मध्य प्रदेश में रेप की बढ़ती घटनाओं के लिए ‘पोर्न साइट्स’ को राज्य सरकार ने ठहराया जिम्मेदार
Thursday - July 5, 2018 12:02 pm ,
Category : WTN HINDI
मध्य प्रदेश सरकार ने 21 ‘पोर्न साइट्स’ को किया बैन
JULY 05 (WTN) – मध्य प्रदेश में बढ़ रही रेप की घटनाओं के कारण राज्य सरकार चिंतित है। मन्दसौर और सतना में बच्चियों के साथ हुई रेप की घटनाओं से पूरे देश में आक्रोश है, जिसके कारण राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। मध्य प्रदेश में रेप की बढ़ती घटनाओं के पीछे राज्य सरकार का तर्क है कि इसके लिए अपराधी की मानसिक विकृति के साथ-साथ पोर्न साइट सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं। पोर्न साइट के दुष्प्रभाव को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने 21 पोर्न साइट को बैन कर दिया है। यह कहना है मध्य प्रदेश के गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह का।
आपकी जानकरी के लिए बता दें कि मन्दसौर की रेप पीड़ित बच्ची का इलाज इन्दौर के एमवाय अस्पताल में चल रहा है। पीड़ित बच्ची के परिजनों से मुलाकात करने के लिए गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह एमवाय अस्पताल पहुंचे थे, जहां पर उन्होंने कहा कि बलात्कार की घटनाएं प्रदेश ही नहीं, पूरे देश में हो रही हैं। इसके लिए पोर्न साइट सबसे अधिक जिम्मेदार है। इससे मानसिक विकृति पैदा हो रही है।
इधर, मंदसौर रेप केस के बाद हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को एक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में मध्य प्रदेश सरकार से पूछा गया है कि प्रदेश में बढ़ रही रेप की वारदातों को रोकने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं। इस मामले में राज्य सरकार से चार सप्ताह में जवाब देने को कहा गया है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस नोटिस में मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव, इन्दौर कमिश्नर और आईजी के साथ-साथ इंदौर कलेक्टर और एमवाय अस्पताल के अधीक्षक को नोटिस जारी किए हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस मामले में अगली सुनवाई सात अगस्त को होगी।
अंशुमन श्रीवास्तव की ओर से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खण्डपीठ में दायर याचिका में कहा गया है कि नाबालिगों से रेप की वारदातें लगातार बढ़ रही हैं। याचिका में कहा गया कि मंदसौर में बच्ची से रेप के मामले में यदि पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो आरोपी उसी दिन पकड़े जाते।
JULY 05 (WTN) – मध्य प्रदेश में बढ़ रही रेप की घटनाओं के कारण राज्य सरकार चिंतित है। मन्दसौर और सतना में बच्चियों के साथ हुई रेप की घटनाओं से पूरे देश में आक्रोश है, जिसके कारण राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। मध्य प्रदेश में रेप की बढ़ती घटनाओं के पीछे राज्य सरकार का तर्क है कि इसके लिए अपराधी की मानसिक विकृति के साथ-साथ पोर्न साइट सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं। पोर्न साइट के दुष्प्रभाव को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने 21 पोर्न साइट को बैन कर दिया है। यह कहना है मध्य प्रदेश के गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह का।
आपकी जानकरी के लिए बता दें कि मन्दसौर की रेप पीड़ित बच्ची का इलाज इन्दौर के एमवाय अस्पताल में चल रहा है। पीड़ित बच्ची के परिजनों से मुलाकात करने के लिए गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह एमवाय अस्पताल पहुंचे थे, जहां पर उन्होंने कहा कि बलात्कार की घटनाएं प्रदेश ही नहीं, पूरे देश में हो रही हैं। इसके लिए पोर्न साइट सबसे अधिक जिम्मेदार है। इससे मानसिक विकृति पैदा हो रही है।
इधर, मंदसौर रेप केस के बाद हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को एक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में मध्य प्रदेश सरकार से पूछा गया है कि प्रदेश में बढ़ रही रेप की वारदातों को रोकने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं। इस मामले में राज्य सरकार से चार सप्ताह में जवाब देने को कहा गया है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस नोटिस में मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव, इन्दौर कमिश्नर और आईजी के साथ-साथ इंदौर कलेक्टर और एमवाय अस्पताल के अधीक्षक को नोटिस जारी किए हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस मामले में अगली सुनवाई सात अगस्त को होगी।
अंशुमन श्रीवास्तव की ओर से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खण्डपीठ में दायर याचिका में कहा गया है कि नाबालिगों से रेप की वारदातें लगातार बढ़ रही हैं। याचिका में कहा गया कि मंदसौर में बच्ची से रेप के मामले में यदि पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो आरोपी उसी दिन पकड़े जाते।