क्या अपनी नई टीम के भरोसे मोदी-शाह से टक्कर ले पाएंगे राहुल गांधी ?
Wednesday - July 18, 2018 11:58 am ,
Category : WTN HINDI
कई दिग्गज नेता राहुल गांधी की टीम से बाहर
JULY 18 (WTN) - कांग्रेस लोकसभा चुनाव के लिए तैयारियों में जुट गई है। भाजपा की रणनीति को भेदने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है। पहली बार देखने में तो राहुल गांधी की टीम में संतुलन देखने को मिल रहा है, लेकिन दिग्विजय सिंह, कमलनाथ, सीपी जोशी और जनार्दन द्विवेदी जैसे दिग्गज नेताओं की कांग्रेस कार्यसमिति से छुट्टी कई सवाल खड़े कर रही है।
यदि राहुल गांधी की सीडब्ल्यूसी की टीम पर नजर डालें तो राहुल गांधी की टीम में अनुभवी और युवा दोनों का संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। राहुल गांधी जानते हैं कि यदि 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी-शाह की जोड़ी को रोकना है, तो कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का अनुभव और युवा नेताओं के जोश दोनों की ही कांग्रेस पार्टी को जरूरत है। लेकिन फिर भी राहुल गांधी ने युवा नेताओं पर अनुभवी नेताओं के मुकाबले ज्यादा भरोसा जताया है। देखना होगा कि यह भरोसा कितना सही साबित होता है।
माना जा रहा है कि राहुल गांधी ने कोशिश की है कि राज्यों में कांग्रेस पार्टी में जो गुटबाजी है उस पर लगाम लगाई जाए। इसलिए कई वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को नई कार्यसमिति में जगह नहीं दी गई है। राहुल गांधी की नई टीम में कुल 23 सदस्य हैं, जिनमें 18 स्थायी आमंत्रित सदस्य और 10 विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल किए गए हैं। इसमें छह पूर्व मुख्यमंत्रियों को भी सीडब्ल्यूसी टीम में जगह दी गई है।
जनार्दन द्विवेदी एक समय सोनिया गांधी के काफी करीबी थे, लेकिन राहुल गांधी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है। वहीं राजस्थान से सीपी जोशी, मध्य प्रदेश से दिग्विजय सिंह और कमलनाथ, गुजरात से मधुसुदन मिस्त्री को भी राहुल गांधी ने सीडब्ल्यूसी की टीम से बाहर कर दिया है। माना जा रहा है कि गुटबाजी दूर करने के लिए राहुल गांधी ने यह कदम उठाया है।
राजस्थान से सीपी जोशी की जगह अशोक गहलोत, मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह और कमलनाथ की जगह ज्योतिरादित्य सिंधिया, और गुजरात से मधुसुदन मिस्त्री की जगह अहमद पटेल को राहुल गांधी ने अपनी टीम में रखा है।
राहुल गांधी ने जिन 6 पूर्व मुख्यमंत्रियों को अपनी टीम में शामिल किया है उनके नाम हैं अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद, ओमान चांडी, तरुण गोगोई, सिद्धारमैया और हरीश रावत।
राहुल गांधी की सीडब्ल्यूसी में ऐसे कई चेहरे नदारद हैं जिन्हें गांधी परिवार का काफी करीबी माना जाता था। इनमें दिग्विजय सिंह, कमलनाथ, बीके हरिप्रसाद और कर्ण सिंह शामिल हैं।
माना जा रहा है कि राहुल गांधी इसी टीम के सहारे 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी-शाह की जोड़ी को टक्कर देंगे। लेकिन आने वाला समय ही बताएगा कि दिग्विजय सिंह, कमलनाथ और सीपी जोशी जैसे जमीन नेताओं को अपनी टीम से दूर रखकर क्या राहुल गांधी लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर सकेंगे, या फिर कई वरिष्ठ नेताओं को अपनी टीम में शामिल ना करके राहुल गांधी ने गुटबाजी के लिए जमीन तैयार कर दी है। आगे आगे देखिए होता है क्या।
