मध्य प्रदेश में भाजपा की राह पर चली कांग्रेस, बुजुर्ग नेताओं से की विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने की ‘अपील’
Thursday - July 12, 2018 12:02 pm ,
Category : WTN HINDI
13 और 14 जुलाई को प्रत्याशी चयन के लिए छानबीन समिति की बैठक भोपाल में, मधुसुदन मिस्त्री करेंगे कई लोगों से चर्चा
JULY 12 (WTN) - भाजपा में ‘घोषित’ और ‘अघोषित’ रूप से 75 की उम्र पार तक चुके नेताओं को ‘आराम’ की सलाह दी जा चुकी है। मध्य प्रदेश में बाबूलाल गौर और सरताज सिंह इसके ‘उदारहण’ हैं। लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी 65 की उम्र पार कर चुके नेताओं से ‘अपील’ की है कि वे अब युवाओं को मौका देने आगे आएं।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, कमलनाथ के अध्यक्ष बनने के बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी की बैठक में कमलनाथ ने पूछा कि कौन-कौन चुनाव लड़ना चाहता है, तो कई पदाधिकारियों ने चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की, लेकिन वहां पर मौजूद एआईसीसी महासचिव और प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ने पदाधिकारियों से ‘अपील’ की कि 65 साल से ज्यादा उम्र वाले, और तीन-चार बार चुनाव लड़ चुके नेता अब युवाओं को मौका देने के लिए आगे आएं।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, दीपक बाबरिया ने 65 साल से ज्यादा उम्र वाले, और तीन से चार बार चुनाव लड़ चुके नेताओं से कहा है कि अगर वे इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे, तो पार्टी उन्हें संगठन में ‘महत्वपूर्ण जिम्मेदारी’ देगी। इतना ही नहीं यदि कांग्रेस की सरकार बनी तो उनके ‘हितों का संरक्षण’ भी किया जाएगा।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस की बैठक में कमलनाथ ने पदाधिकारियों के बीच काम के बंटवारे पर विस्तृत चर्चा की। इसके लिए उन्होंने उनकी इच्छा जानना चाही कि कौन-कौन नेता विधानसभा चुनाव लड़ना चाहता है? कमलनाथ ने कहा कि जो भी पदाधिकारी चुनाव लड़ना चाहते हैं, उन्हें उसके अनुसार ऐसा काम दिया जाएगा, जिससे वे अपने क्षेत्र को भी समय दे सकें।
लगातार 15 सालों से मध्य प्रदेश में सत्ता से दूर कांग्रेस ने इस बार चुनाव जीतने के लिए रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस अपने करीब 70 प्रत्याशियों की पहली सूची 31 अगस्त तक जारी कर सकती है। यह वो सीटें हो सकती हैं जिस पर कांग्रेस या तो बहुत ‘मजबूत’ स्थिति में है या फिर जहां पर तीन से ज्यादा बार ‘हार’ रही है।
जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों के चयन के लिए बनी छानबीन समिति 13 और 14 जुलाई को भोपाल आ रही है। समिति के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री 13 जुलाई को सांसद, विधायक, पूर्व सांसद और पूर्व विधायकों से चर्चा करेंगे। वहीं 14 जुलाई को वे जिला अध्यक्षों और अन्य प्रमुख लोगों से मुलाकात करेंगे।
JULY 12 (WTN) - भाजपा में ‘घोषित’ और ‘अघोषित’ रूप से 75 की उम्र पार तक चुके नेताओं को ‘आराम’ की सलाह दी जा चुकी है। मध्य प्रदेश में बाबूलाल गौर और सरताज सिंह इसके ‘उदारहण’ हैं। लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी 65 की उम्र पार कर चुके नेताओं से ‘अपील’ की है कि वे अब युवाओं को मौका देने आगे आएं।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, कमलनाथ के अध्यक्ष बनने के बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी की बैठक में कमलनाथ ने पूछा कि कौन-कौन चुनाव लड़ना चाहता है, तो कई पदाधिकारियों ने चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की, लेकिन वहां पर मौजूद एआईसीसी महासचिव और प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ने पदाधिकारियों से ‘अपील’ की कि 65 साल से ज्यादा उम्र वाले, और तीन-चार बार चुनाव लड़ चुके नेता अब युवाओं को मौका देने के लिए आगे आएं।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, दीपक बाबरिया ने 65 साल से ज्यादा उम्र वाले, और तीन से चार बार चुनाव लड़ चुके नेताओं से कहा है कि अगर वे इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे, तो पार्टी उन्हें संगठन में ‘महत्वपूर्ण जिम्मेदारी’ देगी। इतना ही नहीं यदि कांग्रेस की सरकार बनी तो उनके ‘हितों का संरक्षण’ भी किया जाएगा।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस की बैठक में कमलनाथ ने पदाधिकारियों के बीच काम के बंटवारे पर विस्तृत चर्चा की। इसके लिए उन्होंने उनकी इच्छा जानना चाही कि कौन-कौन नेता विधानसभा चुनाव लड़ना चाहता है? कमलनाथ ने कहा कि जो भी पदाधिकारी चुनाव लड़ना चाहते हैं, उन्हें उसके अनुसार ऐसा काम दिया जाएगा, जिससे वे अपने क्षेत्र को भी समय दे सकें।
लगातार 15 सालों से मध्य प्रदेश में सत्ता से दूर कांग्रेस ने इस बार चुनाव जीतने के लिए रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस अपने करीब 70 प्रत्याशियों की पहली सूची 31 अगस्त तक जारी कर सकती है। यह वो सीटें हो सकती हैं जिस पर कांग्रेस या तो बहुत ‘मजबूत’ स्थिति में है या फिर जहां पर तीन से ज्यादा बार ‘हार’ रही है।
जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों के चयन के लिए बनी छानबीन समिति 13 और 14 जुलाई को भोपाल आ रही है। समिति के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री 13 जुलाई को सांसद, विधायक, पूर्व सांसद और पूर्व विधायकों से चर्चा करेंगे। वहीं 14 जुलाई को वे जिला अध्यक्षों और अन्य प्रमुख लोगों से मुलाकात करेंगे।