मध्य प्रदेश सरकार और जूनियर डॉक्टर्स के बीच ‘अहम’ की लड़ाई जारी
Thursday - July 26, 2018 3:35 pm ,
Category : WTN HINDI
सरकार ने दिखाई ‘सख़्ती’, हमीदिया अस्पताल में 6 बर्ख़ास्त
JULY 26 (WTN) – मध्य प्रदेश में जूनियर डॉक्टर्स और सरकार के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई जारी है। एक बड़े घटनाक्रम में भोपाल में हमीदिया प्रशासन ने नर्स एसोसिएशन अध्यक्ष और उपाध्यक्ष समेत 6 लोगों को बर्ख़ास्त कर दिया है। इधर, हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल जारी है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हाईकोर्ट ने जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल को अवैध ठहरा दिया है, लेकिन दूसरी तरफ़ जूनियर डॉक्टर्स अपनी मांगें पूरी होने तक हड़ताल करने के मूड़ में दिख रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ वे सरकार से बातचीत करने के पक्ष में भी हैं।
जूनियर डॉक्टर्स के साथ हड़ताल पर गईं भोपाल और इन्दौर की नर्सों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है। लेकिन भोपाल में हमीदिया प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए नर्स एसोसिएशन अध्यक्ष धनराज नागर सहित भावना पटैया, साज़िद खान, वैशाली हिरनखेरे, रविन्द्र सिंह और सुनीता ज्योंजारे को बर्ख़ास्त कर दिया है। इधर, ग्वालियर और जबलपुर में मेडिकल स्टाफ ने काम पर आने से मना कर दिया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राज्य सरकार ने जूनियर डॉक्टर्स और पैरा मेडिकल स्टाफ के हड़ताल पर जाने की सूचना लगते ही एस्मा लगा दिया था, जिसके बाद हड़ताल पर गए जूनियर डॉक्टर्स पर कड़ी कार्रवाई करते हुए शासन ने जूडा के प्रदेश अध्यक्ष को बर्ख़ास्त तक कर दिया था।
सरकार के कड़े कदम उठाए जाने के बाद भी जूडा हड़ताल के फ़ैसले पर अड़ी हुई है, हालांकि जूनियर डॉक्टर्स सरकार से चर्चा के लिए तैयार हैं। जूनियर डॉक्टर्स का कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं तो वे हाईकोर्ट की फुल बेंच या सुप्रीम कोर्ट में मामला ले जाएंगे।
JULY 26 (WTN) – मध्य प्रदेश में जूनियर डॉक्टर्स और सरकार के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई जारी है। एक बड़े घटनाक्रम में भोपाल में हमीदिया प्रशासन ने नर्स एसोसिएशन अध्यक्ष और उपाध्यक्ष समेत 6 लोगों को बर्ख़ास्त कर दिया है। इधर, हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल जारी है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हाईकोर्ट ने जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल को अवैध ठहरा दिया है, लेकिन दूसरी तरफ़ जूनियर डॉक्टर्स अपनी मांगें पूरी होने तक हड़ताल करने के मूड़ में दिख रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ वे सरकार से बातचीत करने के पक्ष में भी हैं।
जूनियर डॉक्टर्स के साथ हड़ताल पर गईं भोपाल और इन्दौर की नर्सों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है। लेकिन भोपाल में हमीदिया प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए नर्स एसोसिएशन अध्यक्ष धनराज नागर सहित भावना पटैया, साज़िद खान, वैशाली हिरनखेरे, रविन्द्र सिंह और सुनीता ज्योंजारे को बर्ख़ास्त कर दिया है। इधर, ग्वालियर और जबलपुर में मेडिकल स्टाफ ने काम पर आने से मना कर दिया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राज्य सरकार ने जूनियर डॉक्टर्स और पैरा मेडिकल स्टाफ के हड़ताल पर जाने की सूचना लगते ही एस्मा लगा दिया था, जिसके बाद हड़ताल पर गए जूनियर डॉक्टर्स पर कड़ी कार्रवाई करते हुए शासन ने जूडा के प्रदेश अध्यक्ष को बर्ख़ास्त तक कर दिया था।
सरकार के कड़े कदम उठाए जाने के बाद भी जूडा हड़ताल के फ़ैसले पर अड़ी हुई है, हालांकि जूनियर डॉक्टर्स सरकार से चर्चा के लिए तैयार हैं। जूनियर डॉक्टर्स का कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं तो वे हाईकोर्ट की फुल बेंच या सुप्रीम कोर्ट में मामला ले जाएंगे।