...तो महंगाई के लिए हो जाइये तैयार!
Saturday - July 28, 2018 12:38 pm ,
Category : WTN HINDI
ट्रक ऑपरेटर्स की हड़ताल से हाहाकार, किराना दुकानों में बचा सिर्फ़ 50 प्रतिशत स्टॉक
JULY 28 (WTN) – मध्य प्रदेश समेत पूरे देश में चल रही ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल का असर अब दिखने लगा है। 20 जुलाई से लगातार चल रही ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल के कारण कई शहरों में थोक और फुटकर किराना दुकानों में सामान का स्टॉक सिर्फ़ 50 प्रतिशत तक रह गया है। आने वाले दिनों में हालात और भी ख़राब हो सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक, पिछले कई दिनों से चल रही ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल के कारण थोक व्यापारी फुटकर व्यापारियों को सामान उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। व्यापारियों के मुताबिक फिलहाल स्टॉक होने से अभी इसका सीधा असर ग्राहकों पर नहीं पड़ा है, लेकिन आने वाले दिनों में दाल-चावल और तेल की सप्लाई ना हो पाने के कारण दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
लेकिन वहीं, ट्रक ऑपरेटर्स की हड़ताल का सब्जी और फलों की आवक पर कुछ ख़ास असर नहीं पड़ा है। दरअसल, कुछ ट्रांसपोर्टर्स में आपसी फूट होने के कारण सब्जियों और फलों की आवक जारी है। लेकिन, इसी तरह हड़ताल चलती रही, तो सब्जी व फलों की आवक भी गिर सकती है, जिससे पूरे प्रदेश में महंगाई बढ़ जाएगी।
किराना और फल-सब्जी ही नहीं, ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल के कारण पूरा बाज़ार ही बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। ट्रक मालिकों की हड़ताल से थोक बाज़ार से लेकर फुटकर बाज़ार में भी दाम बढ़ गए हैं। रोज़ ट्रांसपोर्ट पर निर्भर रहने वाले व्यापारियों का व्यापार इस हड़ताल से काफ़ी प्रभावित हुआ है।
इधर, ट्रक ऑपरेटर्स की हड़ताल के बाद अब अनाज व्यापारियों ने भी हड़ताल शुरू कर दी है। अनाज व्यापारियों का तर्क है कि ट्रक ऑपरेटर्स की हड़ताल के कारण वे मण्डियों से अपने माल को बाहर नहीं भेज पा रहे हैं। जिससे उनके पास माल रखने के लिए जगह नहीं है।
यदि जल्द ही ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल ख़त्म नहीं हुई, तो थोक और फुटकर व्यापारियों का स्टॉक धीरे-धीरे ख़त्म होने लगेगा जिससे महंगाई काफी बढ़ जाएगी। ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल का सबसे ज़्यादा असर किराना व्यापारियों पर पड़ा है। किराना व्यापारियों ने जल्द ही हड़ताल ख़त्म करने की अपील ट्रक ऑपरेटर्स से की है।
JULY 28 (WTN) – मध्य प्रदेश समेत पूरे देश में चल रही ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल का असर अब दिखने लगा है। 20 जुलाई से लगातार चल रही ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल के कारण कई शहरों में थोक और फुटकर किराना दुकानों में सामान का स्टॉक सिर्फ़ 50 प्रतिशत तक रह गया है। आने वाले दिनों में हालात और भी ख़राब हो सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक, पिछले कई दिनों से चल रही ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल के कारण थोक व्यापारी फुटकर व्यापारियों को सामान उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। व्यापारियों के मुताबिक फिलहाल स्टॉक होने से अभी इसका सीधा असर ग्राहकों पर नहीं पड़ा है, लेकिन आने वाले दिनों में दाल-चावल और तेल की सप्लाई ना हो पाने के कारण दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
लेकिन वहीं, ट्रक ऑपरेटर्स की हड़ताल का सब्जी और फलों की आवक पर कुछ ख़ास असर नहीं पड़ा है। दरअसल, कुछ ट्रांसपोर्टर्स में आपसी फूट होने के कारण सब्जियों और फलों की आवक जारी है। लेकिन, इसी तरह हड़ताल चलती रही, तो सब्जी व फलों की आवक भी गिर सकती है, जिससे पूरे प्रदेश में महंगाई बढ़ जाएगी।
किराना और फल-सब्जी ही नहीं, ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल के कारण पूरा बाज़ार ही बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। ट्रक मालिकों की हड़ताल से थोक बाज़ार से लेकर फुटकर बाज़ार में भी दाम बढ़ गए हैं। रोज़ ट्रांसपोर्ट पर निर्भर रहने वाले व्यापारियों का व्यापार इस हड़ताल से काफ़ी प्रभावित हुआ है।
इधर, ट्रक ऑपरेटर्स की हड़ताल के बाद अब अनाज व्यापारियों ने भी हड़ताल शुरू कर दी है। अनाज व्यापारियों का तर्क है कि ट्रक ऑपरेटर्स की हड़ताल के कारण वे मण्डियों से अपने माल को बाहर नहीं भेज पा रहे हैं। जिससे उनके पास माल रखने के लिए जगह नहीं है।
यदि जल्द ही ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल ख़त्म नहीं हुई, तो थोक और फुटकर व्यापारियों का स्टॉक धीरे-धीरे ख़त्म होने लगेगा जिससे महंगाई काफी बढ़ जाएगी। ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल का सबसे ज़्यादा असर किराना व्यापारियों पर पड़ा है। किराना व्यापारियों ने जल्द ही हड़ताल ख़त्म करने की अपील ट्रक ऑपरेटर्स से की है।