सेवादल के ‘सर्वे’ पर निगाहें
Thursday - July 19, 2018 4:22 pm ,
Category : WTN HINDI
कांग्रेस में टिकट वितरण से पहले ‘सर्वे ही सर्वे’
JULY 19 (WTN) – मध्य प्रदेश में लगातार 15 सालों से सत्ता से दूर कांग्रेस इस बार जीतने के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहती है। इस बार कांग्रेस ने उन प्रत्याशियों को ही टिकट देने का निर्णय लिया है जिनका जनता के बीच अच्छा जनाधार हो। कहा जा रहा है कि गुटबाजी से दूर टिकट वितरण में ऐसे प्रत्याशी को तरजीह दी जाएगी जिसकी जनता में छवि अच्छी हो। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस में कई 'सर्वे' चल रहे हैं, इसी क्रम में कांग्रेस सेवादल प्रदेश की सभी 230 सीटों पर एक 'गोपनीय सर्वे' करने जा रहा है।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, सेवादल ने सभी 230 विधानसभा सीटों पर पर्यवेक्षक भेजने की तैयारी कर ली है। कहा जा रहा है कि ये पर्यवेक्षक कांग्रेस नेताओं या कार्यकर्ताओं से नहीं, बल्कि ‘आम नागरिकों’ से मुलाकात कर उनसे ही कांग्रेस के जीतने वाली प्रत्याशी का नाम पूछेंगे। सेवादल की तरफ से पूरी कोशिश की जा रही है कि पर्यवेक्षकों के नाम के बारे में कांग्रेस नेताओं को पता नहीं चले।
पूरी 230 सीटों पर सर्वे के बाद सेवादल अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, छानबीन समिति के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री, प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया को सौंपेगा।
माना जा रहा है कि सेवादल की रिपोर्ट पर काफी ध्यान टिकट वितरण के समय दिया जाएगा। क्योंकि सेवादल अपना सर्वे आम जनता के बीच करने जा रही है। लेकिन यह तो मतगणना के दिन ही पता चलेगा कि सेवादल का सर्वे कितना ‘कारगर’ साबित हुआ।
JULY 19 (WTN) – मध्य प्रदेश में लगातार 15 सालों से सत्ता से दूर कांग्रेस इस बार जीतने के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहती है। इस बार कांग्रेस ने उन प्रत्याशियों को ही टिकट देने का निर्णय लिया है जिनका जनता के बीच अच्छा जनाधार हो। कहा जा रहा है कि गुटबाजी से दूर टिकट वितरण में ऐसे प्रत्याशी को तरजीह दी जाएगी जिसकी जनता में छवि अच्छी हो। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस में कई 'सर्वे' चल रहे हैं, इसी क्रम में कांग्रेस सेवादल प्रदेश की सभी 230 सीटों पर एक 'गोपनीय सर्वे' करने जा रहा है।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, सेवादल ने सभी 230 विधानसभा सीटों पर पर्यवेक्षक भेजने की तैयारी कर ली है। कहा जा रहा है कि ये पर्यवेक्षक कांग्रेस नेताओं या कार्यकर्ताओं से नहीं, बल्कि ‘आम नागरिकों’ से मुलाकात कर उनसे ही कांग्रेस के जीतने वाली प्रत्याशी का नाम पूछेंगे। सेवादल की तरफ से पूरी कोशिश की जा रही है कि पर्यवेक्षकों के नाम के बारे में कांग्रेस नेताओं को पता नहीं चले।
पूरी 230 सीटों पर सर्वे के बाद सेवादल अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, छानबीन समिति के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री, प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया को सौंपेगा।
माना जा रहा है कि सेवादल की रिपोर्ट पर काफी ध्यान टिकट वितरण के समय दिया जाएगा। क्योंकि सेवादल अपना सर्वे आम जनता के बीच करने जा रही है। लेकिन यह तो मतगणना के दिन ही पता चलेगा कि सेवादल का सर्वे कितना ‘कारगर’ साबित हुआ।