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कहीं आप तो नहीं करते नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग में यह गलतियां?

Wednesday - July 15, 2020 5:17 pm , Category : WTN HINDI
बढ़ रहे हैं ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड के मामले
बढ़ रहे हैं ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड के मामले

सावधान! आप भी बन सकते हैं 'वॉयस फिशिंग' का शिकार

JULY 15 (WTN) - स्वाभाविक है कि टेक्नोलॉजी के इस युग में आप इंटरनेट का इस्तेमाल तो करते ही होंगे। वहीं जब आप इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं, तो बैंक सम्बन्धित काम भी आप इंटरनेट के ज़रिए करते ही होंगे। 

दरअसल, बैंक सम्बन्धित जिन कामों के लिए पहले आपको बैंक में घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ता था। अब वही काम आप आसानी से नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग के ज़रिए चंद सेकेंड्स में कर सकते हैं। लेकिन अब जबकि बैंक सम्बन्धित काम करना मोबाइल पर ही सम्भव हो गया है, तो वहीं कॉल, ईमेल या मैसेज के ज़रिए ऑनलाइन फ्रॉड के मामले भी बढ़ते ही जा रहे हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऑनलाइन तरीके से फ्रॉड करने वाले जालसाज आपकी ग़लती, लापरवाही और लालच का ही इंतज़ार करते हैं जिससे कि वे आपके बैंक अकाउंट से किसी भी तरह से पैसा ख़र्च कर सकें या फिर ख़ुद के बैंक.अकाउंट में पैसा ट्रांसफर कर सकें।

जालसाज, फ्रॉड कॉल के जरिए लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बना रहे हैं और इस तरह की कॉल को 'वॉयस फिशिंग' कहा जाता है। दरअसल, इस तरह के लोग ख़ुद को बैंक प्रतिनिधि या बैंक की तकनीकी टीम का सदस्य बताते हैं। यह लोग इस तरीके से बात करते हैं कि ग्राहक को इस बात का यकीन हो जाता है कि जो कॉल कर रहा है वो बैंक की तरफ से ही कॉल कर रहा है।

यदि ग्राहक कॉल करने वालों की बातों में आ गया, तो कॉल करने वाले उससे पूरी निजी जानकारी, बैंक डिटेल, डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी, नेट बैंकिंग पासकोड या OTP आदि के बारे में पूछ लेते हैं। जिसके बाद वे या तो ग्राहक के अकाउंट से ख़रीदी कर लेते हैं, या फिर ख़ुद के अकाउंट में पैसा ट्रांसफर कर लेते हैं। 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फ्रॉड करने वाले बैंक खातों से पैसा ट्रांसफर करने या ऑनलाइन शॉपिंग के लिए एटीएम क्लोनिंग, वॉट्सऐप कॉल, कार्ड के डाटा की चोरी, यूपीआई के जरिए चोरी और लॉटरी के नाम पर ठगी आदि काम करते हैं।

 तो हमारी आपको सलाह है कि अपनी व्यक्तिगत या बैंक संबंधित जानकारी किसी को भी कॉल, मैसेज या ईमेल पर न दें। वहीं, किसी भी अनजाने मोबाइल नम्बर से आए मैसेज या सन्देहास्पद ईमेल पर आई किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। साथ ही समय-समय पर अपने डेबिट और क्रेडिट कार्ड की पिन बदलते रहें। समय- समय पर अपने बैंक अकाउंट की जांच करते रहें। और कोई भी अनधिकृत ट्रान्जेक्शन मिलने पर तुरंत ही अपने बैंक से सम्पर्क करें। याद रखिए, आपकी सावधानी में1 ही आपकी सुरक्षा है।