणाम के आने के पहले ही विपक्षी दलों की एकता में धीरे-धीरे दरार सामने आ रही है। इस दरार का कारण है दो महिला नेत्रियों ममता बनर्जी और मायावती में प्रधानमंत्री बनने की होड़। दरअसल, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने 21 मई को दिल्ली में विपक्षी दलों की एक बैठक बुलाई है। लेकिन जिस तरह से विपक्षी दल धीरे-धीरे इस बैठक से दूरी बना रहे हैं, उससे साफ़ ज़ाहिर होता है कि विपक्षी दलों में एकता नज़र नहीं आ रही है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बीएसपी सुप्रीमो मायावती 21 मई को दिल्ली में प्रस्तावित विपक्षी दलों की बैठक से खुद को अलग रख सकती हैं, या फ़िर उनके कहने पर इस बैठक को आगे टाला जा सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़, विपक्ष की इस प्रस्तावित बैठक का नेतृत्व कांग्रेस कर सकती है। जानकारी के अनुसार आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पिछले सप्ताह पश्चिम बंगाल गये थे और उन्होंने वहां पर ममता बनर्जी से मुलाकात की थी।

कहा जाता है कि जब नायडू ने ममता बनर्जी से दिल्ली में होने वाली मीटिंग के बारे में चर्चा की तो ममता बनर्जी ने साफ़ कह दिया कि 23 मई को जब तक परिणाम नहीं आते हैं तब तक इस तरह की मीटिंग की कोई भी ज़रूरत नहीं है। कहा जाता है कि चुनाव परिणाम से पहले प्रस्तावित विपक्षी दलों की इस बैठक से बसपा सुप्रीमो मायावती भी दूरी बना सकती हैं।

जानकारों के मुताबिक़, यदि एनडीए को बहुमत नहीं मिलता हो तो इस स्थिति में विपक्ष की तरफ़ से प्रधानमंत्री पद पर किसका नाम आगे किया जाएगा, इस पर सभी विपक्षी दलों में संशय है। जैसा कि आप जानते हैं कि प्रधानमंत्री बनने की इच्छा ममता बनर्जी और मायावती दोनों ही नेत्रियों की है। तो वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी पीएम पद की दौड़ में शामिल हैं, और कई विपक्षी नेता पीएम पद के लिए उनके नाम का समर्थन भी कर चुके हैं।

जहां तक ममता बनर्जी का सवाल है तो ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में कांग्रेस से गठबंधन नहीं किया है। लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद ममता बनर्जी, नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री पद से दूर रखने के लिए कांग्रेस को समर्थन दे सकती हैं इसके चांस कम ही हैं। वहीं यदि पिछले लोकसभा चुनाव की तरह ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने इस बार के लोकसभा चुनाव में बढ़िया प्रदर्शन किया, तो वे खुद का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए आगे बढ़ा सकती हैं।
 
वहीं मायावती भी इस समय अपनी रणनीति पर काम रही हैं। एनडीए को बहुमत नहीं मिलने और यूपी में गठबंधन को ज़्यादा सीटें मिलने की स्थिति में मायावती भी खुद का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए आगे कर सकती हैं। इन दिनों जो राजनीतिक समीकरण बने हैं, उससे साफ़ जाहिर होता है कि मायावती कांग्रेस के प्रधानमंत्री के लिए हामी ना भरें। ऐसा इसलिए क्योंकि लोकसभा चुनाव में यूपी में कांग्रेस के ख़िलाफ़ किसी भी तरह की नरमी मायावती ने नहीं बरती है।

लेकिन इधर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक निजी न्यूज़ चैनल को दिये साक्षात्कार में मायावती के लिए जो कहा, उससे साफ़ जाहिर होता है कि नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री पद से दूर रखने के लिए वे मायावती को प्रधानमंत्री पद के लिए समर्थन दे सकते हैं। राहुल गांधी ने अपने इंटरव्यू में मायावती के बारे में कहा था कि वे उनकी इज़्जत करते हैं और उनके देश के लिए योगदान की भी वे इज़्जत करते हैं। लेकिन इस तरह के शब्दों का प्रयोग राहुल गांधी ने ममता बनर्जी के लिए अभी तक नहीं किया है।

वहीं ममता बनर्जी और कांग्रेस के बीच भी जुबानी जंग चलती रहती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि ममता बनर्जी के कार्यकाल में बंगाल में कोई विकास नहीं हुआ है। इसके बाद पलटवार करते हुए ममता बनर्जी ने राहुल गांधी को 'बच्चा' कहा था।
 
अब देखना होगा कि ममता बनर्जी और मायावती का क्या रूख लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद रहता है? यदि एनडीए को बहुमत नहीं मिला, तो इस स्थिति में मायावती और ममता बनर्जी दोनों ही महिलाओं के बीच प्रधानमंत्री बनने की होड़ रहेगी। लेकिन अभी तक जो राजनीतिक समीकरण हैं, उनसे साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस, एनडीए को बहुमत ना मिलने की स्थिति में मायावती के नाम का प्रधानमंत्री बनने के लिए समर्थन कर सकती है।