‘बाहरी लोग’ ताजमहल में नहीं पढ़ सकते नमाज़, सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में दिया आदेश
Monday - July 9, 2018 12:47 pm ,
Category : WTN HINDI
सुप्रीम कोर्ट का आदेश, ताजमहल में नहीं पढ़ी जाएगी नमाज़
JULY 09 (WTN) – सुप्रीम कोर्ट ने अपने ताजा फैसले में कहा है कि ताजमहल में नमाज़ नहीं पढ़ी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये ताजमहल दुनिया के सात अजूबों में शामिल है, यहां नमाज़ नहीं पढ़ सकते हैं। नमाज़ किसी और जगह भी पढ़ सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि स्थानीय नमाज़ियों ने एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने मांग की थी कि उनके साथ-साथ बाहरी लोगों को भी नमाज़ पढ़ने की इजाजत दी जाए।
गौरतलब है कि ताजमहल में मौजूद मस्जिद में हर शुक्रवार को जुमे की नमाज़ पढ़ी जाती है, जिसका कई लोगों ने कई बार विरोध किया है। इसी कारण शुक्रवार को ताज महल बंद भी रहता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इतिहास विंग, अखिल भारतीय इतिहास संकलन समिति (ABISS) ने मांग की थी कि ताजमहल में शुक्रवार को होने वाली नमाज़ पर रोक लगा दी जाए।
JULY 09 (WTN) – सुप्रीम कोर्ट ने अपने ताजा फैसले में कहा है कि ताजमहल में नमाज़ नहीं पढ़ी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये ताजमहल दुनिया के सात अजूबों में शामिल है, यहां नमाज़ नहीं पढ़ सकते हैं। नमाज़ किसी और जगह भी पढ़ सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि स्थानीय नमाज़ियों ने एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने मांग की थी कि उनके साथ-साथ बाहरी लोगों को भी नमाज़ पढ़ने की इजाजत दी जाए।
गौरतलब है कि ताजमहल में मौजूद मस्जिद में हर शुक्रवार को जुमे की नमाज़ पढ़ी जाती है, जिसका कई लोगों ने कई बार विरोध किया है। इसी कारण शुक्रवार को ताज महल बंद भी रहता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इतिहास विंग, अखिल भारतीय इतिहास संकलन समिति (ABISS) ने मांग की थी कि ताजमहल में शुक्रवार को होने वाली नमाज़ पर रोक लगा दी जाए।