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चीन को आर्थिक मोर्चे पर सबक सिखाने के लिए मोदी सरकार ने बनाया 'मास्टर प्लान'

Tuesday - August 4, 2020 1:18 pm , Category : WTN HINDI
चीन से आयात पर 'अंकुश' लगाने की तैयारी
चीन से आयात पर 'अंकुश' लगाने की तैयारी

चीन से आयात पर निर्भरता कम करने मोदी सरकार ने बनाई 'रणनीति'

AUG 04 (WTN) - 21वीं सदी विस्तारवाद की नहीं बल्कि विकासवाद की सदी है। इसी कारण से दुनिया के लगभग सभी देश विकास की राह पर चलकर अपने नागरिकों के जीवन को और भी बेहतर बनाने के प्रयास कर रहे हैं। लेकिन, वामपंथी शासन वाला देश चीन अभी भी विस्तारवाद में यकीन करता है और उसके अपने लगभग सभी सीमावर्ती देशों के साथ सीमा विवाद हैं। इतना ही नहीं, चीन में नागरिकों को 'अभिव्यक्ति की आज़ादी' भी नहीं है। वहीं, हॉन्ग कॉन्ग के निवासी तो चीन पर लगातार आरोप लगा रहे हैं कि उनके साथ चीन की सेना 'अत्याचार' कर रही है।

ख़ैर, जैसा कि आप जानते ही हैं कि कुछ दिनों पहले चीन ने पूर्वी लद्दाख में LAC पर भारत के साथ सीमा विवाद खड़ा किया था जिसके बाद चीन और भारत की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी और इस झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हुए थे। हालांकि, इस हिंसक झड़प में चीन की सेना PLA को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा था, लेकिन चीन की वामपंथी सरकार ने सारे सच को बड़े ही आसानी से 'छिपा' लिया।

लेकिन, LAC पर हुई हिंसक झड़प के बाद चीन को सबक सिखाने और चीन की मनमानी और अकड़ को ठीक करने के लिए मोदी सरकार तभी से लगातार चीन को आर्थिक रूप से क्षति पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी कड़ी में मोदी सरकार पहले ही चीन के 59 मोबाइल ऐप्स को बैन कर चुकी है और साथ ही चीन से होने वाले आयात पर अंकुश लगाने के लिए उन पर आयात शुल्क बढ़ा रही है और अन्य उपाय कर रही है।

इसी कड़ी में अब मोदी सरकार, चीन से आयात होने वाले एयरकंडीशनर, खिलौने और कपड़ों समेत 20 उत्पादों के आयात पर अंकुश लगाने की तैयारी में है और यदि मोदी सरकार ऐसा करती है तो इससे चीनी व्यापारियों को काफी नुकसान हो सकता है। दरअसल, सरकार इन उत्पादों के आयात के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य कर सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि मोदी सरकार चाहती है कि इन उत्पादों का स्वदेशी स्तर पर ही उत्पादन आगे बढ़े और इनकी मैन्युफैक्चरिंग को देश में ही बढ़ावा दिया जाए।  

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मोदी सरकार इसके पहले कलर टीवी से लेकर, टायर, सोलर पैनल जैसे बहुत से उत्पादों के चीन से आयात पर अंकुश के लिए कई तरह के प्रतिबंधात्मक उपाय कर चुकी है।

अब सरकार ने 20 सेक्टर के ऐसे उत्पादों की सूची तैयार की है जिनमें मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देकर चीन से इन उत्पादों के आयात पर निर्भरता को कम किया जा सके और उनमें विदेशी निवेश को आकर्षित किया जा सके। 

जानकारी के अनुसार, फर्नीचर, लेदर, फुटवियर,एयर कंडीशनर, सीसीटीवी, स्पोर्ट्स गुड्स, खिलौने, एल्युमिनियम, इलेक्ट्रिक व्हीकल, ऑटो कम्पोनेंट, टीवी सेटटॉप बॉक्स समेत 20 उत्पादों के चीन से आयात पर अंकुश लगाने की तैयारी है। इसके लिए इन उत्पादों के चीन से आयात के लिए लाइसेंस की अनिवार्यता ज़रूरी हो सकती है वहीं सरकार इन पर आयात शुल्क भी बड़ा सकती है।

दरअसल, अभी मुक्त व्यापार समझौते का दुरुपयोग कर चीन से सस्ता माल आयात कर भारतीय बाज़ारों में बेचा जाता है। ऐसे में इसे रोकने के लिए कुछ उत्पादों के आयात के लाइसेंस की व्यवस्था प्रभावी साबित हो सकती है। साफ है कि चीन को सबक सिखाने के लिए मोदी सरकार LAC पर तो चीन की अकड़ को ठीक कर ही रही है वहीं आर्थिक मोर्चे पर भी चीन को चोट पहुंचाने के लिए रणनीति पर काम कर रही है।