नरेन्द्र मोदी की राज्यसभा से ‘रणनीति’
Saturday - July 14, 2018 3:05 pm ,
Category : WTN HINDI
राज्यसभा में मनोनीत सदस्यों के रूप में मोदी की ‘राजनीतिक रणनीति’, वोटबैंक पर नजर
JULY 14 (WTN) – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी राजनीतिक रणनीति के लिए जाने जाते हैं। माना जाता है कि मोदी का हर कदम एक ‘रणनीति’ के तहत ही होता है। कुछ ऐसा ही राज्यसभा में सदस्यों के ‘मनोनयन’ के दौरान देखने को मिल रहा है। राज्यसभा की खाली चार सीटों के लिए प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत चार लोगों को मनोनीत किया है।
राष्ट्रपति ने जिन चार लोगों को मनोनीत किया है, वे सभी अपने-अपने क्षेत्र की प्रतिष्ठित और सम्मानित हस्तियां हैं, लेकिन इनके मनोनयन के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘अपनी रणनीति’ के तहत अलग-अलग समुदाय के 'वोट बैंक' में अपनी ‘पकड़ मजबूत’ करने की कोशिश की है।
आइये आपको बताते हैं कि किन चार लोगों का राज्यसभा में मनोनयन हुआ है, और उसके पीछे क्या ‘कारण’ हो सकता है। प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने संघ विचारक राकेश सिन्हा, दलित नेता राम सकल सिंह, प्रसिद्ध नृत्यांगना सोनल मान सिंह और मूर्तिकार रघुनाथ महापात्र को राज्यसभा में मनोनीत किया है।
राकेश सिन्हा
आरएसएस विचारक राकेश सिन्हा दिल्ली स्थित विचार समूह ‘इंडिया पॉलिसी फाउंडेशन के संस्थापक और मानद निदेशक हैं। वे दिल्ली स्थित मोतीलाल नेहरू कॉलेज में प्रोफेसर और भारतीय सामाजिक विज्ञान शोध संस्थान के सदस्य हैं। राज्यसभा में भाजपा को ऐसे विचारक की जरूरत है जो कि विपक्ष के साथ ‘चर्चा’ में सरकार का पक्ष ‘सही तरीके’ से रख सके।
माना जा रहा है कि राज्यसभा में विपक्ष को ‘बहस’ के दौरान ‘करारा जवाब’ देने के लिए नरेन्द्र मोदी ने राकेश सिन्हा को मैदान में उतारा है। राकेश सिन्हा टीवी पर कई परिचर्चाओं में देखा जा सकते हैं
राम सकल सिंह
भाजपा के लिए यूपी ‘काफी महत्वपूर्ण’ है। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने यहां पर 70 से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल की थी। हाल में दलितों पर हुई हिंसा की घटनाओं के बाद भाजपा को ‘बैकफुट’ पर जाना पड़ा था। जिसके बाद माना जा रहा है कि ‘रणनीति’ के तहत नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के राम सकल सिंह का नाम राज्यसभा में मनोनीत करने दिया है।
राम सकल सिंह ने दलित समुदाय के साथ-साथ किसानों और मजदूरों के कल्याण और बेहतरी के लिये काफी काम किया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राम सकल सिंह तीन बार सांसद रह चुके हैं।
सोनल मानसिंह
सोनल मान सिंह को मनोनीत करवा कर भाजपा ने एक महिला को राज्यसभा में भेजने का श्रेय लेने की कोशिश की है। भाजपा और आरएसएस पर महिला विरोधी होने का आरोप विपक्ष लगातार लगाता रहा है। सोनल मान सिंह प्रसिद्ध भरतनाट्यम और ओडिसी नृत्यांगना हैं, और 60 सालों से इस क्षेत्र में उनका योगदान रहा है। अभी वे इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स की ट्रस्टी और सेंट्रल अडवाइजरी बोर्ड ऑन कल्चर की सदस्य हैं।
रघुनाथ महापात्र
2019 लोकसभा चुनाव के हिसाब से ओडिसा राज्य भाजपा के लिए काफी महत्वपूर्ण है। हिन्दी भाषी राज्यों से सीटें कम होने का अनुमान भाजपा को पहले से ही है। ऐसे में ओडिसा जैसे राज्यों पर भाजपा की निगाहें हैं। नरेन्द्र मोदी ने ओडिसा के रघुनाथ महापात्र को राज्यसभा का सदस्य बनाकर ओडिसावासियों को संदेश देने की कोशिश की है उनके लिए ओडिसा कितना महत्वपूर्ण है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रघुनाथ महापात्र का पारम्परिक स्थापत्य और धरोहरों के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने पुरी के जगन्नाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए काफी काम किया है। उनके द्वारा बनाई गई छह फीट लम्बी भगवान सूर्य की प्रतिमा संसद के सेंट्रल हाल में लगी हुई है।
