मध्य प्रदेश के सभी सात शासकीय आयुर्वेद कॉलेजों को मिली मान्यता
Monday - July 30, 2018 10:28 am ,
Category : WTN HINDI
नीट और यूजी की मेरिट लिस्ट के आधार पर होगी काउंसलिंग
JULLY 30 (WTN) – भोपाल के पण्डित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद कॉलेज समेत मध्य प्रदेश के सभी सात शासकीय आयुर्वेद कॉलेजों को 2018-19 के सत्र के लिए मान्यता मिल गई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सेन्ट्रल काउन्सिल ऑफ़ इण्डियन मेडिसिन यानि सीसीआईएम के निरीक्षण के आधार पर केंद्र सरकार ने इन कॉलेजों को मान्यता दी है।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक जिन कॉलेजों को मान्यता मिली हैं इनके नाम हैं, खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद कॉलेज (भोपाल), शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद कॉलेज (उज्जैन), शासकीय अष्टांग आयुर्वेद कॉलेज (इंदौर), शासकीय आयुर्वेद कॉलेज (जबलपुर), शासकीय आयुर्वेद कॉलेज (ग्वालियर), शासकीय आयुर्वेद कॉलेज (रीवा) और शासकीय आयुर्वेद कॉलेज (बुरहानपुर)।
मान्यता मिलने के बाद अब इन कॉलेजों में बीएएमएस की 400 सीटों पर एडमिशन के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। वहीं निजी आयुर्वेद कॉलेजों की मान्यता आना बाकी है। जानकारी के मुताबिक सभी 54 आयुष कॉलेजों की मान्यता पर फ़ैसला होने के बाद काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। नीट और यूजी की मेरिट सूची के आधार पर इन कॉलेजों में प्रवेश दिये जाएंगे।
JULLY 30 (WTN) – भोपाल के पण्डित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद कॉलेज समेत मध्य प्रदेश के सभी सात शासकीय आयुर्वेद कॉलेजों को 2018-19 के सत्र के लिए मान्यता मिल गई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सेन्ट्रल काउन्सिल ऑफ़ इण्डियन मेडिसिन यानि सीसीआईएम के निरीक्षण के आधार पर केंद्र सरकार ने इन कॉलेजों को मान्यता दी है।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक जिन कॉलेजों को मान्यता मिली हैं इनके नाम हैं, खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद कॉलेज (भोपाल), शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद कॉलेज (उज्जैन), शासकीय अष्टांग आयुर्वेद कॉलेज (इंदौर), शासकीय आयुर्वेद कॉलेज (जबलपुर), शासकीय आयुर्वेद कॉलेज (ग्वालियर), शासकीय आयुर्वेद कॉलेज (रीवा) और शासकीय आयुर्वेद कॉलेज (बुरहानपुर)।
मान्यता मिलने के बाद अब इन कॉलेजों में बीएएमएस की 400 सीटों पर एडमिशन के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। वहीं निजी आयुर्वेद कॉलेजों की मान्यता आना बाकी है। जानकारी के मुताबिक सभी 54 आयुष कॉलेजों की मान्यता पर फ़ैसला होने के बाद काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। नीट और यूजी की मेरिट सूची के आधार पर इन कॉलेजों में प्रवेश दिये जाएंगे।