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​सावधान! पाकिस्तानी जासूसों के ‘निशाने’ पर है आपका मोबाइल

Monday - June 24, 2019 10:17 am , Category : WTN HINDI
सोशल मीडिया साइट्स पर बरतें ‘सावधानी’
सोशल मीडिया साइट्स पर बरतें ‘सावधानी’

आईएसआई लगा रहा भारतीय सैन्य और पुलिस अधिकारियों के कम्प्यूटर और मोबाइल में ‘सेंध’
 

JUNE 24 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान आतंकियों और पाक सेना की मदद से भारत में आतंकी गतिविधियों को फ़ैलाने में लगा रहता है। तो वहीं पाकिस्तान की खुफ़िया एजेंसी आईएसआई अपने जासूसों के जरिये भारतीय सेना और पुलिस के जवानों और अधिकारियों को अपने जाल में फंसाकर खुफ़िया जानकारी हासिल करने की कोशिश करती रहती है। कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जब हनीट्रैप के जरिये पाकिस्तान की खुफ़िया एजेंसी आईएसआई, भारतीय सेना के जवानों और अधिकारियों को फंसाने में कामयाब रही है।
 
सोशल मीडिया के दौर में अब पाकिस्तान की खुफ़िया एजेंसी आईएसआई भारत के ख़िलाफ़ कुछ नये हथकण्डे अपना रही है, जिसमें पाकिस्तानी जासूस भारतीय सेना और पुलिस अधिकारियों के कम्प्यूटर हैक करने की कोशिश में हैं। मीडिया से मिली जानकरी के मुताबिक़, साल 2015 से 2018 तक की अवधि में 98 से ज़्यादा भारतीय अधिकारियों के कम्प्यूटर को हैक करने की कोशिश पाकिस्तानी जासूसों ने की है। ये अधिकारी भारतीय थल सेना, वायु सेना, जल सेना, पैरामिलेट्री फोर्सेस के साथ-साथ पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश पुलिस से जुड़े हुए हैं।

मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, पाकिस्तानी जासूस सेजल कपूर नाम की एक फेक फेसबुक आईडी के जरिये भारत के इन अधिकारियों से जुड़ते थे और फिर विस्पर और ग्रैविटी रैट जैसे स्पाई ऐप्स की मदद से अधिकारियों के कम्प्यूटर से जानकारी लेने की कोशिश करते थे। वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तानी जासूसों ने भारतीय अधिकारियों को अपने टारगेट पर लिया हो।

वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऐसा नहीं है कि पाकिस्तानी जासूस, भारतीय सेना और पुलिस के जवानों और अधिकारियों को ही निशाना बनाते हैं। पाकिस्तानी जासूसों के निशाने पर आम भारतीय लोग भी रहते हैं ताक़ि इनसे सामान्य जानकारियां हासिल की जा सकें। हमारी आपको सलाह है कि आप भी सतर्क रहें ताक़ि आप पाकिस्तानी जासूसों का शिकार बने से बच सकें।

आपको सबसे पहले तो सोशल मीडिया पर काफ़ी सतर्क रहने की ज़रूरत है। व्हाट्सएप, फेसबुक समेत जितने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हैं उन पर निजी और अपने ऑफिस की ऐसी जानकारी शेयर करने से बचें जो कि शेयर करना ज़रूरी नहीं है। वहीं आपको सबसे ज़्यादा व्हाट्सएप पर सतर्क रहने की ज़रूरत है। ऐसा इसलिए, क्योंकि व्हाट्सएप से ही सबसे ज़्यादा जानकारियां हासिल की जा रही हैं।

सबसे पहले किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना मोबाइल नम्बर कभी भी ना दें। यदि आप व्हाट्सएप में किसी ग्रुप में जुड़े हैं तो ध्यान रखें कि इस ग्रुप में कोई ऐसा व्यक्ति तो नहीं जुड़ा है जिसे आप नहीं जानते हैं। ग्रुप में जितने भी कॉन्टैक्ट्स  हैं वे सभी नाम के साथ सेव करें। जब भी ग्रुप में कोई सदस्य जुड़े तो अनजान नम्बरों की जांच ज़रूर करें।

किसी व्हाट्सएप ग्रुप में यदि आप जुड़ रहे हैं तो उस ग्रुप के सभी सदस्यों की पूरी जानकारी आपको होना चाहिए। यदि आप अपना व्हाट्सएप नम्बर बदल रहे हैं तो इसकी जानकारी ग्रुप एडमिन को ज़रूर दें। अपना नम्बर चेंज करने पर पुरानी सिम को पूरी तरह से नष्ट करना आपके लिए फ़ायदेमंद है। हमारी आपको ख़ास सलाह है कि हमेशा चाइनीज़ नम्बरों से बचें। कोई भी ऐसे नम्बर को ग्रुप में ना जोड़ें जो कि +86 से शुरू होता है। हमेशा +86 से शुरू होने वाले सभी नम्बर्स पर अपनी नज़र बनाए रखें, क्योंकि पाकिस्तानी जासूस चाइनीज नम्बर्स से हैकिंग की कोशिश करते हैं।

ध्यान रखिए कि आपकी ज़रा सी असावधानी से आपका मोबाइल हैक किया जा सकता है। यदि आपका मोबाइल नम्बर हैक हुआ तो आपकी व्हाट्सएप जानकारी भी हैकर्स को पता चल सकती है। हमारी आपको सलाह है कि कभी भी व्हाट्सएप पर निजी और अपने ऑफ़िस से सम्बन्धित ऐसी कोई भी जानकारी शेयर ना करें जो कि गुप्त है, क्योंकि यदि ऐसा आप करते हैं तो इससे आपकी गुप्त जानकारी जासूसों के हत्थे चढ़ सकती है। तो व्हाट्सएप ही नहीं बाक़ी अन्य सोशल मीडिया साइट्स पर भी सावधानी बरतें ताक़ि आप पाकिस्तानी जासूसों के झांसे में ना फंस सकें।