सिर्फ़ दो घण्टे में भोपाल से इन्दौर का सफ़र!
Thursday - July 26, 2018 5:06 pm ,
Category : WTN HINDI
प्रतीकात्मक फ़ोटो
एक्सप्रेस-वे के लिए राज्य सरकार करेगी भूमि अधिग्रहण
JULY 26 (WTN) – मध्य प्रदेश का पहला एक्सप्रेस-वे भोपाल-इन्दौर के बीच बनने जा रहा है। राज्य सरकार ने इसके लिए सड़क विकास निगम को रूट का सर्वे करने को कहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सड़क विकास निगम ही यह तय करेगा कि सड़क कहां से गुजरेगी। इस परियोजना के लिए निजी ज़मीन का अधिग्रहण और मुआवज़ा राज्य सरकार देगी, जबकि बाकी लागत केन्द्र सरकार वहन करेगी।
केन्द्र सरकार इस परियोजना को सैद्धांतिक सहमति इस शर्त के साथ दे चुकी है कि भूमि अधिग्रहण का काम राज्य सरकार को करना होगा, जिसके बाद सड़क बनाने की लागत केन्द्र सरकार वहन करेगी। चुंकि राज्य सरकार को निजी भूमि का अधिग्रहण करके मुआवजा बांटना है तो सरकार की कोशिश है कि ऐसे रास्ते का चयन किया जाए जहां पर कि निजी भूमि कम से कम हो।
मध्य प्रदेश का पहला एक्सप्रेस-वे बिल्कुल सीधा होगा जिसमें कोई भी घुमाव नहीं होगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक्सप्रेस-वे तक पहुंचने के रास्ते सीमित होते हैं, यानि कुछ निर्धारित जगहों से ही वाहन एक्सप्रेस-वे पर पहुंचते हैं। कोई दूसरी सड़क एक्सप्रेस-वे से होकर ना गुज़रती है और ना ही इससे जुड़ती है, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। यदि भोपाल-इन्दौर एक्सप्रेस-वे बन गया तो भोपाल से इन्दौर की दूरी सिर्फ दो घण्टे में तय हो सकेगी।
सरकार ने इस एक्सप्रेस-वे के लिए तीन हज़ार करोड़ रुपयों का बजट रखा है। यह सड़क भोपाल के 11 मील, कोलार और भौंरी क्षेत्र से होते हुए इन्दौर एअरपोर्ट तक जाएगी। यदि तय समय में भोपाल-इन्दौर एक्सप्रेस-वे बन गया तो भोपाल से इन्दौर आने-जाने वाले यात्रियों के लिए समय और ईंधन की बचत होगी।
JULY 26 (WTN) – मध्य प्रदेश का पहला एक्सप्रेस-वे भोपाल-इन्दौर के बीच बनने जा रहा है। राज्य सरकार ने इसके लिए सड़क विकास निगम को रूट का सर्वे करने को कहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सड़क विकास निगम ही यह तय करेगा कि सड़क कहां से गुजरेगी। इस परियोजना के लिए निजी ज़मीन का अधिग्रहण और मुआवज़ा राज्य सरकार देगी, जबकि बाकी लागत केन्द्र सरकार वहन करेगी।
केन्द्र सरकार इस परियोजना को सैद्धांतिक सहमति इस शर्त के साथ दे चुकी है कि भूमि अधिग्रहण का काम राज्य सरकार को करना होगा, जिसके बाद सड़क बनाने की लागत केन्द्र सरकार वहन करेगी। चुंकि राज्य सरकार को निजी भूमि का अधिग्रहण करके मुआवजा बांटना है तो सरकार की कोशिश है कि ऐसे रास्ते का चयन किया जाए जहां पर कि निजी भूमि कम से कम हो।
मध्य प्रदेश का पहला एक्सप्रेस-वे बिल्कुल सीधा होगा जिसमें कोई भी घुमाव नहीं होगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक्सप्रेस-वे तक पहुंचने के रास्ते सीमित होते हैं, यानि कुछ निर्धारित जगहों से ही वाहन एक्सप्रेस-वे पर पहुंचते हैं। कोई दूसरी सड़क एक्सप्रेस-वे से होकर ना गुज़रती है और ना ही इससे जुड़ती है, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। यदि भोपाल-इन्दौर एक्सप्रेस-वे बन गया तो भोपाल से इन्दौर की दूरी सिर्फ दो घण्टे में तय हो सकेगी।
सरकार ने इस एक्सप्रेस-वे के लिए तीन हज़ार करोड़ रुपयों का बजट रखा है। यह सड़क भोपाल के 11 मील, कोलार और भौंरी क्षेत्र से होते हुए इन्दौर एअरपोर्ट तक जाएगी। यदि तय समय में भोपाल-इन्दौर एक्सप्रेस-वे बन गया तो भोपाल से इन्दौर आने-जाने वाले यात्रियों के लिए समय और ईंधन की बचत होगी।