ईज़ ऑफ़ डूइंग बिजनेस में मध्य प्रदेश टॉप टेन राज्य, कई राज्यों को पछाड़ा
Wednesday - July 11, 2018 11:47 am ,
Category : WTN HINDI
सिंगल विंडो सिस्टम और ज़मीन की उपलब्धता के मामले में मध्य प्रदेश पिछड़ा
JULY 11 (WTN) – ईज़ ऑफ़ डूइंग बिजनेस के मामले में जहां आंध्र प्रदेश ने लगातार दूसरे साल पहला स्थान हासिल किया है, वहीं मध्य प्रदेश ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए टॉप टेन राज्यों में अपनी जगह बनाई है। पिछले साल मध्य प्रदेश ईज़ ऑफ़ डूइंग बिजनेस के मामले में 22 वें स्थान पर था, लेकिन इस बार 97.31 प्रतिशत अंकों के साथ मध्य प्रदेश सातवें स्थान पर है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 2016 में मध्य प्रदेश इस सूची में टॉप पांच राज्यों में था। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार द्वारा जारी रिपोर्ट में मध्य प्रदेश को सिंगल विंडो सिस्टम और ज़मीन की उपलब्धता के मामले में बेहद कम नम्बर मिले हैं। जानकारी के मुताबिक, सिंगल विंडो सिस्टम पर प्रदेश को 100 में से 10, और ज़मीन की उपलब्धता पर महज़ 18 नम्बर मिले हैं।
औद्योगिक संगठनों से लिए गए फीडबैक में भी मध्य प्रदेश का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है। सभी राज्यों को 372 रिफ़ॉर्म के आधार पर नम्बर दिए गए हैं, लेकिन मध्य प्रदेश ने इसमें से 367 रिफ़ार्म की ही जानकारी दी थी। माना जा रहा है कि राज्य सरकार ऐसी व्यवस्था तैयार नहीं कर सकी, जिससे व्यापार या उद्योग शुरू करने वाले व्यक्ति को सरकारी दफ्तर जाए बिना, सभी आवेदन और आवश्यक मंज़ूरियां मिल जाएं।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, रिफ़ॉर्म के आधार पर मध्य प्रदेश को 99 प्रतिशत नम्बर मिले, लेकिन औद्योगिक और व्यापारिक संगठनों ने सरकार के कामकाज का फीडबैक बहुत अच्छा नहीं दिया, और उनके फीडबैक में सिर्फ 79 प्रतिशत अंक ही राज्य को मिल सके। वहीं, ईज़ ऑफ़ डूइंग की विभिन्न कैटेगरी में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में मध्य प्रदेश टॉप 5 राज्यों में रहा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वर्ल्ड बैंक द्वारा निकाली गई ईज़ ऑफ़ डुइंग बिजनेस की लिस्ट में भी भारत की स्थिति में काफ़ी सुधार हुआ है। कुल 190 देशों में भारत 100वें स्थान पर रहा है। केन्द्र सरकार वर्ल्ड बैंक की इस रैंकिंग में 50 के अंदर रहने के लिए कोशिश कर रही है।
JULY 11 (WTN) – ईज़ ऑफ़ डूइंग बिजनेस के मामले में जहां आंध्र प्रदेश ने लगातार दूसरे साल पहला स्थान हासिल किया है, वहीं मध्य प्रदेश ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए टॉप टेन राज्यों में अपनी जगह बनाई है। पिछले साल मध्य प्रदेश ईज़ ऑफ़ डूइंग बिजनेस के मामले में 22 वें स्थान पर था, लेकिन इस बार 97.31 प्रतिशत अंकों के साथ मध्य प्रदेश सातवें स्थान पर है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 2016 में मध्य प्रदेश इस सूची में टॉप पांच राज्यों में था। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार द्वारा जारी रिपोर्ट में मध्य प्रदेश को सिंगल विंडो सिस्टम और ज़मीन की उपलब्धता के मामले में बेहद कम नम्बर मिले हैं। जानकारी के मुताबिक, सिंगल विंडो सिस्टम पर प्रदेश को 100 में से 10, और ज़मीन की उपलब्धता पर महज़ 18 नम्बर मिले हैं।
औद्योगिक संगठनों से लिए गए फीडबैक में भी मध्य प्रदेश का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है। सभी राज्यों को 372 रिफ़ॉर्म के आधार पर नम्बर दिए गए हैं, लेकिन मध्य प्रदेश ने इसमें से 367 रिफ़ार्म की ही जानकारी दी थी। माना जा रहा है कि राज्य सरकार ऐसी व्यवस्था तैयार नहीं कर सकी, जिससे व्यापार या उद्योग शुरू करने वाले व्यक्ति को सरकारी दफ्तर जाए बिना, सभी आवेदन और आवश्यक मंज़ूरियां मिल जाएं।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, रिफ़ॉर्म के आधार पर मध्य प्रदेश को 99 प्रतिशत नम्बर मिले, लेकिन औद्योगिक और व्यापारिक संगठनों ने सरकार के कामकाज का फीडबैक बहुत अच्छा नहीं दिया, और उनके फीडबैक में सिर्फ 79 प्रतिशत अंक ही राज्य को मिल सके। वहीं, ईज़ ऑफ़ डूइंग की विभिन्न कैटेगरी में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में मध्य प्रदेश टॉप 5 राज्यों में रहा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वर्ल्ड बैंक द्वारा निकाली गई ईज़ ऑफ़ डुइंग बिजनेस की लिस्ट में भी भारत की स्थिति में काफ़ी सुधार हुआ है। कुल 190 देशों में भारत 100वें स्थान पर रहा है। केन्द्र सरकार वर्ल्ड बैंक की इस रैंकिंग में 50 के अंदर रहने के लिए कोशिश कर रही है।