JULY 18 (WTN) - कांग्रेस लोकसभा चुनाव के लिए तैयारियों में जुट गई है। भाजपा की रणनीति को भेदने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है। पहली बार देखने में तो राहुल गांधी की टीम में संतुलन देखने को मिल रहा है, लेकिन दिग्विजय सिंह, कमलनाथ, सीपी जोशी और जनार्दन द्विवेदी जैसे दिग्गज नेताओं की कांग्रेस कार्यसमिति से छुट्टी कई सवाल खड़े कर रही है।
यदि राहुल गांधी की सीडब्ल्यूसी की टीम पर नजर डालें तो राहुल गांधी की टीम में अनुभवी और युवा दोनों का संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। राहुल गांधी जानते हैं कि यदि 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी-शाह की जोड़ी को रोकना है, तो कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का अनुभव और युवा नेताओं के जोश दोनों की ही कांग्रेस पार्टी को जरूरत है। लेकिन फिर भी राहुल गांधी ने युवा नेताओं पर अनुभवी नेताओं के मुकाबले ज्यादा भरोसा जताया है। देखना होगा कि यह भरोसा कितना सही साबित होता है।
माना जा रहा है कि राहुल गांधी ने कोशिश की है कि राज्यों में कांग्रेस पार्टी में जो गुटबाजी है उस पर लगाम लगाई जाए। इसलिए कई वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को नई कार्यसमिति में जगह नहीं दी गई है। राहुल गांधी की नई टीम में कुल 23 सदस्य हैं, जिनमें 18 स्थायी आमंत्रित सदस्य और 10 विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल किए गए हैं। इसमें छह पूर्व मुख्यमंत्रियों को भी सीडब्ल्यूसी टीम में जगह दी गई है।
जनार्दन द्विवेदी एक समय सोनिया गांधी के काफी करीबी थे, लेकिन राहुल गांधी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है। वहीं राजस्थान से सीपी जोशी, मध्य प्रदेश से दिग्विजय सिंह और कमलनाथ, गुजरात से मधुसुदन मिस्त्री को भी राहुल गांधी ने सीडब्ल्यूसी की टीम से बाहर कर दिया है। माना जा रहा है कि गुटबाजी दूर करने के लिए राहुल गांधी ने यह कदम उठाया है।
राजस्थान से सीपी जोशी की जगह अशोक गहलोत, मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह और कमलनाथ की जगह ज्योतिरादित्य सिंधिया, और गुजरात से मधुसुदन मिस्त्री की जगह अहमद पटेल को राहुल गांधी ने अपनी टीम में रखा है।
राहुल गांधी ने जिन 6 पूर्व मुख्यमंत्रियों को अपनी टीम में शामिल किया है उनके नाम हैं अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद, ओमान चांडी, तरुण गोगोई, सिद्धारमैया और हरीश रावत।
राहुल गांधी की सीडब्ल्यूसी में ऐसे कई चेहरे नदारद हैं जिन्हें गांधी परिवार का काफी करीबी माना जाता था। इनमें दिग्विजय सिंह, कमलनाथ, बीके हरिप्रसाद और कर्ण सिंह शामिल हैं।
माना जा रहा है कि राहुल गांधी इसी टीम के सहारे 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी-शाह की जोड़ी को टक्कर देंगे। लेकिन आने वाला समय ही बताएगा कि दिग्विजय सिंह, कमलनाथ और सीपी जोशी जैसे जमीन नेताओं को अपनी टीम से दूर रखकर क्या राहुल गांधी लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर सकेंगे, या फिर कई वरिष्ठ नेताओं को अपनी टीम में शामिल ना करके राहुल गांधी ने गुटबाजी के लिए जमीन तैयार कर दी है। आगे आगे देखिए होता है क्या।