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सावधान! मिमिक्री के जाल में फंसाकर हैकर्स खाली कर सकते हैं आपका बैंक अकाउंट

Thursday - September 5, 2019 12:31 pm , Category : WTN HINDI
अब आवाज़ के ज़रिये हैकर्स कर रहे हैं जालसाजी
अब आवाज़ के ज़रिये हैकर्स कर रहे हैं जालसाजी

सिर्फ़ फोन कॉल पर यकीन कर ना करें पैसे ट्रांसफर!
 
SEP 05 (WTN) – अपने कामों का आसान करने के लिए 21 वी सदी में तकनीक का इस्तेमाल हर कोई करता है। आजकल के समय में तकनीक का इतना ज़्यादा विस्तार हो गया है कि पहले जिन कामों के लिए आपको घण्टों लगते थे, वे काम अब चंद सेकेण्ड में कम्प्यूटर या मोबाइल पर हो जाते हैं। लेकिन जितना ज़्यादा तकनीक का प्रयोग बढ़ता जा रहा है, उतनी ही ज़्यादा परेशानियां भी तकनीक के कारण इनका इस्तेमाल करने वालों को हो रही हैं।

तकनीक का दरुपयोग करने के सबसे ज़्यादा मामले इन दिनों बैंकिंग फ्रॉड के सामने आ रहे हैं, जिसमें फ्रॉड करने वाले लोग किसी व्यक्ति का कम्प्यूटर या मोबाइल हैक करके और उसका डेटा चुराकर उसके बैंक अकाउंट को खाली कर देते हैं। लेकिन हाल में फ्रॉड करने वालों ने एक ऐसी घटना को अंजाम दिया है, जिससे हैकर्स आवाज़ की नकल करने वाली तकनीक के ज़रिये बैंकिंग फ्रॉड की घटना को अंजाम दे रहे हैं। 
 
सावधान रहिये, क्योंकि अब हैकर्स AI (Artificial intelligence) तकनीक का इस्तेमाल करके आपका बैंक अकाउंट खाली कर सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस तरह की एक घटना में हैकर्स ने Artificial intelligence तकनीक का इस्तेमाल कर एक कम्पनी के सीईओ से करोड़ों रुपये ऐंठ लिए। मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, हैकर्स ने एआई (AI) तकनीक की मदद से एक जर्मन कम्पनी के सीईओ की मिमिक्री कर यूके की कम्पनी के सीईओ से 2,43,000 डॉलर यानी कि क़रीब 1 करोड़ 75 लाख रुपये का फ्रॉड कर दिया।

दरअसल, जर्मन कम्पनी यूके की इस कम्पनी की एक पैरेंट कम्पनी है। घटना इसी साल के मार्च महीने की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक़, मार्च के महीने के किसी दिन यूके बेस्ड कम्पनी के सीईओ को जर्मन कम्पनी के सीईओ का फोन आया। लेकिन यह फोन वास्तविक सीईओ का नहीं बल्कि जालसाजों का था। लेकिन जालसाजों ने एआई तकनीक की मदद से आवाज़ को कुछ इस तरह से बदला था, जिससे यूके की कम्पनी के सीईओ को इसकी भनक तक नहीं लग सकी।
 
फोन पर यूके की कम्पनी के सीईओ ने फोन पर आ रही आवाज़ को जर्मन कम्पनी के सीईओ की आवाज़ समझा और उसे बिजनेस डील समझकर हैकर्स के बताए हुए हंगरी के एक सप्लायर के खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए। इतना ही नहीं, बाद में इन पैसों को और भी देशों में ट्रांसफर कर दिया गया।

जानकारी के लिए बता दें कि जांच एजेंसियां इस फ्रॉड की जांच में लगी हुईं हैं कि आख़िर किसने और कहां से जालसाजी की इस घटना को अंजाम दिया है। लेकिन अभी तक जांच एजेंसियों को किसी भी तरह की कोई भी सफलता हासिल नहीं हो सकी है। हालांकि, कम्पनी के नुकसान की भरपाई को बीमा कम्पनी ने पूरा कर दिया है।

इस तरह की फ्रॉड की घटना सामने आने के बाद तकनीकी विशेषज्ञों के मुताबिक़, हैकर्स इस तरह की जालसाजी के लिए Artificial intelligence तकनीक पर आधारित वॉइस जनरेटिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Artificial intelligence तकनीक पर आधारित वॉइस जनरेटिंग सॉफ्टवेयर इतने ज़्यादा अपग्रेडेड और एडवांस हैं कि ये किसी की भी आवाज की मिमिक्री कर लेते हैं। यह मिमिक्री इस तरह से करते हैं कि इसे पहचान पाना बेहद ही मुश्किल है।

वैसे AI तकनीक की मदद से किये जा रहे इस तरह के फ्रॉड को Vishing या Voice Phishing कहा जा रहा है। इस तकनीक की मदद से हैकर्स किसी भी व्यक्ति की आवाज़ की नकल कर उसे मानसिक, आर्थिक और सामाजिक नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि, इस तकनीक के दुरुपयोग के ज़्यादा मामले अभी सामने नहीं आए हैं। लेकिन कहा जा रहा है कि AI तकनीक का इस्तेमाल कर किसी की भी आवाज़ की मिमिक्री कर उसे मानसिक या आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
 
जैसा कि हम हर बार कहते हैं कि आपकी सावधानी में आपकी सुरक्षा है। आधुनिक तकनीक आपके कामों को आसान बनाने के लिए है, लेकिन हमारी आपको सलाह है कि आप सिर्फ़ तकनीक पर ही पूरी तरह से विश्वास ना करें, हमेशा अपनी सोच-समझ का भी इस्तेमाल करें।
 
जब भी आपको कोई भी ऐसा कॉल आए, जिसमें आप से पैसा ट्रांसफर करने के लिए कहा गया है। ऐसे में आप सम्बन्धित व्यक्ति को फोन कर सुनिश्चित कर लें कि सही में सम्बन्धित व्यक्ति ने पैसों के ट्रांसफर के लिए कॉल किया था या नहीं। वहीं बड़ी रकम ट्रांसफर करने से पहले सम्बन्धित व्यक्ति से काग़ज़ पर लिखित में, मोबाइल पर मैसेज में और ई-मेल के ज़रिये उसकी पुष्टि कर ले, उसके बाद ही रक़म को सम्बन्धित व्यक्ति के अकाउंट में ट्रांसफर करें।