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जानिए किस तरह से भारतीय रेलवे ने 'आपदा को अवसर' में बदला?

Tuesday - June 30, 2020 4:41 pm , Category : WTN HINDI
लॉकडाउन के दौरान रेलवे ने पूरी की सालों से अटकी परियोजनाएं
लॉकडाउन के दौरान रेलवे ने पूरी की सालों से अटकी परियोजनाएं

'Once in a Lifetime' मौके का रेलवे ने उठाया भरपूर फायदा!

JUNE 30 ( WTN) - चीन की वामपंथी सरकार की ग़लती, लापरवाही और ग़ैर ज़िम्मेदाराना रवैये के कारण कोरोना वायरस संक्रमण महामारी अभी तक क़रीब 5 लाख 8 हज़ार से ज़्यादा लोगों की जान ले चुकी है। चीन के वुहान शहर से उपजी और फैली कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी से अभी तक क़रीब 1 करोड़ 4 लाख 29 हज़ार से ज़्यादा लोग पूरी दुनिया में संक्रमित हो चुके हैं।

जहां तक भारत की बात है, तो कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी को फैलने से रोकने के लिए पूरे देश में एक लम्बा लॉकडाउन लगाया गया था। इस लॉकडाउन के दौरान काफी लम्बे समय तक यात्री गाड़ियों का संचालन बंद रहा। लम्बे समय तक यात्री गाड़ियों के संचालन पर ब्रेक लगने से स्वाभाविक है कि रेलवे को करोड़ों रुपये की आमदनी का नुकसान हुआ है। लेकिन इस दौरान भारतीय रेलवे ने ऐसा काम किया है जिसे देखकर कहा जा सकता है कि भारतीय रेलवे ने 'आपदा को अवसर' में बदलने का काम किया है।

लॉकडाउन के कारण काफी समय तक यात्री गाड़ियों का संचालन बंद रहने से रेलवे ट्रैक कई दिनों तक खाली रहे। ऐसे में 'Once in a Lifetime' मौके का फायदा उठाते हुए रेलवे ने खाली ट्रैक और खाली समय का इस्‍तेमाल करते हुए पिछले कई सालों से लम्बित 200 से ज़्यादा परियोजनाओं को पूरा कर डाला है।

अब जबकि लॉकडाउन के दौरान रेलवे ट्रैक खाली थे, तो ऐसे समय में रेलवे ने ट्रेनों की सुरक्षा बेहतर करने, ट्रैक के ज़रिए ट्रेन की गति बढ़ाने और रेल लाइनों के दोहरीकरण की परियोजनाओं को पूरा किया। इतना ही नहीं, लॉकडाउन के दौरान रेलवे ने मेंटनेंस से जुड़े ज़रूरी काम जैसे पुराने पुलों की मरम्‍मत, इलेक्ट्रिक लाइन डालना और यार्ड री-मॉडलिंग जैसी सालों से लम्बित कई परियोजनाओं को पूरा कर लिया है।

दरअसल, ट्रैक खाली नहीं होने से भारतीय रेलवे कई बड़ी परियोजनाओं को पूरा नहीं कर पा रही थी। ऐसे में लॉकडाउन के दौरान मिले 'Once in a Lifetime' मौके का फायदा उठाते हुए रेलवे ने 82 पुराने रेल पुलों की मरम्मत कर दी। वहीं, कम ऊंचाई वाले 48 रोड अंडर ब्रिज और 16 फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य भी इस दौरान पूरा कर लिया गया।

रेलवे ने मेंटेनेंस के कामों के दौरान 14 पुराने फुट ओवरब्रिज हटाए। वहीं, 7 रोड ओवर ब्रिज और 5 यार्ड्स का इस दौरान नवीनीकरण किया गया। इतना ही नहीं, खाली पड़े ट्रैक का फायदा उठाते हुए रेलवे ने पटरी के दोहरीकरण की एक परियोजना और विद्युतीकरण से जुड़ी एक परियोजना को भी पूरा किया। इसके अलावा भारतीय रेलवे ने 26 अन्य परियोजनाओं को भी लॉकडाउन के समय में पूरा कर लिया है।

इतना ही नहीं, इस दौरान रेलवे ने कुछ जगहों पर सिग्‍नल सिस्‍टम को अपग्रेड किया है। यही नहीं, भारतीय रेलवे और BHEL के ट्रेन को सौर ऊर्जा से चलाने के पायलट प्रोजेट का परीक्षण भी लॉकडाउन के दौरान किया गया है। बता दें कि इसके लिए OHL (Over Head Line) में सीधे 25 KV इलेक्ट्रिसिटी फीड करने के लिए शुरू किए जाने वाला 1.7 मेगावाट का यह प्रोजेक्‍ट बीना में लगाया गया है।

कहा जा सकता है कि लॉकडाउन के दौरान यात्री गाड़ियों के संचालन के बंद होने से रेलवे को करोड़ों रुपये का नुकसान तो हुआ है, लेकिन आपदा को अवसर में बदलते हुए रेलवे ने सालों से बंद पड़ी कई परियोजनाओं को इस दौरान पूरा किया। अब जब पहले की तरह यात्री गाड़ियों का संचालन एक बार फिर से होगा, तो सालों से अटकी पड़ी कई परियोजनाओं के पूरा होने से यात्रियों को काफी सहूलियतें मिलेंगी।