अब आधार कार्ड से भी बनेगा ड्राइविंग लाइसेन्स
Monday - July 16, 2018 10:53 am ,
Category : WTN HINDI
आधार कार्ड स्वीकार नहीं करने वाले ज़िला परिवहन अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
JULY 16 (WTN) - यदि आप ड्राइविंग लाइसेन्स बनवाने जा रहे हैं तो अब ड्राइविंग लाइसेन्स बनवाने के लिए आईडी के रूप में आधार कार्ड मान्य किया जाएगा। इस बारे में मध्य प्रदेश शासन ने परिवहन आयुक्त को निर्देश जारी किये हैं। इतना ही नहीं, अब ड्राइविंग लाइसेन्स के आवेदन के साथ आईडी प्रूफ़ के रूप में आधार कार्ड स्वीकार नहीं करने पर ज़िला परिवहन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्रीय परिवहन मंत्रालय सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन कर आधार कार्ड को ड्राइविंग लाइसेन्स बनवाने के लिए आईडी प्रूफ़ के रूप में मान्य कर चुका है। 20 मार्च 2018 को बाकायदा राजपत्र में इसका प्रकाशन भी हो चुका था। लेकिन आरोप है कि प्रदेश में ज़िला परिवहन अधिकारी अब तक इसे मान्य नहीं कर रहे थे।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, आधार कार्ड को आईडी प्रूफ़ के रूप में ना माने जाने की शिकायतें आने के बाद राज्य शासन ने परिवहन आयुक्त को केंद्र सरकार के राजपत्र का पालन कराने को कहा है। माना जा रहा है कि दस दिनों के अन्दर सभी ज़िला परिवहन अधिकारियों तक आदेश पहुंच जाएगा।
JULY 16 (WTN) - यदि आप ड्राइविंग लाइसेन्स बनवाने जा रहे हैं तो अब ड्राइविंग लाइसेन्स बनवाने के लिए आईडी के रूप में आधार कार्ड मान्य किया जाएगा। इस बारे में मध्य प्रदेश शासन ने परिवहन आयुक्त को निर्देश जारी किये हैं। इतना ही नहीं, अब ड्राइविंग लाइसेन्स के आवेदन के साथ आईडी प्रूफ़ के रूप में आधार कार्ड स्वीकार नहीं करने पर ज़िला परिवहन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्रीय परिवहन मंत्रालय सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन कर आधार कार्ड को ड्राइविंग लाइसेन्स बनवाने के लिए आईडी प्रूफ़ के रूप में मान्य कर चुका है। 20 मार्च 2018 को बाकायदा राजपत्र में इसका प्रकाशन भी हो चुका था। लेकिन आरोप है कि प्रदेश में ज़िला परिवहन अधिकारी अब तक इसे मान्य नहीं कर रहे थे।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, आधार कार्ड को आईडी प्रूफ़ के रूप में ना माने जाने की शिकायतें आने के बाद राज्य शासन ने परिवहन आयुक्त को केंद्र सरकार के राजपत्र का पालन कराने को कहा है। माना जा रहा है कि दस दिनों के अन्दर सभी ज़िला परिवहन अधिकारियों तक आदेश पहुंच जाएगा।