BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL Astrology GOSSIP CORNER SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
logo
Breaking News

जानिए कि क्या है Electors Verification Program?

Monday - September 2, 2019 10:49 am , Category : WTN HINDI
निर्वाचन आयोग ने की Electors Verification Program की शुरुआत
निर्वाचन आयोग ने की Electors Verification Program की शुरुआत

अब ख़ुद ही अपलोड करें वोटर लिस्ट के लिए अपने दस्तावेज़!
 
SEP 02 (WTN) – आपके पास भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी वोटर आईकार्ड तो होगा ही, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि निर्वाचन आयोग ने 1 सितम्बर से देश भर में एक विशेष अभियान Electors Verification Program (EVP) की शुरुआत की है। क्या है यह अभियान और इसमें आपको क्या करना है, इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं। दरअसल, निर्वाचन आयोग अब मतदाताओं के वोटर आईडी वेरिफिकेशन कर रहा है। निर्चावन आयोग का यह विशेष अभियान 1 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक चलेगा।

Electors Verification Program (EVP) के तहत मतदाता सूची को क्राउड सोर्सिंग (जन भागीदारी) के ज़रिए अपडेट किया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत हर परिवार से एक वोटर को यूज़र नेम और पासवर्ड दिया जाएगा, जिससे वह वोटर ख़ुद के और अपने परिवार के सारे वोटर्स के रजिस्ट्रेशन से जुड़े सारे दस्तावेज़ अपलोड करेगा।

निर्वाचन आयोग का तर्क है कि इस प्रक्रिया से मतदाता के ब्यौरों की जांच बीएलओ करेगा और इससे दस्तावेजों की जांच में काफ़ी समय बचेगा। आयोग का कहना है कि इस क़दम का उद्देश्य वोटर लिस्ट का सही तरह से आकलन करना, उसका सेल्फ वेरिफिकेशन करना और वोटर लिस्ट में कोई ग़लती हो गई है तो उसे तुरन्त दुरस्त करने के लिए सशक्त बनाना है।
 
इस कार्यक्रम की शुरूआत सभी राज्यों और केन्द्र शासित क्षेत्रों में होगी। इसे कार्यक्रम में राज्य मुख्यालय स्तर पर 36 सीईओ, ज़िला स्तर पर 740 ज़िला चुनाव अधिकारी और क़रीब दस लाख चुनाव केन्द्रों पर चुनाव पंजीकरण अधिकारी इसमें शिरकत करेंगे।

लेकिन आप सोच रहे होंगे कि कहीं यह प्रक्रिया जटिल तो नहीं है, या फ़िर इसमें आपका समय तो बर्बाद नहीं होगा? चलिये आपको बताते हैं कि चुनाव आयोग के Electors Verification Program (EVP) के तहत आपको करना क्या होगा? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन के लिए आपको पहले nvsp.in  पर मोबाइल नम्बर, मतदाता कार्ड नम्बर और ई-मेल के साथ ख़ुद को जरिस्टर कराना होगा। इसके लिए आप गूगल प्ले स्टोर से वोटर हेल्पलाइन ऐप डाउनलोड करके भी ऐसा कर सकते हैं। रजिस्टर करने के बाद आपको हर वोटर के सत्यापन के लिए एक आईडी अपलोड करना है।

सत्यापन के लिए वोटर्स के दस्तावेज़ अपलोड करने के बाद इसकी जांच बीएलओ करेगा। जब वोटर अपनी सूचनाएं वेरिफाई कर देगा, उसके बाद बीएलओ भी स्मार्टफोन के साथ उसे वेरिफाई करने आपके घर आएंगे। जब बीएलओ घर आएगा, तो वोटर को अपनी आईडी और बाकी दस्तावेज़ दिखाने होंगे। यदि आप यह सब खुद करने में असमर्थ हैं, तो आप नज़दीकी कम्प्यूटर सेन्टर के ज़रिये भी इस प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।

निर्वाचन आयोग के मुताबिक़, पहले से ही स्वीकृत सात दस्तावेज़ों; पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, राशन कार्ड, सरकारी/अर्ध-सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों के लिए पहचान पत्र, बैंक पासबुक और किसान पहचान पत्र के अलावा मतदाताओं के विवरण के प्रमाणीकरण के लिए तीन और दस्तावेज़ों का भी उपयोग किया जा सकेगा।

यह दस्तावेज़ हैं पैन कार्ड, एनपीआर के तहत आरजीआई द्वारा जारी किया गया स्मार्ट कार्ड; और उस पते के लिए नवीनतम पानी/टेलीफोन/बिजली/गैस कनेक्शन बिल का बिल, या तो आवेदक के नाम पर या उसके माता-पिता के नाम पर होना चाहिए। इतना ही नहीं, मतदाताओं को डिजिलॉकर से सत्यापित दस्तावेज़ों को भी अपलोड करने की अनुमित होगी, जिसके लिए निर्धारित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रावधान किया गया है।

यदि आप भी मतदाता सूची में किसी भी तरह की कोई ग़लती के कारण किसी भी तरह की परेशानी का सामना कर रहे हैं, तो आपके पास यह एक अच्छा अवसर है कि आप खुद ही इन ग़लतियों को दुरस्त कर लें। हमारी आपको सलाह है कि आप निर्वाचन आयोग द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं जैसे एनवीएसपी पोर्टल और मतदाता हेल्पलाइन एप के ज़रिए अपने दस्तावेजों को अपलोड करें और उन्हें सत्यापित कराएं, ताकि निकट भविष्य में आपकी किसी भी तरह की कोई भी परेशानी का सामना ना करना पड़े।