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रेलवे स्टेशन पर अपराधियों की पहचान करेगी अब ‘तीसरी आंख’

Wednesday - September 18, 2019 11:27 am , Category : WTN HINDI
Face Recognition सिस्टम से पकड़ाएंगे अपराधी
Face Recognition सिस्टम से पकड़ाएंगे अपराधी

अब ट्रेनों से भाग नहीं पाएंगे अपराधी, प्लेटफॉर्म पर ही Artificial intelligence करेगी पहचान

SEP 18 (WTN) – भारत जैसे क्षेत्रफल में बड़े और विशाल जनसंख्या वाले देश में किसी भी अपराधी का भागना और छिपना काफ़ी आसान होता है। अपराध करने के बाद अपराधी घटनास्थल से भागने के बाद एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए ज़्यादातर ट्रेनों का सहारा ही लेते हैं, क्योंकि ट्रेन की सहायता से अपराधी कम समय में ही घटनास्थल से काफ़ी दूर चले जाते हैं।
 
अपराधी के भागने के बाद उसे पकड़ने में पुलिस को काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो अपराधियों को सालों बाद पुलिस किसी अन्य ज़िले, सम्भाग या राज्य से पकड़ने में कामयाब हो पाई है। ऐसे में ज़रूरी है कि अपराधियों और संदिग्धों को भागने से पहले ही पकड़ लिया जाए। बस स्टैण्ड जैसी कम भीड़ भाड़ वाली जगहों पर तो संदिग्धों और अपराधियों की पहचान करना और उन्हें पकड़ना आसान होता है, लेकिन ज़्यादा भीड़ भाड़ वाली जगहों जैसे रेलवे स्टेशनों पर ऐसे लोगों को पहचान करना काफ़ी मुश्किल काम है।

लेकिन आधुनिक तकनीक के चलते अब अपराधी रेलवे स्टेशनों पर पुलिस की नज़रों से नहीं बच पाएंगे। दरअसल, अब रेलवे स्टेशनों पर संदिग्धों और अपराधियों की पहचान करना आसान हो जाएगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि रेलवे प्रोटेक्शन फ़ोर्स (RPF) ने Artificial intelligence (AI) से लैस चेहरे की पहचान करने वाला एक सॉफ्टवेयर तैयार किया है। इस सॉफ्टवेयर की मदद से आसानी से संदिग्धों और अपराधियों की पहचान रेलवे स्टेशनों पर हो सकेगी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस सॉफ्टवेयर की मदद से संदिग्ध या अपराधी का बॉयोमेट्रिक डेटा और चेहरे की पहचान सिस्टम में डाली जाएगी। इसके बाद जैसे ही रेलवे स्टेशन पर यदि वो संदिग्ध या अपराधी आता है और कैमरे की रेंज उस पर पड़ती है, तो Artificial intelligence (AI) की मदद से उस व्यक्ति की पहचान Face Recognition सिस्टम से तुरन्त हो जाएगी। और जैसे ही कैमरा संदिग्ध या अपराधी की पहचान करेगा, इसकी सूचना तुरन्त ही RPF कंट्रोल रूम को मिल जाएगी, जिसके बाद आरपीएफ उसे तुरन्त ही गिरफ़्तार कर सकेगी।

अपराधियों की रेलवे स्टेशन पर ही धरपकड़ के लिए आरपीएफ ने Face Recognition सिस्टम की शुरुआत बेंगलूरु रेलवे स्टेशन से की है। जानकारी के मुताबिक़, जल्द ही इस नए सिस्टम को मुम्बई, कोलकाता, दिल्ली और पटना जैसे 100 बड़े रेलवे स्टेशन्स पर लगाया जाएगा। रेलवे का दावा है कि इस सॉफ्टवेयर की मदद से अपराधियों को पकड़ने में आसानी होगी, और वे ट्रेन के ज़रिये एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन पर भाग नहीं पाएंगे।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Face Recognition सिस्टम को पायलट प्रोजेक्ट के तहत अभी बेंगलुरु रेलवे स्टेशन पर इंस्टॉल किया जायेगा। आरपीएफ, बेंगलुरु में एक साइबर सेल भी खोल रही है, जिससे Artificial intelligence (AI) सिस्टम द्वारा जेनरेटेड डेटा इंटीग्रेट किया जा सके और पुलिस की मदद से फौरन इसका एनालिसिस किया जा सके। यानी कि जैसे ही अपराधी स्टेशन पर आएगा कैमरे की मदद से उसकी पहचान होती है उसे पकड़ लिया जाएगा।
 
साफ़ जाहिर है कि इस तरह के सिस्टम के उपयोग से अपराधी रेलवे स्टेशनों पर आने के बाद यदि कैमरे की रेंज में आता है, तो उनकी तुरन्त ही पहचान हो सकेगी। बेंगलुरु रेलवे स्टेशन पर इस तकनीक के सफ़ल प्रयोग के बाद इसे देश के अन्य रेलवे स्टेशन्स पर भी लगाया जाएगा। कहा जा सकता है कि इस तकनीक के इस्तेमाल से आरपीएफ और पुलिस दोनों को ही अपराधियों की पकड़ने में आसानी होगी।