मध्य प्रदेश में मॉब लीचिंग की घटनाएं रोकने ‘स्पेशल टीम’
Tuesday - July 31, 2018 11:21 am ,
Category : WTN HINDI
हर ज़िले के एसपी रहेंगे नोडल अधिकारी, डीएसपी रैंक के अधिकारी के कमान में बनेगी स्पेशल टीम
JULY 31 (WTN) – मॉब लीचिंग यानि की भीड़ द्वारा हत्या को रोकने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस ने एक स्पेशल टीम का गठन किया है। जानकारी के मुताबिक पुलिस मुख्यालय से सभी ज़िलों के एसपी को दिशा-निर्देश इस सम्बन्ध में जारी कर दिये गये हैं। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक सभी ज़िलों के पुलिस अधीक्षकों को इसमें नोडल अधिकारी बनाया गया है।
मॉब लीचिंग की घटनाओं को रोकने के लिए ज़िले में जो स्पेशल टीम गठित की जाएगी उसका कमान डीएसपी रैंक के अधिकारी के पास होगी। इतना ही नहीं, मॉब लीचिंग की घटनाओं को रोकने के लिए बाकायदा एक गाइनलाइन भी बनाई गई है। इसी गाइड लाइन के आधार पर स्पेशल टीम इस तरह की घटनाओं को रोकने का प्रयास करेगी।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश के छिन्दवाड़ा और सिंगरौली ज़िलों में मॉब लीचिंग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं में दो लोगों की जान जा चुकी है। जिसके बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने मॉब लीचिंग की घटनाओं क सीरियस लेते हुए एक स्पेशल टीम के गठन का फ़ैसला लिया है।
JULY 31 (WTN) – मॉब लीचिंग यानि की भीड़ द्वारा हत्या को रोकने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस ने एक स्पेशल टीम का गठन किया है। जानकारी के मुताबिक पुलिस मुख्यालय से सभी ज़िलों के एसपी को दिशा-निर्देश इस सम्बन्ध में जारी कर दिये गये हैं। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक सभी ज़िलों के पुलिस अधीक्षकों को इसमें नोडल अधिकारी बनाया गया है।
मॉब लीचिंग की घटनाओं को रोकने के लिए ज़िले में जो स्पेशल टीम गठित की जाएगी उसका कमान डीएसपी रैंक के अधिकारी के पास होगी। इतना ही नहीं, मॉब लीचिंग की घटनाओं को रोकने के लिए बाकायदा एक गाइनलाइन भी बनाई गई है। इसी गाइड लाइन के आधार पर स्पेशल टीम इस तरह की घटनाओं को रोकने का प्रयास करेगी।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश के छिन्दवाड़ा और सिंगरौली ज़िलों में मॉब लीचिंग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं में दो लोगों की जान जा चुकी है। जिसके बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने मॉब लीचिंग की घटनाओं क सीरियस लेते हुए एक स्पेशल टीम के गठन का फ़ैसला लिया है।