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क्या हर्बल दवाओं से है COVID-19 का कारगर इलाज?

Tuesday - September 22, 2020 11:54 am , Category : WTN HINDI
कोरोना वायरस से बचने लोग कर रहे हर्बल दवाओं का इस्तेमाल
कोरोना वायरस से बचने लोग कर रहे हर्बल दवाओं का इस्तेमाल

COVID-19 के ख़िलाफ़ जारी जंग में WHO को अब हर्बल दवाओं से आशा 

SEP 22 (WTN) - चीन के वुहान शहर से फैली कोरोना वायरस संक्रमण महामारी रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में हर रोज़ हज़ारों की तादात में लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो रहे हैं और सैकड़ों लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है। इस महामारी की भयावहता का अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं कि इस लेख को लिखे जाने तक, अब तक पूरी दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण से क़रीब 9,69,301 लोगों की जान जा चुकी है। 

वहीं, कोरोना वायरस की अभी तक कोई भी प्रामाणिक वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने के कारण दिनों-दिन लोग इससे संक्रमित होते जा रहे हैं। हालांकि, रूस की सरकार का दावा है कि उसके वैज्ञानिकों ने स्पूतनिक-5 नाम से कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी (COVID-19) की सफल और सुरक्षित वैक्सीन बना ली है। लेकिन, WHO की गाइडलाइन के अनुसार स्पूतनिक-5 ने तीसरा क्लीनिकल ट्रायल पूरा नहीं किया है; इसलिए, इस वैक्सीन की प्रामाणिकता फिलहाल अभी संदिग्ध है।

ख़ैर, अब जबकि कोरोना वायरस की कोई भी प्रामाणिक वैक्सीन अभी तक उपलब्ध नहीं है, तो ऐसे में डॉक्टर्स का मानना है कि फिलहाल इंसान की उच्च रोग प्रतिरोधक क्षमता ही उसे काफी हद तक कोरोना वायरस संक्रमण से बचा सकती है। यही कारण है कि भारत में बड़ी तादात में लोग आयुर्वेदिक काढ़े और औषधियों का इस्तेमाल कर रहे हैं जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सके। 

अब इसी कड़ी में WHO (World Health Organization), जानलेवा बीमारी COVID-19 के इलाज के लिए हर्बल दवाओं की तरफ आशा भरी नज़रों से देख रहा है और उनमें संभावनाएं तलाश रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि WHO ने COVID-19 और अन्य बीमारियों के इलाज के लिए अफ्रीका की हर्बल दवाओं के टेस्टिंग प्रोटोकॉल का समर्थन किया है।

दरअसल, अब WHO का मानना है कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए प्राचीन दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अफ्रीका के कई देशों में हर्बल दवाओं का इस्तेमाल कई तरह की बीमारियों के इलाज लिए सदियों से होता आया है। इसी कड़ी में पूर्वी अफ्रीका के देश मेडागास्कर के राष्ट्रपति एंड्री राजोएलिना, मलेरिया के इलाज में काम आने वाले एक औषधीय पौधे आर्टमीसिया से बने ड्रिंक को कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए प्रोमोट भी कर रहे हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मेडागास्कर के राष्ट्रपति एंड्री राजोएलिना जिस कोविड ऑर्गेनिक्स ड्रिंक को प्रोमोट कर रहे हैं उसे CVO भी कहा जाता है। राजोएलिना ने ऑर्गेनिक्स ड्रिंक को COVID-19 के इलाज में उपयोगी बताया है। मेडागास्कर में इस ऑर्गेनिक्स ड्रिंक की कथित सफलता के बाद अब इस ड्रिंक को मेडागास्कर, अफ्रीका के अन्य देशों तक पहुंचा रहा है।

मेडागास्कर में COVID-19 के इलाज के लिए इस ऑर्गेनिक्स ड्रिंक की कथित सफलता के बाद, WHO के विशेषज्ञों ने अफ्रीका की इस हर्बल मेडिसिन के क्लीनिकल ट्रायल के तीसरे चरण के प्रोटोकॉल का समर्थन किया है। जानकारों के अनुसार, तीसरे चरण का ट्रायल इस नए मेडिकल प्रोडक्ट (हर्बल मेडिसिन) के प्रभाव और सुरक्षा की जांच के लिए बहुत निर्णायक रहेगा।

इस पर WHO के रीजनल डायरेक्टर प्रॉस्पर टुमुसीम का कहना है, "वेस्ट अफ्रीका में इबोला वायरस की ही तरह COVID-19 के प्रकोप बचने के लिए एक मज़बूत हेल्थ सिस्टम की ज़रूरत महसूस की जा रही है। यदि प्राचीन मेडिकल ऑर्गेनिक्स ड्रिंक, सुरक्षा, प्रभाव और गुणवत्ता के पैमाने पर ख़रा उतरता है, तो WHO इसके फास्ट ट्रैक और बड़े पैमाने पर निर्माण की सिफारिश करेगा।"

साफ है कि जब तक कोरोना वायरस की कोई भी प्रामाणिक वैक्सीन नहीं उपलब्ध नहीं हो जाती है, तब तक आपकी अच्छी रोग प्रतिरोधक क्षमता ही आपको कोरोना वायरस संक्रमण से काफी हद तक बचा सकती है। ख़ैर, अब जबकि कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं और अभी तक इसकी कोई भी वैक्सीन भारत में उपलब्ध नहीं है, तो समय की ज़रूरत है कि आप ख़ुद का पूरा ध्यान रखें। वहीं, घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। इतना ही नहीं, डॉक्टर की सलाह से योग, प्रणायाम और आयुर्वेद के ज़रिए ख़ुद की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं। साथ ही, विटामिन-डी की शरीर में आपूर्ति के लिए कम से कम 20 मिनिट तक सूर्य की रोशनी के प्रत्यक्ष सम्पर्क में रहें।