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यदि नहीं भर पाए हैं इनकम टैक्स रिटर्न तो जानिए कुछ ज़रूरी नियम!

Tuesday - September 3, 2019 12:49 pm , Category : WTN HINDI
जुर्माने के साथ भर सकते हैं इनकम टैक्स रिटर्न
जुर्माने के साथ भर सकते हैं इनकम टैक्स रिटर्न

जानिए अब भरा इनकम टैक्स रिटर्न तो कितना देना होगा जुर्माना?

SEP 03 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि वित्त वर्ष 2018-19 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आख़िरी तारीख़ 31 अगस्त 2019 थी। जानकारी के मुताबिक़, इस बार आईटीआर रिटर्न फाइलिंग में 41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। रिटर्न भरने के आख़िरी दिन 31 अगस्त को रिकॉर्ड क़रीब 50 लाख लोगों ने ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरा। लेकिन यदि आप किसी कारण से इनकम टैक्स रिटर्न भरना भूल गये हैं, तो आपको परेशान होने की ज़रूरत नहीं है।

हम ऐसा इसलिए रह रहे हैं, क्योंकि यदि आप किसी कारण से इनकम टैक्स रिटर्न भरना भूल गये हैं तो आप जुर्माने के साथ रिटर्न फाइल कर सकते हैं। आयकर रिटर्न भरने के लिए किस श्रेणी के लिए कितना जुर्माना लगेगा, आइये इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।

सबसे पहले आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यदि आपकी वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये या इससे ज़्यादा है, तो आपको इनकम टैक्स रिटर्न भरना ज़रूरी है। सीनियर सिटीजन (60 वर्ष और 80 वर्ष के बीच) के लिए यह लिमिट 3 लाख रुपये, और 80 वर्ष से ऊपर के सीनियर सिटीजन के लिए यह लिमिट 5 लाख रुपये है।

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड यानी कि सीबीडीटी के अनुसार; व्यक्तिगत आयकरदाता, नौकरीपेशा, हिन्दू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) और जिन लोगों के खातों की ऑडिटिंग की ज़रूरत नहीं है, उन्हें 31 अगस्त 2019 तक अनिवार्य रूप से कर योग्य आय के लिए रिटर्न दाखिल करना था। वहीं यदि टैक्सपेयर्स आख़िरी तारीख़ तक आईटीआर फाइल नहीं करते हैं, तो उस पर जुर्माने का प्रावधान है।

आयकर विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक़, 31 अगस्त 2019 के बाद से 31 दिसम्बर 2019 तक यदि इनकम टैक्स रिटर्न भरते हैं, तो जिनकी आय 5 लाख रुपये से कम है उन्हें 1,000 रुपये जुर्माना देना पड़ेगा। वहीं जिनकी आय 5 लाख रुपये से ज़्यादा है उन्हें इस समयावधि में इनकम टैक्स रिटर्न भरने पर 5,000 रुपये जुर्माना भरना होगा। वहीं यदि कोई करदाता 1 जनवरी 2020 से 30 मार्च 2020 तक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं, तो उन्हें जुर्माने के तौर पर 10,000 रुपये लगेंगे।

वहीं कम्पनियां, फर्म का वर्किंग पार्टनर, व्यक्तिगत या अन्य एंटिटी जिनके अकाउंट्स की ऑडिटिंग ज़रूरी होती है, उनके लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरने की अन्तिम तारीख़ 30 सितम्बर है। वहीं ऐसे एसेसीज जिन्हें सेक्शन 92ई के तहत रिपोर्ट देनी होती है, उनके लिए इनकम टैक्स रिटर्न की आख़िरी तारीख़ 30 नवम्बर है।

टैक्स भरने वालों को किसी भी तरह की कोई भी परेशानी का सामना ना करना पड़े, इसके लिए आयकर विभाग ने टैक्स भरने वालों के लिए एक विशेष सुविधा शुरू की है। आयकर विभाग का दावा है कि इस सुविधा के जऱिये करदाता सिर्फ़ 7 मिनट में आयकर रिटर्न भर सकता है। इसके लिए करदाता अब ई-फाइलिंग के ज़रिये रिटर्न फाइल कर सकते हैं। यह सेवा आयकर विभाग के आधिकारिक पोर्टल https://www.incometaxindiaefiling.gov.in पर शुरू हो गई है। इसे ‘e-filing Lite’ सुविधा का नाम दिया गया है।

यदि आप ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न भर रहे हैं, तो आपकी जानकारी जानकारी के लिए बता दें कि आयकर रिटर्न फॉर्म भरने के बाद करदाता को भरे हुए फॉर्म को प्रमाणित कराना होता है। अगर करदाता ने फॉर्म को प्रमाणित (वेरिफाई) नहीं कराया है, तो इनकम टैक्स के नियमों के अनुसार यह वैध नहीं माना जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इनकम टैक्स रिटर्न भरने के बाद करदाता इसे आधार ओटीपी के माध्मय से सत्यापित करा सकते हैं। पर इसके लिए करदाता का मोबाइल नम्बर आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए।

ऑनलाइन तरीक़े से भरे गये इनकम टैक्स रिटर्न को प्रमाणित कराने के लिए करदाता के मोबाइल नम्बर पर एक ओटीपी आता है। इस ओटीपी को आयकर विभाग की वेबसाइट पर डालने के बाद करदाता का इनकम टैक्स रिटर्न प्रमाणित हो जाता है। करदाता चाहे तो बैंक एटीएम, बैंक अकाउंट, डीमैट अकाउंट और नेट बैंकिंग के ज़रिये भी आईटीआर को प्रमाणित करा सकते हैं।
 
वहीं यदि आप इनकम टैक्स रिटर्न भरना चाहते हैं, लेकिन आपके पास पैन नम्बर नहीं हैं तो आपको अब परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की 30 अगस्त को जारी अधिसूचना के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति आधार नम्बर का उपयोग कर रिटर्न दाखिल करता है और उसके पास पैन संख्या नहीं है तो यह मान लिया जाएगा कि उसने पैन जारी करने के लिए आवेदन कर दिया है।
 
आधार नम्बर का इस्तेमाल कर रिटर्न भरने के बाद उसे पैन कार्ड इश्यू कराने के लिए कोई और दस्तावेज़ देने की ज़रूरत नहीं होगी। सीबीडीटी का यह नया नियम एक सितम्बर से प्रभावी हो गया है। सीबीडीटी ने अपनी अधिसूचना में कहा गया है कि आयकर विभाग पैन संख्या आवंटित करने के लिए आधार कार्ड से सम्बन्धित व्यक्ति की अन्य जनांकिक जानकारी जुटा लेगा। हमारी आपको सलाह है कि यदि आपकी आय कर योग्य है और आपने अभी तक इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भरा है,तो आप इसे जुर्माने के साथ जल्द से जल्द भर दें।