BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL Astrology GOSSIP CORNER SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
logo
Breaking News

​लोकसभा चुनाव में हर परीक्षा में ‘पास’ हुई ईवीएम!

Saturday - May 25, 2019 3:28 pm , Category : WTN HINDI
ईवीएम से मिला विपक्ष को करारा ‘जवाब’
ईवीएम से मिला विपक्ष को करारा ‘जवाब’

100 प्रतिशत सही रहा ईवीएम और वीवीपैट का ‘मिलान’
 
MAY 25 (WTN) – ईवीएम और विपक्षी दलों का भारत में 36 का आंकड़ा रहा है। हर चुनाव के पहले विपक्षी दल भारत में ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते रहते हैं। इस लोकसभा चुनाव में भी मतगणना के एक दिन पहले तक विपक्षी दलों ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर तरह-तरह के सवाल खड़े किये। यहां तक कि कई बार निर्वाचन आयोग और सुप्रीम कोर्ट में भी गुहार लगाई कि बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट और निर्वाचन आयोग ने विपक्षी दलों की हर आपत्ति को खारिज कर दिया।
 
ईवीएम ही नहीं, विपक्षी दलों ने वीवीपैट की पर्चियों के मिलान पर भी आपत्तियां दर्ज कराई। एक समय विपक्षी दलों की मांग थी कि सभी वीवीपैट की पर्चियों का मिलान ईवीएम से किया जाए। वहीं बाद में उनकी मांग थी कि पूरी नहीं तो कम से कम पचास प्रतिशत वीवीपैट का मिलान ईवीएम से किया जाए। विपक्षी दलों की इस मांग को भी निर्वाचन आयोग और सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया इसके बाद में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि हर लोकसभा क्षेत्र की हर विधानसभा सीट से रेन्डमली चुनी गईं किन्हीं पांच वीवीपैट की पर्चियों का मिलान सम्बन्धित ईवीएम से किया जाए।

इन बातों से साफ़ जाहिर था कि विपक्षी दलों को ईवीएम और वीवीपैट पर विश्वास नहीं था। लेकिन लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद साफ़ हो गया है कि विपक्षी दलों द्वारा ईवीएम और वीवीपैट पर किया जा रहा अविश्वास आधारहीन था। जीहां हां, निर्वाचन आयोग के मुताबिक़, ईवीएम और वीवीपैट की पर्चियों का मिलान पूरी तरह से सही निकला है,और ईवीएम में किसी भी तरह की गड़बड़ी की विपक्ष की आशंका ग़लत साबित हुई है।

जानकारी के अनुसार, सभी राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों के अनुसार, ईवीएम से मिलाई गईं 20,625 वीवीपैट में से एक के भी मिसमैच होने की ख़बर नहीं मिली है। यानि कि देश की सभी 542 लोकसभा सीटों पर जब ईवीएम और रेन्डमली सिलेक्टेट वीवीपैट का मिलान किया, तो सभी मिलान सही निकले। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ईवीएम में दर्ज वोटों की सही जानकारी और रिकॉर्ड के लिए वीवीपैट की व्यवस्था साल 2013-14 से शुरू की गई थी।

विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में 90 करोड़ मतदाताओं को 2019 के लोकसभा चुनाव के द्वारा नई सरकार का चुनाव करना था। इस सबसे बड़े चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने कुल 22.3 लाख बैलेट यूनिट, 16.3 लाख कंट्रोल यूनिट और 17.3 लाख वीवीपैट का इस्तेमाल किया था। इस बार लोकसभा चुनाव में 17.3 लाख वीवीपैट में से 20,625 वीवीपैट का ईवीएम से मिलान किया गया। जब वीवीपैट का मिलान ईवीएम से किया गया तो सभी मिलान 100 प्रतिशत सही निकले।

मतगणना के दौरान ईवीएम और वीवीपैट के 100 प्रतिशत सही मिलान के बाद साफ़ जाहिर है कि विपक्षी दलों की ईवीएम और वीवीपैट पर संदेह की कोई भी वजह नहीं थी। दरअसल, सम्भावित हार के मद्देनज़र ही विपक्षी दल ईवीएम और वीवीपैट पर सवाल उठाते रहते हैं। पिछले साल दिसम्बर में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत हुई थी, तब कांग्रेस समेत विपक्ष ने ईवीएम पर कोई भी सवाल खड़े नहीं किये थे।

अब जबकि ईवीएम और वीवीपैट का मिलान 100 प्रतिशत सही पाया गया है, ऐसे में देखना होगा कि अब विपक्षी दलों कि इस पर क्या प्रतिक्रिया रहती है। कई पूर्व चुनाव आयुक्त से लेकर कई आईपीएस और आईएएस अधिकारी कह चुके हैं कि ईवीएम को हैक नहीं किया जा सकता है, लेकिन इतना होने के बाद भी विपक्षी दलों को ईवीएम पर यकीन नहीं है। आशा की जानी चाहिए कि लोकसभा चुनाव में 20,625 वीवीपैट के 100 प्रतिशत सही मिलान के बाद विपक्षी दल ईवीएम की विश्वसनीयता पर संदेह करना बंद करेंगे।