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भारत और चीन को छोड़ दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था को तबाह कर देगा कोरोना वायरस संकट!

Tuesday - March 31, 2020 5:25 pm , Category : WTN HINDI
 200 से ज़्यादा देशों में फैला कोरोना वायरस संक्रमण।।
200 से ज़्यादा देशों में फैला कोरोना वायरस संक्रमण।।

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट का दावा; भारत और चीन की अर्थव्यवस्था कोरोना संकट से निपटने में सक्षम

 

MARCH 31 (WTN) - जैसा कि आप जानते हैं कि 200 से ज़्यादा देश इस समय कोरोना वायरस संक्रमण महामारी का सामना कर रहे हैं। चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस संक्रमण आज मानव सभ्यता के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। इस लेख को लिखे जाने तक कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अभी तक 38,721 लोगों की मौत हो चुकी है। यूरोप के विकसित देश इटली में कोरोना वायरस के कारण अभी तक सबसे ज़्यादा 11,591 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं विश्व की सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित मरीज़ों की संख्या सबसे ज़्यादा 1,64,359 हो गई है।

 

जहां तक भारत का सवाल है, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत मे भी कोरोना वायरस संक्रमण का असर बढ़ता ही जा रहा है। अभी तक भारत में कोरोना वायरस के कारण 32 लोगों की मौत हो चुकी है, और 1,250 से ज़्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित बताये जाते हैं। भारत की मोदी सरकार ने पहले ही दूरदर्शिता वाला फ़ैसला लेकर देश में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। लेकिन स्वाभाविक है कि 21 दिन के लॉकडाउन से आर्थिक गतिविधियों पर रोक लग गई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, 21 दिन के लॉकडाउन से भारत सरकार को क़रीब 9 लाख करोड़ रुपए का नुकसान होने की आशंका है।

 

भारत ही नहीं, दुनिया के कई देशों में लॉकडाउन के कारण आर्थिक गतिविधियों पर ब्रेक लग गया है। इसी कारण से पूरी दुनिया एक बार फिर से आर्थिक मंदी की कगार पर आकर खड़ी हो गई है। यदि एक बार फिर से आर्थिक मंदी आती है, तो इससे दुनियाभर की अर्थव्यवस्था को कई ट्रिलियन डॉलर का नुकसान होने की आशंका है। दरअसल, यह बात संयुक्त राष्ट्र की ताज़ा ट्रेड रिपोर्ट में कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस संक्रमण संकट के कारण विकासशील देशों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन इस रिपोर्ट में राहत भरी ख़बर है कि संकट की इस घड़ी में भारत और चीन जैसे देश आर्थिक मंदी से ख़ुद को सुरक्षित रख पाएंगे।

 

UNCTAD (United Nations Conference on Trade and Development) के सेकेट्री जनरल के अनुसार, कोरोना वायरस संकट के कारण पैदा हुई आर्थिक गिरावट का दौर पूरी दुनिया मे जारी है। आशंका है कि आने वाले दिनों में आर्थिक गिरावट का दौर तेज़ी से बढ़ेगा। जानकारों के मुताबिक़, मौजूदा हालात को देखते हुए अनुमान लगाया गया है कि दुनिया के गरीब और विकासशील देशों को आर्थिक मंदी से उबरने के लिए लगभग 2 से 3 ट्रिलियन डॉलर की ज़रूरत पड़ेगी। लेकिन भारत और चीन जैसी अर्थव्यवस्थाएं इस संकट से ख़ुद को सुरक्षित रखने में सक्षम हैं, क्योंकि इन देशों की अर्थव्यवस्था की जड़ें काफ़ी मज़बूत हैं।

 

कोरोना वायरस के कारण जो आर्थिक संकट पैदा हुआ है, उससे उबरने में विकासशील देशों को कम से कम 2 साल का वक़्त लग सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जी20 देशों ने अपनी अर्थव्यवस्थाओं के लिए करीब 375 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की है। अब देखना होगा कि भारत और चीन जैसे देश कोरोना वायरस संकट से किस तरह से अपनी-अपनी अर्थव्यवस्था को बचाकर आगे ले जा सकते हैं?