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"इन कारणों" से भारत के पूर्वी तट पर आते हैं सबसे ज़्यादा चक्रवाती तूफान

Friday - May 22, 2020 4:16 pm , Category : WTN HINDI
बंगाल की खड़ी में आते हैं ज़्यादातर चक्रवाती तूफान
बंगाल की खड़ी में आते हैं ज़्यादातर चक्रवाती तूफान

सुपर साइक्लोन के लिए काफी संवेदनशील है बंगाल की खाड़ी

MAY 22 ( WTN) - भारत के दो पूर्वी राज्यों पश्चिम बंगाल और ओडिशा में तबाही मचाने के बाद सुपर साइक्लोन अम्फान अब कमजोर पड़ चुका है। वैसे न्यूज़ और सोशल मेडिकल से आपको चक्रवात के बारे में जानकारी मिलती ही रहती है। लेकिन क्या कभी आपने विचार किया है कि आखिरकार ज़्यादातर चक्रवाती तूफान बंगाल की खाड़ी में यानी भारत के पूर्वी तट पर ही क्यों आते हैं?

आपकी जानकारी के लिए सबसे पहले बताते हैं कि उष्ण कटिबंधीय चक्रवात एक तूफान है, जो विशाल निम्‍न दबाव केंद्र और भारी तड़ित-झंझावतों के साथ आता है। इनके आने से तेज हवा और मूसलाधार बारिश होने के हालात बनते हैं।

वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले 120 साल के 86 प्रतिशत चक्रवाती तूफान और 77 प्रतिशत भयंकर चक्रवात अकेले बंगाल की खाड़ी में आए हैं। नेशनल साइक्लोन रिस्क मिटिगेशन प्रोजेक्ट के अनुसार, साल 1891 से 2000 के बीच भारत के पूर्वी तट पर 308 तूफान आए थे। जबकि इसी दौरान पश्चिमी तट पर सिर्फ 48 तूफान ही आए। भारतीय मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, भारत में आने वाले पांच समुद्री तूफानों में से औसतन चार तूफान पूर्वी किनारों से टकराते हैं।

दरअसल, भारत के पूर्वी तट पर स्थित बंगाल की खाड़ी में भारत के पश्चिम तट पर स्थित अरब सागर की तुलना में ज्यादा तूफान आने का सबसे प्रमुख कारण हवा का बहाव है। बता दें कि बंगाल की खाड़ी की तुलना में अरब सागर ज्‍यादा ठंडा रहता है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, ठंडे सागर की तुलना में गर्म सागर में तूफान ज्यादा आते हैं।

जानकारी के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर से उठने वाले तूफानों के अलावा उत्तर-पश्चिमी प्रशांत से बिखरने वाले तूफान दक्षिणी चीन सागर से होते हुए बंगाल की खाड़ी में पहुंच जाते हैं। यही कारण है कि देश के पूर्वी तट पर हमेशा से ही तूफान का दबाव बना रहता है।

वहीं, एक अन्य कारण यह भी है कि पूर्वी तटों से लगने वाले राज्यों की भूमि पश्चिमी तटों से लगने वाली भूमि की तुलना में ज्यादा समतल है। और इसी कारण से पूर्वी तट से टकराने वाले तूफान मुड़ नहीं पाते हैं। लेकिन वहीं, पश्चिमी तटों पर आने वाले तूफान की दिशा अक्सर बदल जाती है। इसी कारण से बंगाल की खाड़ी में आए अभी तक के तूफान ज़्यादा विनाशकारी रहे हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इतिहास के 36 सबसे घातक उष्ण कटिबंधीय चक्रवातों में से 26 चक्रवात अकेले बंगाल की खाड़ी में आए हैं। जब भी बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान आता है, तो इसका सबसे ज्‍यादा असर ओडिशा राज्य पर पड़ता है। लेकिन वहीं, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु भी इससे प्रभावित होते रहे हैं। 

अब बात करते हैं अरब सागर की, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तूफान अरब सागर में भी बनते हैं, लेकिन यह तूफान भारत के पश्चिमी तट को छोड़ते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ जाते हैं। वहीं, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पूर्वी तट पर बनने वाले तूफान पश्चिम तट पर बनने वाले तूफान से ज्यादा ताकतवर होते हैं। 

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