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​लोकसभा उपाध्यक्ष के जरिये मोदी की भविष्य की ‘रणनीति’

Monday - June 17, 2019 3:50 pm , Category : WTN HINDI
वाईएसआर कांग्रेस या बीजेडी को डिप्टी स्पीकर का पद ऑफर कर सकते हैं मोदी!
वाईएसआर कांग्रेस या बीजेडी को डिप्टी स्पीकर का पद ऑफर कर सकते हैं मोदी!

लोकसभा डिप्टी स्पीकर पद के बहाने एनडीए का परिवार बढ़ाने की ‘कवायद’

JUNE 17 (WTN) – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भविष्य को देखकर राजनीति करने वाले नेता हैं। राजनीति में आजकल वही 'सफ़ल' है जो आगे की रणनीति बनाकर चलता है। प्रधानमंत्री मोदी जानते हैं कि इस बार के लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिली प्रचण्ड जीत के बाद उनकी सरकार से काफ़ी 'अपेक्षाएं' लोगों को हैं। मोदी यह भी जानते हैं कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को एनडीए के लिए कुछ और सहयोगियों की ज़रूरत पड़ेगी। ऐसा इसलिए, क्योंकि एक तो 2024 में दस साल की सत्ता विरोधी लहर और दूसरा जेडीयू जैसी पार्टियों का एनडीए से दूर होने का 'ख़तरा'। मोदी यह भी जानते हैं कि राज्यसभा में सरकार को बहुमत हासिल नहीं है, ऐसे में कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पास कराने के लिए साथियों की 'ज़रूरत' पड़ सकती है।
 
इन सभी 'सम्भावनाओं' को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी एनडीए परिवार को बढ़ाने के लिए हर सम्भव कोशिश कर रहे हैं। इसी कड़ी में कहा जा रहा है कि लोकसभा में उपसभापति (डिप्टी स्पीकर) का पद मोदी, आंध्र प्रदेश में शानदार प्रदर्शन करने वाली जगन मोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआर कांग्रेस (वाईएसआरसीपी) को या फ़िर सालों से ओडिशा में क़ाबिज नवीन पटनायक की बीजू जनता दल को 'ऑफर' कर सकते हैं।

17 जून से 26 जुलाई तक चलने वाले नई लोकसभा के पहले सत्र में मोदी सरकार को लोकसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन करना है। यह तो तय है कि भाजपा लोकसभा अध्यक्ष का पद अपने पास रखेगी। ऐसे में लोकसभा उपाध्यक्ष पद के लिए एनडीए की सहयोगी शिवसेना दावेदारी कर रही है। लेकिन यदि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पहले कार्यकाल जैसा 'राजनीतिक दांव' खेला, तो पिछली बार की तरह इस बार भी एनडीए से बाहर के किसी दल को डिप्टी स्पीकर का पद भाजपा दे सकती है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछली लोकसभा में भी प्रधानमंत्री मोदी ने राजनीतिक दांव खेलते हुए लोकसभा उपाध्यक्ष का पद AIADMK को दिया था, जबकि AIADMK एनडीए का हिस्सा नहीं थी। प्रधानमंत्री मोदी को इसका यह 'फ़ायदा' मिला कि कई अहम मौक़ों पर AIADMK मोदी सरकार के साथ खड़ी नज़र आई। AIADMK की एनडीएन से इतनी 'नज़दीकियां' बढ़ीं कि साल 2019 का लोकसभा चुनाव AIADMK ने एनडीए का हिस्सा बनकर लड़ा।

एनडीए का परिवार बढ़ाने के 'मक़सद' से प्रधानमंत्री मोदी वाईएसआर कांग्रेस या फ़िर बीजेडी को डिप्टी स्पीकर का पद 'ऑफर' कर सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस लोकसभा चुनाव में जगन मोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआर कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश की 25 में से 22 सीटों पर जीत हासिल की है। राजनीतिक रणनीति के तहत मोदी वाईएसआर कांग्रेस को डिप्टी स्पीकर का पद ऑफर कर एनडीए को 'मज़बूत' कर सकते हैं। लेकिन यह इतना आसान नहीं है, क्योंकि आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य के दर्जे को लेकर जगन मोहन रेड्डी कुछ 'शर्तें' प्रधानमंत्री के मोदी के सामने रख सकते हैं, ऐसे में इन शर्तों के 'अव्यवहारिक' होने की सूरत में शायद वाईएसआर कांग्रेस पार्टी डिप्टी स्पीकर के पद से दूर ही रहें।

वाईएसआर कांग्रेस के बाद जिस दूसरी पार्टी को डिप्टी स्पीकर का पद मोदी ऑफर कर सकते हैं, वो है नवीन पटनायक की बीजू जनता दल। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 2009 तक बीजेडी, एनडीए का हिस्सा थी। इस बार लोकसभा चुनाव में भाजपा ने ओडिशा में बीजेडी के गढ़ में सेंध लगाते हुए राज्य की 21 में से 8 सीटों पर जीत हासिल की है। वैसे मोदी की पूरी कोशिश है कि डिप्टी स्पीकर पद के लिए वाईएसआर कांग्रेस मान जाए। ऐसा इसलिए, क्योंकि भाजपा को आंध्र प्रदेश में एक 'मज़बूत साथी' की ज़रूरत है। टीडीपी के 'हाशिये' पर जाने के बाद आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस सबसे मज़बूत पार्टी है।

मोदी जानते हैं कि आंध्र प्रदेश में भाजपा को अपना 'जनाधार' हासिल करने में कम से कम 10 साल लगेंगे। ऐसे में राज्यसभा में वाईएसआर कांग्रेस से समर्थन हासिल करने के लिए मोदी पूरी कोशिश करेंगे कि डिप्टी स्पीकर के पद का ऑफर वाईएसआर कांग्रेस स्वीकार कर ले। मोदी जानते हैं कि आने वाले भविष्य में जगन मोहन रेड्डी उनके एक 'विश्वसनीय' साथी हो सकते हैं।

लेकिन वाईएसआर कांग्रेस की 'ना' के बाद प्रधानमंत्री मोदी के सामने बीजेडी सबसे बढ़िया विकल्प है। ऐसा इसलिए, क्योंकि आने वाले समय में भाजपा को राज्यसभा से कुछ विधेयकों को पास कराने के लिए बीजेडी की ज़रूरत पड़ सकती है। कहा जा रहा है कि यदि बीजेडी को डिप्टी स्पीकर का पद ऑफर किया जाता है तो नवीन पटनाटक इस मना ना करें, क्योंकि ऐसा करके वे राज्य के लिए बढ़िया 'पैकेज' केन्द्र से हासिल कर सकते हैं।

पूर्ण बहुमत की भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को वैसे तो किसी भी पार्टी के समर्थन की लोकसभा में ज़रूरत नहीं है। लेकिन राज्यसभा में एनडीए को बहुमत हासिल नहीं है, ऐसे में मोदी चाहेंगे कि वाईएसआर कांग्रेस या फ़िर बीजेडी को डिप्टी स्पीकर का पद देकर इन पार्टियों से राज्यसभा में समर्थन हासिल किया जाए। वहीं इसी बहाने इन पार्टियों को एनडीए में शामिल करने की कोशिश की जाए ताकि आने वाले समय में एनडीए और भी 'मज़बूत' हो सके।