पाकिस्तान में कल चुनाव, बलूचिस्तान के लोगों ने किया बहिष्कार
Tuesday - July 24, 2018 12:07 pm ,
Category : WTN HINDI
बलूच लोगों ने लगाए पाकिस्तान पर ‘गम्भीर’ आरोप
JULY 24 (WTN) – भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में कल यानि 25 जुलाई को आम चुनावों के लिए वोटिंग होगी। भारत के लिहाज़ से पाकिस्तान के चुनाव काफी महत्वपूर्ण हैं कि कौन सी पार्टी जीतेगी? और कौन पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनेगा? बुरे आर्थिक दौर से गुजर रहे पाकिस्तान में इस बार के चुनाव भविष्य के लिए पाकिस्तान की ‘दशा’ और ‘दिशा’ तय कर देंगे।
सालों से पाकिस्तान में अपने ‘अधिकारों’ का मांग करने वाले बलूचिस्तान के लोगों से इस बार कई बलूच कार्यकर्ताओं ने आम चुनावों का बहिष्कार करने की अपील की है। बलूच कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पाकिस्तान, बलूचिस्तान के लोगों के ‘नरसंहार’ के लिए ज़िम्मेदार है।
कई बलूच कार्यकर्ताओं ने बलूचिस्तान के लोगों से 25 जुलाई को पाकिस्तान के आम चुनावों का ‘बहिष्कार’ करने की गुज़ारिश की है। विश्व बलूच महिला फोरम की अध्यक्ष, नाएला कादरी बलूच का कहना है, “पाकिस्तान द्वारा हमारे स्वतन्त्र और सम्प्रभु देश पर कब्ज़ा कर लिया गया है, और पाकिस्तान सभी अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर रहा है।“
इतना ही नहीं, नाएला कादरी बलूच ने कहा, “पाकिस्तान बलूच लोगों के नरसंहार के लिए ज़िम्मेदार है। यह दिखाने के लिए कि बलूच के लोग उनकी संसदीय प्रक्रिया का हिस्सा हैं, वे बलपूर्वक गांवों को विस्थापित करते हुए उनसे वोट डलवाने के लिए ‘बलपूर्वक’ सेना के शिविरों में ले जा रहे हैं, लेकिन बलूच के लोग पाकिस्तान का हिस्सा बनना नहीं चाहते हैं।“
इधर, बलूच वॉयस एसोसिएशन के अध्यक्ष मुनीर मेंगल का कहना है कि, “पाकिस्तान की सेना द्वारा चुनावों को इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस और मिलिट्री इंटेलिजेंस जैसे संगठनों के ज़रिये से छेड़ा जाता है। बलूचिस्तान के लोग चुनाव प्रक्रिया से पहले ही निराश हैं, क्योंकि बलूचिस्तान में यह एक साफ़ तौर पर एक चयन प्रक्रिया है।“
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में कल वोटिंग होगी। पाकिस्तान की नेशनल एसेम्बली के लिए 3,675, और प्रांतीय विधानसभाओं के लिए 8,895 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। पाकिस्तान के चुनाव में इस बार कश्मीर मुद्दा उतना ख़ास नहीं है, जितना की चीन के साथ सम्बन्ध हैं। माना जा रहा है कि सीपीईसी का मुद्दा पाकिस्तान के चुनाव में इस बार सभी पार्टियों के लिए सबसे अहम है।
JULY 24 (WTN) – भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में कल यानि 25 जुलाई को आम चुनावों के लिए वोटिंग होगी। भारत के लिहाज़ से पाकिस्तान के चुनाव काफी महत्वपूर्ण हैं कि कौन सी पार्टी जीतेगी? और कौन पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनेगा? बुरे आर्थिक दौर से गुजर रहे पाकिस्तान में इस बार के चुनाव भविष्य के लिए पाकिस्तान की ‘दशा’ और ‘दिशा’ तय कर देंगे।
सालों से पाकिस्तान में अपने ‘अधिकारों’ का मांग करने वाले बलूचिस्तान के लोगों से इस बार कई बलूच कार्यकर्ताओं ने आम चुनावों का बहिष्कार करने की अपील की है। बलूच कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पाकिस्तान, बलूचिस्तान के लोगों के ‘नरसंहार’ के लिए ज़िम्मेदार है।
कई बलूच कार्यकर्ताओं ने बलूचिस्तान के लोगों से 25 जुलाई को पाकिस्तान के आम चुनावों का ‘बहिष्कार’ करने की गुज़ारिश की है। विश्व बलूच महिला फोरम की अध्यक्ष, नाएला कादरी बलूच का कहना है, “पाकिस्तान द्वारा हमारे स्वतन्त्र और सम्प्रभु देश पर कब्ज़ा कर लिया गया है, और पाकिस्तान सभी अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर रहा है।“
इतना ही नहीं, नाएला कादरी बलूच ने कहा, “पाकिस्तान बलूच लोगों के नरसंहार के लिए ज़िम्मेदार है। यह दिखाने के लिए कि बलूच के लोग उनकी संसदीय प्रक्रिया का हिस्सा हैं, वे बलपूर्वक गांवों को विस्थापित करते हुए उनसे वोट डलवाने के लिए ‘बलपूर्वक’ सेना के शिविरों में ले जा रहे हैं, लेकिन बलूच के लोग पाकिस्तान का हिस्सा बनना नहीं चाहते हैं।“
इधर, बलूच वॉयस एसोसिएशन के अध्यक्ष मुनीर मेंगल का कहना है कि, “पाकिस्तान की सेना द्वारा चुनावों को इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस और मिलिट्री इंटेलिजेंस जैसे संगठनों के ज़रिये से छेड़ा जाता है। बलूचिस्तान के लोग चुनाव प्रक्रिया से पहले ही निराश हैं, क्योंकि बलूचिस्तान में यह एक साफ़ तौर पर एक चयन प्रक्रिया है।“
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में कल वोटिंग होगी। पाकिस्तान की नेशनल एसेम्बली के लिए 3,675, और प्रांतीय विधानसभाओं के लिए 8,895 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। पाकिस्तान के चुनाव में इस बार कश्मीर मुद्दा उतना ख़ास नहीं है, जितना की चीन के साथ सम्बन्ध हैं। माना जा रहा है कि सीपीईसी का मुद्दा पाकिस्तान के चुनाव में इस बार सभी पार्टियों के लिए सबसे अहम है।