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जानिए क्यों कोरोना के मामले में इस बार समय से पहले ही सतर्क हो गया WHO?

Saturday - August 29, 2020 12:42 pm , Category : WTN HINDI
सर्दियों में बढ़ सकते हैं कोरोना वायरस के मामले
सर्दियों में बढ़ सकते हैं कोरोना वायरस के मामले

WHO ने जारी की चेतावनी; सावधानी नहीं रखी तो सर्दियों में तेज़ी से बढ़ेंगे कोरोना केस


AUG 29 (WTN) - चीन की वामपंथी सरकार की ग़लती, लापरवाही और ग़ैर ज़िम्मेदाराना रवैये के कारण कोरोना वायरस संक्रमण महामारी, वुहान शहर से पूरी दुनिया में फैल गई है। इस बीमारी की भयावहता का अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं कि इस लेख को लिखे जाने तक, कोरोना वायरस संक्रमण महामारी से अभी तक पूरी दुनिया में क़रीब 8,41,335 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, पूरी दुनिया में क़रीब 2,49,12,408 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं।

लेकिन, भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में जहां दिनों-दिन कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं, वहीं लोग मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग में लापरवाही बरतते जा रहे हैं। लेकिन, लोगों की इसी लापरवाही से कोरोना के केस लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। वहीं, अब जबकि नवंबर के महीने से ठण्ड का मौसम शुरु होने जा रहा है, ऐसे में काफी सावधान रहने की ज़रूरत है। दरअसल, ऐसा इसलिए क्योंकि WHO (World Health Organization) यानि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के बारे में एक बार फिर से चेतावनी दी है।

दरअसल, WHO ने एक बार फिर से चेतावनी दी है कि आने वाली सर्दियों में यूरोप समेत दुनिया के कई हिस्सों में कोरोना वायरस का क़हर बढ़ता ही जाएगा। इतना ही नहीं, WHO ने कहा है कि सर्दियों में कोरोना के केस बढ़ने से अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीज़ों की की संख्या में तो वृद्धि होगी है। वहीं, कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मृत्यु दर में भी वृद्धि हो सकती है।

WHO ने यह आशंका इसलिए ज़ाहिर की है क्योंकि यूरोप में सर्दियों के दौरान युवा लोग बुजुर्ग लोगों के ज़्यादा क़रीब होते हैं। और, इसी कारण से WHO को आशंका है कि युवाओं के द्वारा कोरोना वायरस, बुजुर्गों में फैलेगा, और इसी कारण से पहले की तुलना में ज़्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते हैं और अस्पतालों में मरीज़ों की संख्या बढ़ सकती हैं। वहीं, यदि अस्पतालों में बेड्स और इलाज की पर्याप्त सुविधा नहीं रही, तो ज़्यादा मरीज़ों की जान भी जा सकती है।

वैसे WHO के अनुसार, स्कूलों के फिर से खुलने, सर्दी के मौसम में सर्दी-जुखाम के मामले बढ़ने और सर्दियों के दौरान बुजुर्गों के ज़्यादा बीमार होने से कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ने की आशंका है। साफ है कि जबकि कई कारणों से सर्दियों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ने की आशंका है, तो ऐसे में दुनिया के सभी देशों को WHO की चेतावनी के अनुसार अभी से तैयारियां करनी चाहिए।

दरअसल, WHO ने इस तरह की चेतावनी काफी पहले समय से इसलिए जारी की है क्योंकि WHO पर आरोप लग रहे हैं कि उसने कोरोना महामारी की समय पर जानकारी नहीं दी, और बीमारी की भयावहता समझने में काफी देरी की, जिससे इस महामारी के बारे में जब तक दुनिया समझ पाती और सावधानी बरत पाती, तब तक यह बीमारी, वुहान शहर से पूरी दुनिया में फैल गई। वहीं, इस दौरान WHO प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस पर भी आरोप लगे कि वे चीन के प्रभाव में इतना ज़्यादा रहे कि कोरोना वायरस पर वे चीन की हर बात और सलाह मानते रहे और चीन को क्लीन चिट देते रहे।

इसी कारण से WHO ने एक कमेटी बनाई है, जो हेल्थ इमरजेंसी की घोषणा करने के नियम बदलेगी। WHO ने अपने नियमों की समीक्षा के लिए यह जो कमेटी बनाई है, इस कमेटी में देखा जाएगा कि हेल्थ इमरजेंसी के नियमों में कोई बदलाव किया जाना चाहिए कि नहीं? 

ख़ैर, अब जबकि कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं और सर्दियों में फ्लू के मामले भी तेज़ी से बढ़ने की आशंका है, तो समय की ज़रूरत है कि आप ख़ुद का पूरा ध्यान रखें। वहीं, घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। इतना ही नहीं, डॉक्टर की सलाह से योग, प्रणायाम और आयुर्वेद के ज़रिए ख़ुद की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं। साथ ही, विटामिन-डी की शरीर में आपूर्ति के लिए कम से कम 20 मिनिट तक सूर्य की रोशनी के प्रत्यक्ष सम्पर्क में रहें।