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​जानिए क्या है स्पैम कॉल और कैसे पाएं इससे निजात?

Thursday - June 13, 2019 10:41 am , Category : WTN HINDI
स्पैम कॉल्स रिसीव करने के मामले में भारतीय हैं दूसरे नम्बर पर
स्पैम कॉल्स रिसीव करने के मामले में भारतीय हैं दूसरे नम्बर पर

स्पैम कॉल्स से रहें सावधान!

JUNE 13 (WTN) – मोबाइल फोन पर इन दिनों स्पैम कॉल के कारण लोग बहुत ज़्यादा परेशानी का सामना कर रहे हैं। स्पैम कॉल के जरिये टेलीकॉलर्स अपनी स्कीम बेचने के लिए आपको फोन करते रहते हैं, जिससे आपका क़ीमती समय बर्बाद होता है। टेलीकॉलर्स के कॉल से बचने के लिए कई बार आप अनजान नम्बर की कॉल को रिसीव नहीं करते हैं। ऐसे में कई बार आप ज़रूरी कॉल को मिस कर जाते हैं।

आइये आपको सबसे पहले स्पैम कॉल के बारे में विस्तार से बताते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि स्पैम कॉल तीन तरह की होती हैं। एक स्पैम कॉल रियल कम्पनियों की तरफ़ से आती हैं जो कि आपको अपना उत्पाद या सर्विस आपको बेचना चाहती हैं। दूसरी स्पैम कॉल होती है कम्प्यूटराइज्ड, जिसमें पहले से रिकॉर्डेड कोई कॉल आपको की जाती है। वहीं तीसरी स्पैम कॉल वह होती है जो कि आपको ठगने के लिए की जाती है। हमारी आपको सलाह है कि स्पैम कॉल्स से आप सावधान रहें।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनियाभर में स्पैम कॉल रिसीव करने के मामले में भारतीय मोबाइल यूजर्स दूसरे स्थान पर हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक़, भारतीयों द्वारा रिसीव की गई कुल फोन कॉल्स में से 6 प्रतिशत के क़रीब कॉल्स स्पैम होती हैं। साल 2018 में औसत भारतीय मोबाइल फोन यूजर ने हर महीने 22.3 स्पैम कॉल को रिसीव किया है। बता दें कि स्पैम कॉल्स रिसीव करने के मामले में ब्राजील, दुनिया में पहले स्थान पर हैं। ब्राजील में मोबाइल फोन यूजर हर महीने क़रीब 37.5 स्पैम कॉल्स रिसीव करता है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक़, भारत में 91 प्रतिशत स्पैम कॉल्स के लिए टेलिकॉम कम्पनियां ही खुद ज़िम्मेदार हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अपने ऑफर्स को बेचने और बैलेंस रिमाइन्डर देने के लिए टेलीकॉम कम्पनियों की ओर से होने वाली कॉल्स में काफ़ी वृद्धि हुई है। हालांकि, अब भारतीय यूजर्स द्वारा रिसीव की जाने वाली स्पैम कॉल्स की संख्या में कमी आई है, और यह पिछले साल की तुलना में प्रति यूजर 1.5 प्रतिशत कम रही है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 2017 में स्पैम कॉल रिसीव करने के मामले में भारत, दुनिया में पहले स्थान पर था।

ट्राई के नियमों के अनुसार टेलीकॉम कम्पनियों द्वारा किये जाने वाली कॉल्स और स्पैम कॉल्स में अंतर होना बहुत ज़रूरी है। इधर टेलीकॉम कम्पनियों का कहना है कि यूजर्स को टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर द्वारा भेजे जाने वाले अधिकतर मैसेजेस और कॉलिंग ट्राई के नियमों के दायरे में रहकर ही किये जाते हैं। यह मैसेजस पब्लिक नोटिस, रेग्युलेटरी अनुपालन और सर्विस कैटगरी के हो सकते हैं।

जैसा कि आप जानते हैं कि स्पैम कॉल हर बार अलग-अलग नम्बर से आती हैं तो आप इसे हर बार ब्लॉक भी नहीं कर सकते हैं। यदि आप इस तरह की कॉल्स से परेशान हैं तो हम आपको इससे निजात दिलाने के तरीक़े बताते हैं। मोबाइल नेटवर्क कम्पनियां इस तरह की कॉल से बचने के लिए आपको सुविधा प्रदान करती हैं। यदि आप अपनी मोबाइल नेटवर्क कम्पनी के दिये गये दिशा निर्देश का अनुसरण करते हैं तो आप स्पैम कॉल से निजात पा सकते हैं।

ट्राई के नियमानुसार स्पैम कॉल से बचने के लिए डीएनडी सर्विस एक्टिव कराना एक बढ़िया तरीक़ा है। क्या है यह तरीक़ा,आइये आपको बताते हैं। आप मैसेज और कॉलिंग दोनों ही तरीक़ों से स्पैम कॉल को ब्लॉक कर सकते हैं। मैसेज के ज़रिये स्पैम कॉल को ब्लॉक करने के लिए सबसे पहले मैसेज को ओपन करें। इसमें START टाइप करने के बाद स्पेस दें। स्पेस देने के बाद अपना मोबाइल नम्बर लिखें। इस मैसेज को 1909 पर सेंड कर दें। ऐसा करने से आपके मोबाइल नम्बर पर आने वाली स्पैम कॉल ब्लॉक हो जाएंगी।

आप कॉलिंग के ज़रिये भी मोबाइल पर आने वाली स्पैम कॉल को ब्लॉक कर सकते हैं। कॉलिंग के ज़रिये स्पैम कॉल को ब्लॉक करने के लिए मोबाइल पर डायल पैड ओपन करें। डायल पैड ओपन करने के बाद 1909 नम्बर पर कॉल करें। इस नम्बर पर कॉल करने के बाद मोबाइल नेटवर्क कम्पनी की तरफ़ से आपको जो भी निर्देश दिये जाएंगे, उन्हें फॉलो करें और स्पैम कॉल को ब्लॉक करने के लिए डीएनडी सर्विस को एक्टिव करें।