मध्य प्रदेश में बंगला सियासत!
Sunday - July 29, 2018 4:22 pm ,
Category : WTN HINDI
दिग्विजय सिंह को ‘छोड़कर’ तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को शुल्क के साथ सरकारी बंगला आवंटित
JULY 28 (WTN) - मध्य प्रदेश की सियायत में एक बार फिर से ‘घमासान’ मचा हुआ है। मामला है पूर्व मुख्यमंत्रियों को भोपाल में आवंटित सरकारी आवास का। दरअसल, राज्य सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को छोड़, बाकी तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों कैलाश जोशी, उमा भारती और बाबूलाल गौर को गणमान्य नागरिक की श्रेणी में मौजूदा बंगले ही आवंटित कर दिए हैं, लेकिन अब तीनों को बंगलों में रहने के लिए बाकायदा किराया देना होगा।
भाजपा के तीनों ही पूर्व मुख्यमंत्रियों को तो शुल्क देने के बाद बंगला आवंटित हो गया है, लेकिन मामला तब गर्मा गया जब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के मुख्य सचिव को लिखे पत्र पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक दिग्विजय सिंह ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर स्टाफ के लिए दफ़्तर की मांग की है। लेकिन, सूत्रों के मुताबिक दिग्विजय के पत्र पर सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है इसलिए सियासत तेज़ हो गई है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर गृह विभाग ने आवास आवंटन के आदेश जारी कर दिए हैं। वो इसलिए क्योंकि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर फ़ैसला सुनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्रियों को निशुल्क आजीवन सरकारी आवास की सुविधा के प्रावधान को अवैधानिक करार दिया था, और एक महीने में कार्यवाही करने के आदेश दिए थे।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बीच राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। दिग्विजय सिंह का आरोप है कि शिवराज सिंह ने उन्हें देशद्रोही कहा है। शिवराज सिंह का दिग्विजय सिंह को कथित तौर से देशद्रोही कहना, और अब सरकारी बंगला आवंटित नहीं करने का मुद्दा मध्य प्रदेश की राजनीति में गर्माया हुआ है।
JULY 28 (WTN) - मध्य प्रदेश की सियायत में एक बार फिर से ‘घमासान’ मचा हुआ है। मामला है पूर्व मुख्यमंत्रियों को भोपाल में आवंटित सरकारी आवास का। दरअसल, राज्य सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को छोड़, बाकी तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों कैलाश जोशी, उमा भारती और बाबूलाल गौर को गणमान्य नागरिक की श्रेणी में मौजूदा बंगले ही आवंटित कर दिए हैं, लेकिन अब तीनों को बंगलों में रहने के लिए बाकायदा किराया देना होगा।
भाजपा के तीनों ही पूर्व मुख्यमंत्रियों को तो शुल्क देने के बाद बंगला आवंटित हो गया है, लेकिन मामला तब गर्मा गया जब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के मुख्य सचिव को लिखे पत्र पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक दिग्विजय सिंह ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर स्टाफ के लिए दफ़्तर की मांग की है। लेकिन, सूत्रों के मुताबिक दिग्विजय के पत्र पर सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है इसलिए सियासत तेज़ हो गई है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर गृह विभाग ने आवास आवंटन के आदेश जारी कर दिए हैं। वो इसलिए क्योंकि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर फ़ैसला सुनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्रियों को निशुल्क आजीवन सरकारी आवास की सुविधा के प्रावधान को अवैधानिक करार दिया था, और एक महीने में कार्यवाही करने के आदेश दिए थे।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बीच राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। दिग्विजय सिंह का आरोप है कि शिवराज सिंह ने उन्हें देशद्रोही कहा है। शिवराज सिंह का दिग्विजय सिंह को कथित तौर से देशद्रोही कहना, और अब सरकारी बंगला आवंटित नहीं करने का मुद्दा मध्य प्रदेश की राजनीति में गर्माया हुआ है।