आर्थिक क्षेत्र में भारत के लिए बुरी ख़बर!
Saturday - July 14, 2018 3:34 pm ,
Category : WTN HINDI
विदेशी मुद्राओं के उतार-चढ़ाव का पड़ा असर
JULY 14 (WTN) – आर्थिक क्षेत्र में भारत के लिए एक बुरी ख़बर है। भारत का विदेशी मुद्रा भण्डार 6 जुलाई को खत्म हुए सप्ताह में 24.82 करोड़ डॉलर घटकर 405.81 अरब डॉलर रह गया है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक यह गिरावट, विदेशी मुद्रा आस्तियों में वृद्धि के बावजूद आई है। इसकी जानकारी भारतीय रिज़र्व बैंक के आंकड़ों में दी गई है। आपको बता दें कि इससे पहले के सप्ताहांत में देश का विदेशी मुद्रा भण्डार 1.76 अरब डालर घटकर 406.06 अरब डॉलर रह गया था।
जानकारी के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भण्डार 13 अप्रैल 2018 को 426.028 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर था। वहीं आठ सितम्बर 2017 को मुद्रा भण्डार पहली बार 400 अरब डॉलर के पार पहुंच गया था। अर्थशास्त्र के जानकारों के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भण्डार को डॉलर में दर्शाया जाता है, और इस पर भण्डार में मौजूद पाउंड, स्टर्लिंग, येन जैसी अंतर्राष्ट्रीय मुद्राओं के मूल्यों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ता है।
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में कुल मुद्रा भण्डार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा, विदेशी मुद्रा आस्तियां में 7.39 करोड़ डॉलर की मामूली वृद्धि के कारण 380.792 अरब डॉलर का हो गया था। डॉलर में दर्शाये जाने वाले मुद्रा भण्डार में रखी गईं विदेशी मुद्रा आस्तियां, यूरो, पौंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की मूल्य वृद्धि अथवा उनके अवमूल्यन के प्रभावों को भी बताती हैं।
JULY 14 (WTN) – आर्थिक क्षेत्र में भारत के लिए एक बुरी ख़बर है। भारत का विदेशी मुद्रा भण्डार 6 जुलाई को खत्म हुए सप्ताह में 24.82 करोड़ डॉलर घटकर 405.81 अरब डॉलर रह गया है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक यह गिरावट, विदेशी मुद्रा आस्तियों में वृद्धि के बावजूद आई है। इसकी जानकारी भारतीय रिज़र्व बैंक के आंकड़ों में दी गई है। आपको बता दें कि इससे पहले के सप्ताहांत में देश का विदेशी मुद्रा भण्डार 1.76 अरब डालर घटकर 406.06 अरब डॉलर रह गया था।
जानकारी के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भण्डार 13 अप्रैल 2018 को 426.028 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर था। वहीं आठ सितम्बर 2017 को मुद्रा भण्डार पहली बार 400 अरब डॉलर के पार पहुंच गया था। अर्थशास्त्र के जानकारों के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भण्डार को डॉलर में दर्शाया जाता है, और इस पर भण्डार में मौजूद पाउंड, स्टर्लिंग, येन जैसी अंतर्राष्ट्रीय मुद्राओं के मूल्यों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ता है।
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में कुल मुद्रा भण्डार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा, विदेशी मुद्रा आस्तियां में 7.39 करोड़ डॉलर की मामूली वृद्धि के कारण 380.792 अरब डॉलर का हो गया था। डॉलर में दर्शाये जाने वाले मुद्रा भण्डार में रखी गईं विदेशी मुद्रा आस्तियां, यूरो, पौंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की मूल्य वृद्धि अथवा उनके अवमूल्यन के प्रभावों को भी बताती हैं।