BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL Astrology GOSSIP CORNER SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
logo
Breaking News

तुर्की के बाद लगेगा भारत का नम्बर!

Saturday - May 18, 2019 12:43 pm , Category : WTN HINDI
भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में ‘दरार’
भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में ‘दरार’

लोकसभा चुनाव के बाद अमेरिका बंद कर सकता है भारत को दिया GSP का लाभ!
 
MAY 18 (WTN) – भारत और अमेरिका के बीच राजनीतिक सम्बन्ध हमेशा से ही उतार चढ़ाव वाले रहे हैं। अमेरिका में राष्ट्रपति जिस पार्टी का होता है, उस पार्टी की नीतियों के हिसाब से अमेरिका के भारत के साथ राजनीतिक सम्बन्ध होते हैं। वहीं यदि बात करें भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक सम्बन्धों की, तो भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक सम्बन्ध दशकों से हैं। देखा गया है कि भारत और अमेरिका के बीच के व्यापारिक सम्बन्धों के बीच राजनीतिक सम्बन्ध कभी भी ज़्यादा हावी नहीं रहे हैं।

वैसे तो भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक सम्बन्ध हमेशा से दोनों देशों की ज़रुरतों के हिसाब से सामान्य ही रहे हैं, और दोनों ही देशों के बीच करोड़ों डॉलर का व्यापार होता रहा है। लेकिन डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद भारत और अमेरिका के बीच के व्यापारिक सम्बन्धों में एक झटका सा लगा है। ऐसा इसलिए, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प, भारत को टैरिफ में छूट की सामान्य व्यवस्था (GSP) का लाभ बंद करने की घोषणा कर चुके हैं, जो कि भारत के लिए चिन्ता का कारण है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत से पहले तुर्की को टैरिफ में छूट की सामान्य व्यवस्था (GSP) का लाभ देना बंद कर दिया है। दरअसल, अमेरिका व्यापार में जीएसपी के तहत गरीब और पिछड़े देशों के रोजगार प्रधान माल को अपने बाजार में शुल्क मुक्त प्रवेश की सुविधा देता है। भारत और तुर्की जैसे देश सालों से इस सुविधा का लाभ उठा रहे थे।
 
वैसे अमेरिका ने भारत को भी GSP की छूट खत्म करने का नोटिस दे रखा है, लेकिन अभी इस पर कोई अन्तिम फ़ैसला नहीं लिया जा सका है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक सम्बन्धों में GSP का बहुत बड़ा योगदान है। जीएसपी अमेरिका का सबसे बड़ा और पुराना व्यापार तरजीही कार्यक्रम है। अमेरिका का यह कार्यक्रम चुनिंदा लाभार्थी देशों के हज़ारों उत्पादों को शुल्क से छूट देकर आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 4 मार्च को घोषणा की थी कि अमेरिका का भारत और तुर्की को दिए गए तरजीही व्यापार वाले देश के दर्जे को समाप्त करने का इरादा है। इसके बाद तुर्की का जीएसपी लाभार्थी देश का दर्जा 17 मई से समाप्त हो गया। इसके बाद आशंका व्यक्त की जा रही है कि अमेरिका भारत से भी यह दर्जा वापस ले सकता है।

वैसे व्हाइट हाउस या अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने भारत के GSP दर्जे को लेकर फिलहाल कुछ नहीं कहा है। लेकिन कहा जा रहा है कि इसकी घोषणा किसी भी समय हो सकती है। हालांकि, मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, अमेरिका के वाणिज्य मंत्री विल्बर रॉस की हाल में हुई भारत यात्रा के बाद, अमेरिका भारत में चल रहे लोकसभा चुनावों तक भारत के GSP दर्जे को लेकर कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं करने पर राजी हो गया है।

वैसे अमेरिका के कई सांसदों और उद्योग प्रतिनिधियों ने ट्रम्प सरकार को पत्र लिखकर भारत में नई सरकार के गठन होने तक अपने आदेश को रोक कर रखने का आग्रह किया है। लेकिन ट्रम्प सरकार की तरफ़ से इस बारे में अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा गया है। अब देखना होगा कि तुर्की से जीएसपी का दर्जा छिन जाने के बाद क्या भारत के साथ भी अमेरिका ऐसा ही करेगा? या फ़िर हो सकता है कि अमेरिका चीन के साथ चल रहे ट्रेड वॉर को देखते हुए भारत को छूट देना जारी रखे।