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निजीकरण के सहारे एक बड़े आर्थिक रिफॉर्म की तैयारी में मोदी सरकार

Friday - August 7, 2020 4:51 pm , Category : WTN HINDI
PSU कंपनियों में बड़ा फेरबदल करेगी मोदी सरकार
PSU कंपनियों में बड़ा फेरबदल करेगी मोदी सरकार

18 सेक्टर्स में निजीकरण की मोदी सरकार की तैयारी

AUG 07 (WTN) - जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस महामारी  संकट के कारण भारत की अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। दरअसल, भारत ही नहीं, बल्कि हर देश की अर्थव्यवस्था को कोरोना संकट के कारण कम या ज़्यादा क्षति हुई है। इधर, कोरोना संकट के बाद अब विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल भारत की अर्थव्यवस्था को एक बड़े आर्थिक रिफॉर्म की ज़रूरत है।

दरअसल, जानकारी के अनुसार, इसी कारण से भविष्य की आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए मोदी सरकार ने आर्थिक विकास का रोडमैप तैयार किया है। लेकिन, मोदी सरकार ने आर्थिक विकास को गति देने के लिए निजीकरण पर ज़्यादा फोकस किया है। जी हां, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि PSU कंपनियों के प्रोफेशनल मैनेजमेंट के लिए निजी भागीदारी को और भी बढ़ावा देने की मोदी सरकार की एक बहुत बड़ी योजना है।

यानि कि साफ है कि अब PSU कंपनियों को सरकार के नियंत्रण से बहुत कुछ आज़ादी मिलेगी। बता दें कि आत्मनिर्भर भारत पैकेज के दौरान मोदी सरकार ने घोषणा की थी कि सरकार नॉन स्ट्रैटजिक सेक्टर में आने वाली सभी सरकारी कंपनियों का निजीकरण कर देगी। जबकि स्ट्रैटजिक सेक्टर में कम से कम एक और ज़्यादा से ज़्यादा चार कंपनियां अपने पास रखेगी।

दरअसल, जो PSU कंपनियां सरकार के पास रहेंगी वे स्ट्रैटजिक सेक्टर में आएंगी। वहीं, जो कंपनियां सरकार के नियंत्रण में नहीं रहेंगी वो नॉन स्ट्रैटजिक सेक्टर में रहेंगी और इन कंपनियों का निजीकरण होगा, या तो इन कंपनियों का अन्य कंपनियों में विलय किया जाएगा या फिर इनका इनकी होल्डिंग कंपनी के साथ विलय किया जाएगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, नॉन स्ट्रैटजिक सेक्टर में 18 सेक्टर शामिल होंगे। वहीं, कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद उन कंपनियों की पहचान की जाएगी जिनको सरकार अपने पास रख सकती है और जिनका निजीकरण किया जा सकता है। 

जानकारी के अनुसार, नॉन स्ट्रैटजिक सेक्टर में 18 सेक्टर शामिल किए गए हैं। यह सेक्टर्स हैं; बैंक, बीमा, कोयला, स्टील अन्य मिनरल और मेटल, फर्टिलाइजर, पावर जनरेशन, पावर ट्रांसमिशन, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, पेट्रोलियम(रिफाइनिंग एंड मार्केटिंग), रक्षा उपकरण, शिप बिल्डिंग, क्रूड ऑयल एंड गैस, टेलीकम्यूनिकेशन और आईटी, एयरपोर्ट, पोर्ट, हाईवे, गैस ट्रांसमिशन और लॉजिस्टिक्स,स्ट्रैटेजिक सेक्टर से जुडीं कंसल्टेंसी या कंस्ट्रक्शन कंपनियां, इंफ्रा, एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी, एनर्जी और हाउसिंग को फाइनेंस देने वाली कंपनियां।