दीपाली रस्तोगी ने फिर किया आईएएस अधिकारियों पर ‘कटाक्ष’
Saturday - July 14, 2018 1:17 pm ,
Category : WTN HINDI
दीपाली रस्तोगी ने अपने लेख में सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पर उठाए ‘सवाल’
JULY 14 (WTN) – अपने एक और लेख के कारण मध्य प्रदेश की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीपाली रस्तोगी फिर से चर्चा में हैं। दीपाली रस्तोगी ने हाल ही में एक अंग्रेजी अखबार के लिए 'द फिलॉसाफी ऑफ पॉवर एंड प्रेस्टीज" शीर्षक से लेख लिखा है। इस लेख में उन्होंने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर तंज कसा है। जिसके बाद से प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दीपाली रस्तोगी ने अपने लेख में लिखा है, 'हम गर्व से कहते हैं कि लोक सेवा करते हैं। लेकिन हकीकत में दिखावा ज्यादा करते हैं। असलियत में देश से कोई लगाव नहीं है। बच्चे विदेशों में पढ़ रहे हैं, लग्ज़री जिन्दगी जी रहे हैं।" इस लेख के जरिये रस्तोगी ने सरकारी स्कूल व्यवस्था पर सवाल खड़े किये हैं।
वरिष्ठ अधिकारी दीपाली रस्तोगी के लेख के बाद मामला गर्माता देख, मुख्य सचिव बी.पी.सिंह ने ऐसे अधिकारियों की सूची मांगी है जिनके बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्य सचिव ने यह जानकारी कागजी कार्रवाई के अलग सामान्य जानकारी के रूप में मंगाई है। ताकि इस पर किसी भी तरह का कोई विवाद ना हो।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रारम्भिक जानकारी मुख्य सचिव को उपलब्ध करा दी गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ऐसे आईएएस अधिकारियों की संख्या एक दर्जन से भी कम बताई गई है जिनके बच्चे विदशों में पढ़ते हैं। ऐसे में दीपाली रस्तोगी के लेख पर सवाल उठाने का मौका दूसरे आईएएस अधिकारियों को मिल सकता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दीपाली रस्तोगी अपने लेखों के कारण काफी चर्चा में रहती हैं, वे इस समय जनजातीय कार्य विभाग की आयुक्त हैं। दीपाली रस्तोगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन पर भी कटाक्ष किया था और उसे विदेशियों की नकल बताया था।
इतना ही नहीं कुछ दिनों पहले लिखे लेख में उन्होंने वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों पर तंज कसते हुए लिखा था कि वरिष्ठ अधिकारी नेताओं की हां में हां मिलाते हैं। अब देखना होगा कि एक के बाद एक लेख लिखकर आईएएस अधिकारियों पर कटाक्ष करने वाली दीपाली रस्तोगी अपने अगले लेख में क्या तंज आईएएस अधिकारियों पर कसती हैं।
JULY 14 (WTN) – अपने एक और लेख के कारण मध्य प्रदेश की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीपाली रस्तोगी फिर से चर्चा में हैं। दीपाली रस्तोगी ने हाल ही में एक अंग्रेजी अखबार के लिए 'द फिलॉसाफी ऑफ पॉवर एंड प्रेस्टीज" शीर्षक से लेख लिखा है। इस लेख में उन्होंने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर तंज कसा है। जिसके बाद से प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दीपाली रस्तोगी ने अपने लेख में लिखा है, 'हम गर्व से कहते हैं कि लोक सेवा करते हैं। लेकिन हकीकत में दिखावा ज्यादा करते हैं। असलियत में देश से कोई लगाव नहीं है। बच्चे विदेशों में पढ़ रहे हैं, लग्ज़री जिन्दगी जी रहे हैं।" इस लेख के जरिये रस्तोगी ने सरकारी स्कूल व्यवस्था पर सवाल खड़े किये हैं।
वरिष्ठ अधिकारी दीपाली रस्तोगी के लेख के बाद मामला गर्माता देख, मुख्य सचिव बी.पी.सिंह ने ऐसे अधिकारियों की सूची मांगी है जिनके बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्य सचिव ने यह जानकारी कागजी कार्रवाई के अलग सामान्य जानकारी के रूप में मंगाई है। ताकि इस पर किसी भी तरह का कोई विवाद ना हो।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रारम्भिक जानकारी मुख्य सचिव को उपलब्ध करा दी गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ऐसे आईएएस अधिकारियों की संख्या एक दर्जन से भी कम बताई गई है जिनके बच्चे विदशों में पढ़ते हैं। ऐसे में दीपाली रस्तोगी के लेख पर सवाल उठाने का मौका दूसरे आईएएस अधिकारियों को मिल सकता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दीपाली रस्तोगी अपने लेखों के कारण काफी चर्चा में रहती हैं, वे इस समय जनजातीय कार्य विभाग की आयुक्त हैं। दीपाली रस्तोगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन पर भी कटाक्ष किया था और उसे विदेशियों की नकल बताया था।
इतना ही नहीं कुछ दिनों पहले लिखे लेख में उन्होंने वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों पर तंज कसते हुए लिखा था कि वरिष्ठ अधिकारी नेताओं की हां में हां मिलाते हैं। अब देखना होगा कि एक के बाद एक लेख लिखकर आईएएस अधिकारियों पर कटाक्ष करने वाली दीपाली रस्तोगी अपने अगले लेख में क्या तंज आईएएस अधिकारियों पर कसती हैं।