JULY 14 (WTN) – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी राजनीतिक रणनीति के लिए जाने जाते हैं। माना जाता है कि मोदी का हर कदम एक ‘रणनीति’ के तहत ही होता है। कुछ ऐसा ही राज्यसभा में सदस्यों के ‘मनोनयन’ के दौरान देखने को मिल रहा है। राज्यसभा की खाली चार सीटों के लिए प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत चार लोगों को मनोनीत किया है।
राष्ट्रपति ने जिन चार लोगों को मनोनीत किया है, वे सभी अपने-अपने क्षेत्र की प्रतिष्ठित और सम्मानित हस्तियां हैं, लेकिन इनके मनोनयन के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘अपनी रणनीति’ के तहत अलग-अलग समुदाय के 'वोट बैंक' में अपनी ‘पकड़ मजबूत’ करने की कोशिश की है।
आइये आपको बताते हैं कि किन चार लोगों का राज्यसभा में मनोनयन हुआ है, और उसके पीछे क्या ‘कारण’ हो सकता है। प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने संघ विचारक राकेश सिन्हा, दलित नेता राम सकल सिंह, प्रसिद्ध नृत्यांगना सोनल मान सिंह और मूर्तिकार रघुनाथ महापात्र को राज्यसभा में मनोनीत किया है।
राकेश सिन्हा
आरएसएस विचारक राकेश सिन्हा दिल्ली स्थित विचार समूह ‘इंडिया पॉलिसी फाउंडेशन के संस्थापक और मानद निदेशक हैं। वे दिल्ली स्थित मोतीलाल नेहरू कॉलेज में प्रोफेसर और भारतीय सामाजिक विज्ञान शोध संस्थान के सदस्य हैं। राज्यसभा में भाजपा को ऐसे विचारक की जरूरत है जो कि विपक्ष के साथ ‘चर्चा’ में सरकार का पक्ष ‘सही तरीके’ से रख सके।
माना जा रहा है कि राज्यसभा में विपक्ष को ‘बहस’ के दौरान ‘करारा जवाब’ देने के लिए नरेन्द्र मोदी ने राकेश सिन्हा को मैदान में उतारा है। राकेश सिन्हा टीवी पर कई परिचर्चाओं में देखा जा सकते हैं
राम सकल सिंह
भाजपा के लिए यूपी ‘काफी महत्वपूर्ण’ है। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने यहां पर 70 से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल की थी। हाल में दलितों पर हुई हिंसा की घटनाओं के बाद भाजपा को ‘बैकफुट’ पर जाना पड़ा था। जिसके बाद माना जा रहा है कि ‘रणनीति’ के तहत नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के राम सकल सिंह का नाम राज्यसभा में मनोनीत करने दिया है।
राम सकल सिंह ने दलित समुदाय के साथ-साथ किसानों और मजदूरों के कल्याण और बेहतरी के लिये काफी काम किया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राम सकल सिंह तीन बार सांसद रह चुके हैं।
सोनल मानसिंह
सोनल मान सिंह को मनोनीत करवा कर भाजपा ने एक महिला को राज्यसभा में भेजने का श्रेय लेने की कोशिश की है। भाजपा और आरएसएस पर महिला विरोधी होने का आरोप विपक्ष लगातार लगाता रहा है। सोनल मान सिंह प्रसिद्ध भरतनाट्यम और ओडिसी नृत्यांगना हैं, और 60 सालों से इस क्षेत्र में उनका योगदान रहा है। अभी वे इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स की ट्रस्टी और सेंट्रल अडवाइजरी बोर्ड ऑन कल्चर की सदस्य हैं।
रघुनाथ महापात्र
2019 लोकसभा चुनाव के हिसाब से ओडिसा राज्य भाजपा के लिए काफी महत्वपूर्ण है। हिन्दी भाषी राज्यों से सीटें कम होने का अनुमान भाजपा को पहले से ही है। ऐसे में ओडिसा जैसे राज्यों पर भाजपा की निगाहें हैं। नरेन्द्र मोदी ने ओडिसा के रघुनाथ महापात्र को राज्यसभा का सदस्य बनाकर ओडिसावासियों को संदेश देने की कोशिश की है उनके लिए ओडिसा कितना महत्वपूर्ण है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रघुनाथ महापात्र का पारम्परिक स्थापत्य और धरोहरों के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने पुरी के जगन्नाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए काफी काम किया है। उनके द्वारा बनाई गई छह फीट लम्बी भगवान सूर्य की प्रतिमा संसद के सेंट्रल हाल में लगी हुई है।