BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL Astrology GOSSIP CORNER SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
logo
Breaking News

कश्मीर मुद्दे पर पूरी दुनिया में ‘अकेले’ पड़े इमरान ख़ान!

Friday - August 9, 2019 1:06 pm , Category : WTN HINDI
इमरान ख़ान की कश्मीर पर सारी कूटनीति हुई ‘फेल’
इमरान ख़ान की कश्मीर पर सारी कूटनीति हुई ‘फेल’

अनुच्छेद – 370 पर बौखलाए इमरान ख़ान ने दुनिया के शीर्ष नेताओं को दी ‘नैतिक चुनौती’!
 
AUG 09 (WTN) – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश हित में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 को ख़त्म करके ऐसा दांव चला है, जिससे भारत में उनके विरोधियों के साथ-साथ पड़ोसी देश पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान बुरी तरह से घिर गये हैं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 की समाप्ति के बाद पाकिस्तान बुरी तरह से बौखला गया है। हालत यह है कि पाकिस्तान के अन्दर ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को अपनी जनता और विपक्ष को जवाब देते नहीं बन रहा है। ऐसे में इमरान ख़ान ने जब अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मांगा तो हर कहीं से इमरान ख़ान को निराशा ही हाथ लगी है।

प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीति से डरे और सहमे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान का कहना है कि पाकिस्तान युद्ध नहीं चाहता है, लेकिन अगर भारत उस पर युद्ध थोपता है तो करारा जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान में सेना की कठपुतली साबित हो चुके इमरान ख़ान अब कश्मीर मुद्दे पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को नौतिक रूप से चुनौती दे रहे हैं। अपने एक ट्वीट में इमरान ख़ान ने लिखा है, “क्या कश्मीर में सम्भावित नरसंहार को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के पास नैतिक साहस बचा है?”

भारत की सर्जिकल स्ट्राइक और एअर स्ट्राइक से डरे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान वैसे तो पूरी दुनिया से कह रहे हैं कि भारत के कश्मीर पर फ़ैसले के ख़िलाफ़ वे आतंकी समूहों को समर्थन नहीं देंगे। लेकिन मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़ पाकिस्तान, चीन की मदद से पीओके के मानसेहरा में सामरिक टनल बनाने में जुटा हुआ है। इतना ही नहीं पाकिस्तान लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के पास प्रेशर सेंसर का इस्तेमाल कर रहा है, जिसे उसने अमेरिका से ख़रीदा था।

इतना ही नहीं पाकिस्तानी सेना अब आतंकियों को 12.7 MM की हैवी मशीन गन भी दे रही है। इन मशीन गन के लिए ख़तरनाक स्टील बुलेट को पाकिस्तान ने चीन की एक कम्पनी से गुपचुप तरीक़े से मंगाया है। पाकिस्तान एलओसी पर रोबोटिक हथियारों का इस्तेमाल भी कर रहा है ताकि आतंकियों की घुसपैठ में मदद की जा सके।

भारत के ख़िलाफ़ पाकिस्तान इतने सब षड़यंत्र करने के बाद अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कश्मीर के मुद्दे पर समर्थन हासिल करने की तैयारी कर रहा है, लेकिन उसे इस सब में निराशा ही हाथ लगी है। दुनिया के देशों की पंचायत संयुक्त राष्ट्र संघ ने कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान की गुहार को ज़्यादा तवोज्जो नहीं देते हुए भारत और पाकिस्तान दोनों ही देशों से संयम बरतने की अपील की है। वहीं कश्मीर के वर्तमान घटनाक्रम पर अमेरिका ने साफ़ कर दिया है कि कश्मीर पर मुद्दे पर उसका (अमेरिका) जो स्टैण्ड पहले था वहीं स्टैण्ड अब भी है।
 
इधर तालिबान जैसे आतंकी संगठन ने भी कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई है। तालिबान के प्रवक्ता जबीहउल्लाह मुजाहिद का इस बारे में कहना है, “कश्मीर के मुद्दे को कुछ पक्षों की ओर से अफगानिस्तान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे संकट से निपटने में कोई मदद नहीं मिलेगी, क्योंकि अफगानिस्तान के मुद्दे का इससे कोई लेना-देना नहीं है। अफगानिस्तान अन्य देशों की प्रतिस्पर्धा के बीच नहीं फंसना चाहता है।”

वहीं पाकिस्तान को उम्मीद थी कि दुनिया भर के मुस्लिम देश अनुच्छेद - 370 के मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ देंगे, लेकिन तर्की को छोड़कर कोई भी मुस्लिम देश खुलकर पाकिस्तान के समर्थन में नहीं आया है। यहां तक कि मालदीव और यूएई जैसे देश तो खुलकर भारत के समर्थन में आ गये हैं तो वहीं बाक़ी मुस्लिम देशों ने इस समय भारत के आंतरिक मुद्दे पर फ़िलहाल चुप्पी साध रखी है।
 
इधर पाकिस्तान को कर्ज़ में फंसाने वाले चीन, यूरोपीय देशों और अन्य दूसरे देशों ने भी कश्मीर मुद्दे पर सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। जाहिर है कि भारत के आंतरिक मुद्दे कश्मीर पर दुनिया के अन्य देश दुनिया की 7वीं सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति से किसी भी तरह के सम्बन्ध खराब करना नहीं चाहेंगे। जिस तरह से दुनिया के देश जम्मू-कश्मीर से 370 हटाने के मोदी सरकार के फ़ैसले पर भारत सरकार के साथ खड़े नज़र आ रहे हैं, इससे साफ़ जाहिर होता है कि मोदी सरकार की कूटनीति से पाकिस्तान इस मामले में पूरी दुनिया में अकेला पड़ता जा रहा है।