BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL Astrology GOSSIP CORNER SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
logo
Breaking News

आपकी एक ग़लती आपके बैंक अकाउंट पर पड़ सकती है भारी!

Tuesday - July 9, 2019 12:57 pm , Category : WTN HINDI
किसी भी ऐप को डाउनलोड करने के बाद बरतें ‘सावधानी’
किसी भी ऐप को डाउनलोड करने के बाद बरतें ‘सावधानी’

जालसाज़ अब UPI का सहारा लेकर कर रहे हैं बैंक अकाउंट पर अटैक!

JULY 09 (WTN) – जालसाज़ी सदियों से होती रही है। एक समय था जब जालसाज़ अलग तरीक़े से जालसाज़ी करते थे, लेकिन अब जालसाज़ों ने इसके लिए डिजीटल तरीक़ा अपना लिया है। जैसा कि आप जानते हैं कि इंटरनेट के समय में हैकर्स, यूज़र्स की लापरवाही का फ़ायदा उठाते हुए बैंक अकाउंट से आसानी से पैसा उड़ा रहे हैं। अभी तक तो हैकर्स नेट बैंकिंग और डेबिट या क्रेटिड कार्ड हैक करके यूज़र्स के अकाउंट से पैसा उड़ा रहे थे, पर अब हैकर्स ने इस काम के लिए UPI का सहारा लेना भी शुरू कर दिया है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन दिनों हैकर्स AnyDesk नाम के एक ऐप के ज़रिए यूज़र्स के मोबाइल फोन का रीमोट एक्सेस ले रहे हैं। क्या है यह पूरा मामला और किस तरह से लोग जालसाज़ी का शिकार हो रहे हैं, आइये आपको विस्तार से बताते हैं। दरअसल, AnyDesk और उसकी तरह के कुछ ऐप्स अपने यूज़र्स से रेगुलर प्राइवेसी की परमिशन मांगते हैं। बाद में यह ऐप हैकर्स को यूज़र्स के स्मार्टफोन की परमिशन दे देते हैं। यूज़र्स के स्मार्टफोन की परमिशन मिलने के बाद हैकर्स आसानी से यूज़र्स के वॉलेट और यूपीआई अकाउंट्स से बड़ी ही आसानी से पैसा निकाल लेते हैं।

इस तरह की फ्रॉड की ख़बरें सामने आने के बाद RBI ने इसे लेकर बाक़ायदा एक अलर्ट भी जारी किया है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अपनी एडवाइज़री में कहा है कि यूज़र्स को इस तरह के ऐप से सावधान रहने की ज़रूरत है। आइये आपको बताते हैं कि बैंकिग से जुड़े इस नए तरीक़े के फ्रॉड को किस तरह से हैकर्स अंजाम दे रहे हैं, और इससे आप कैसे बच सकते हैं।
 
लोगों को अपना शिकार बनने के लिए सबसे पहले जालसाज़ उन्हें फोन करते हैं। इनकी बातों का तरीक़ा ऐसा होता जैसे कि ये किसी बैंक के कर्मचारी हैं। खुद को बैंक का कर्मचारी साबित करने के लिए ये फोन कॉल पर बाक़ायदा आपसे आपकी पूरी जानकारी को वेरिफाइ करेंगे, जिस तरह से बैंक को कॉल करने पर आपकी जानकारी वेरिफाइ की जाती है।

आप से फोन पर बात करते हुए ये जालसाज़ धीरे-धीरे आपको डराने की कोशिश करेंगे जैसे कि आपका डेबिट या क्रेडिट कार्ड ब्लॉक हो सकता है, या आपके बैंक अकाउंट या फ़िर इंटरनेट बैंकिंग को बंद किया जा सकता है आदि। यदि आप इन जालसाज़ों की बातों से डर गये, और इनकी बातों पर आपने यक़ीन कर लिया तो आप इनकी जालसाज़ी में फंस जाएंगे।

यदि आप जालसाज़ के कॉल से डर गये, तो यह आपको इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए किसी ऐप को डाउनलोड करने कहेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह ऐप AnyDesk या फिर इससे मिलती जुलती कोई और रीमोट डिवाइस कंट्रोल ऐप हो सकती है। यदि आपने AnyDesk या उससे मिलते जुलते किसी ऐप को डाउलनोड किया तो यह ऐप भी अन्य ऐप्स की तरह आपसे एक्सिस के लिए रेगुलर परमिशन मांगेगा।

अब कॉलर आपसे 9 डिजिट का एक कोड पूछेगा, यह वह कोड है जो कि आपने फोन में ऐप के लिए परिमशन देने के बाद जनरेट हुआ है। जैसे ही आप कॉलर को 9 डिजिट का यह कोड बताएंगे, वह आपसे अपने फोन से परमिशन Allow करने के लिए कहेगा। जैसे ही आपने परमिशन Allow की, आपके स्मार्टफोन पर किसी दूसरे का कंट्रोल हो जाएगा। जालसाज़ यह काम इतने चालाकी से करते हैं कि इसका आपको पता ही नहीं चल पाएगा।

जैसे ही आप परमिशन Allow करते हैं तो आपके फोन का पूरा एक्सेस जालसाज़ के पास चला जाता है। जिसके बाद ये आपका पासवर्ड चुराकर आपके UPI अकाउंट से ट्रांजैक्शन कर लेते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कई बार ये जासलाज़ आपको एक एसएमएस भेजकर उसे किसी एक नम्बर पर भेजने के लिए कह सकते हैं। जालसाज़ मैसेज रिसीव करने के बाद आपके मोबाइल नम्बर या बैंक अकाउंट को UPI के जरिए अपने मोबाइल में जोड़ लेते हैं। इतना ही नहीं, ये यूज़र्स के वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (VPA) पर रिक्वेस्ट भेजते हैं। जानकारी ना होने के कारण ज़्यादातर यूज़र्स इन रिक्वेस्ट्स को ऑथराइज़ कर देते हैं।

इस तरह के किसी भी फ्रॉड से बचने के लिए हमारी आपको सलाह है कि आप ऐसे किसी भी फोन कॉल को तुरन्त ही काट दें, जो कि आपसे बैंक कर्मचारी बनकर आपसे आपकी बैंक डिटेल्स की जानकारी मांगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि किसी भी बैंक का कोई भी कर्मचारी कभी भी किसी भी यूज़र को कॉल करके उसकी बैंकिंग से सम्बन्धित परेशानियों को नहीं सुलझाता है।

कभी भी बैंक खाते से जुड़ी कोई भी जानकारी फोन पर किसी के सभी साथ शेयर ना करें। यदि आपको बैंक से सम्बन्धित कोई भी परेशानी है तो आप सीधे बैंक ब्रांच में जाकर सम्पर्क करें, या फ़िर बैंक द्वारा मुहैया कराए गये हेल्पलाइन नम्बर्स पर ही कॉल करें। मोबाइल फोन पर आपकी सावधानी में ही आपके बैंक अकाउंट की सुरक्षा निर्भर है।