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यदि काम से नहीं हैं संतुष्ट तो अब बदलिए विद्युत वितरण कम्पनी!

Wednesday - August 28, 2019 3:47 pm , Category : WTN HINDI
बिजली क्षेत्र में मोदी सरकार उठाने जा रही है क्रांतिकारी क़दम
बिजली क्षेत्र में मोदी सरकार उठाने जा रही है क्रांतिकारी क़दम

सिम और डीटीएच की तरह बदल सकते हैं बिजली सप्लाई करने वाली कम्पनी
 
AUG 28 (WTN) – एक सर्वे के मुताबिक़, भारतीय जनता जिन सरकारी विभागों के कामकाज के तरीक़ों से सबसे ज़्यादा परेशान रहती है उसमें बिजली विभाग भी शामिल है। अघोषित बिजली कटौती, मनमाने बिल और बिजली विभाग की लापरवाही के कारण जनता को समय-समय पर काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

लेकिन हैरान परेशान जनता कर भी क्या सकती है, क्योंकि बिजली विभाग तो ठहरा एक सरकारी विभाग। लेकिन यदि बिजली का कनेक्शन मोबाइल की सिम या फ़िर डीटीएच कनेक्शन की तरह होता तो कितना अच्छा होता कि इसे बदला भी जा सकता। लेकिन यदि हम आपसे कहें कि आप अपनी बिजली वितरण कम्पनी को बदल सकते हैं, तो यह पढ़कर आप सोच रहे होंगे कि क्या यह मजाक तो नहीं है?

जी नहीं, यह मजाक नहीं है। केन्द्र की मोदी सरकार देश के बिजली उपभोक्ताओं को एक बहुत बड़ी सहूलियत देने जा रही है। बिजली क्षेत्र में बड़े सुधार का लक्ष्य लेकर चल रही मोदी सरकार बिजली उपभोक्ताओं को और भी ज़्यादा सुविधाएं देने जा रही है। इसके तहत यदि मौजूदा बिजली वितरण कम्पनी यदि सही सर्विस नहीं दे रही है, तो उपभोक्तों के पास विकल्प होगा कि वे बिजली सप्लाई के लिए किसी दूसरी बिजली वितरण कम्पनी का चयन कर लें।

बिजली उपभोक्ताओं को यह सुविधा प्रदान करने के लिए केन्द्र की मोदी सरकार ने सभी राज्यों के ऊर्जा मंत्रालय को निर्देश दिया है और ये कहा है कि वे फ्रेंचाइजी मॉडल को अपनाएं। फ्रेंचाइजी मॉडल का मतलब है कि बिजली वितरण के लिए एक क्षेत्र में कई बिजली वितरण कम्पनियां रहेंगी। यदि उपभोक्ता किसी बिजली वितरण कम्पनी की सर्विस से असंतुष्ट है, तो वह किसी नई बिजली वितरण कम्पनी से बिजली कनेक्शन ले सकता है।

उपभोक्ताओं को यह सुविधा जल्द से जल्द मिल सके, इसके लिए केन्द्र सरकार ने सभी राज्यों के उर्जा मंत्रालय को यह निर्देश दिया है कि तीन महीने में निजी कम्पनियों को चुनने के लिए बिडिंग की प्रक्रिया शुरू की जाए। दरअसल, इस योजना के जरिये मोदी सरकार सरकार की प्लानिंग है कि बिजली वितरण क्षेत्र में निजी कम्पनियों के आने से विद्युत वितरण के काम में कार्यक्षमता बढ़ेगी और बिजली सप्लाई सुचारू रूप से होगी, क्योंकि निजी कम्पनियों के आने से कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा आएगी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बिजली वितरण के क्षेत्र में आने वाली निजी कम्पनियों की ज़िम्मेदारी बिजली कनेक्शन, बिजली सप्लाई और बिल कलेक्शन की रहेगी। नई योजना के तहत सरकारी डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी ही बिजली ख़रीदेंगी, वहीं ट्रांसमिशन का अधिकार भी सरकारी कम्पनी के पास ही रहेगा। लेकिन बिजली सप्लाई का अधिकार निजी बिजली वितरण कम्पनियों के पास भी रहेगा। निजी कम्पनियां बिजली बिल कलेक्शन से जो भी कमाई करेंगी, उसका कमीशन सरकारी कम्पनी को दिया जाएगा।

मोदी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में किसी भी तरह की कोई भी अड़चन सरकारी बिजली वितरण करने वाली कम्पनियों की ओर से ना आए, इसके लिए केन्द्र सरकार इसमें कुछ शर्तें भी जोड़ने वाली है। जैसे यदि कोई सरकारी बिजली वितरण कम्पनी इस मॉडल को नहीं अपनाती है, तो उसे REC और PFC की तरफ से लोन नहीं मिलेंगे। इतना ही नहीं, जिस सरकारी बिजली वितरण कम्पनी ने इस मॉडल को नहीं अपनाया, उसे दीनदयाल उपाध्याय योजना या आईपीडीएस के तहत कोई भी सरकारी मदद भी नहीं मिलेगी।

कहा जा सकता है कि बिजली क्षेत्र में सुधार का यह मोदी सरकार का एक बहुत बड़ा क़दम है। देखा गया है कि बिजली विभाग की वितरण कम्पनी की लापरवाही के कारण उपभोक्ताओं को काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में बिजली वितरण कम्पनी को बदलने का विकल्प उपभोक्ताओं के पास होने से बिजली वितरण कम्पनियां प्रतिस्पर्धा के कारण उपभोक्ताओं को सुचारू रूप से बिजली वितरण की सेवा मुहैया कराएंगी।